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WWW क्या है? इसकी विशेषताएं और इतिहास

आप सभी तो जानते ही हैं कि आज का समय पूरी तरीके से आधुनिकता में बदलते जा रहा है। जैसे-जैसे लोगों की जरूरते बढ़ती जा रही है। वैसे-वैसे आधुनिकता के माध्यम से नए-नए आविष्कार किए जा रहे हैं। आज के समय में पूरी दुनिया में इंटरनेट का विस्तार भारी मात्रा में हो चुका है और इंटरनेट के अंतर्गत ऐसे बहुत सारे उपयोगी आविष्कार किए गए हैं। जो कि लोगों के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो रहा है। इन्हीं अविष्कारों में से एक WWW है।

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आप सभी ने कई सारे वेबसाइट के नाम के सामने में www लिखा हुआ जरूर देखा होगा, परंतु क्या आप जानते हैं कि WWW होता क्या है। यदि आप नहीं जानते तो हमारे इस आर्टिकल के अंत तक जरूर बनें रहे। क्योंकि आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के अंतर्गत WWW होता क्या है और इससे जुड़े हुए संपूर्ण प्रकार की जानकारियों के बारे में बताएंगे। तो चलिए इस विषय के बारे में विस्तार से जानते हैं।

WWW क्या है (What is World Wide Web in Hindi)

WWW का फुल फॉर्म वर्ल्ड वाइड वेब होता है और इसे W3 और वेब के नाम से भी जाना जाता है। यह इंटरनेट का एक सेवा होता है। जिसके अंतर्गत भारी मात्रा में डॉक्यूमेंट और इंफॉर्मेशन का समूह मौजूद होता है। यह सभी डॉक्यूमेंट हाइपरटेक्स्ट के जरिए आपस में जुड़े हुए होते हैं। WWW के अंतर्गत एचटीएमएल डॉक्यूमेंट और वेब रिसोर्स को यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर (URL) के माध्यम से आईडेंटिफाई किया जाता है।

WWW के अंतर्गत मौजूद सारे डाक्यूमेंट्स को इंटरनेट के माध्यम से Access किया जाता है। इंटरनेट और वर्ल्ड वाइड वेब आपस में जुड़े हुए होते हैं। यह दोनों एक दूसरे पर निर्भर होता है। बिना इंटरनेट के वर्ल्ड वाइड वेब को एक्सेस नहीं किया जा सकता है। वर्ल्ड वाइड वेब के अंतर्गत जितने भी Information और Documents मौजूद होते हैं। वह सभी Link के रूप में होते हैं और लोगों की जरूरत के अनुसार सर्च इंजन और वेब ब्राउज़र के माध्यम से लोगों को प्रदर्शित करता है।

वर्ल्ड वाइड वेब एचटीएमएल, एचटीटीपी, वेब सर्वर, इत्यादि पर कार्य करता है। जिसके माध्यम से ही पूरे दुनिया भर का कंप्यूटर एक दूसरे से जुड़ा हुआ है। वर्ल्ड वाइड वेब में मौजूद वेब डाक्यूमेंट्स और Information को एचटीएमएल के माध्यम से लिखा जाता है। जिसके अंतर्गत इमेज, ऑडियो, वीडियो, टेक्स्ट इत्यादि को एक फॉर्मेट में रखा जाता है। वर्ल्ड वाइड वेब के अंतर्गत बहुत सारे Information को वेबसाइट के रूप में स्टोर करके रखा जाता है और सभी वेबसाइट के नाम को उसका यूआरएल भी कहा जाता है और इसी यूआरएल कोर्ड के माध्यम से लोग अपनी जरूरत के Information और Documents को इंटरनेट, सर्च इंजन और वेब ब्राउज़र के माध्यम से सर्च करके उपयोग करते हैं।

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WWW का इतिहास (History of WWW in Hindi)

WWW को दुनिया में पहली बार टीम बर्नर्स ली द्वारा बनाया गया है। 1989 में सबसे पहले बर्नर्स ली ने www पर काम करना शुरू किया था। उस समय इन्होंने www का नाम ‘http’ दिया था। जब इसकी शुरुआत हुई थी। तब इसके बारे में ज्यादातर लोगों को पता नहीं था। उसके बाद 1991 तक www दुनिया के ज्यादातर हिस्सों तक पहुंच गया था।

WWW को दुनिया के हर एक कोने में पहुंचाने का पूरा पूरा श्रेय टीम बर्नर्स ली को जाता है। बर्नर्स ली को W3C के डायरेक्टर भी माना जाता था। इन्होंने ही हाइपरटेक्स्ट को भी Develop किया था। इसके अलावा भी इन्होंने कम्युनिकेशन करने की टेक्निक और बहुत सारे वेबपेज को आपस में लिंक करने की टेक्निक का भी इन्वेंट किया था।

WWW कैसे काम करता है (How to Work WWW in Hindi)

अब तक आप सब समझ ही गए होंगे कि वर्ल्ड वाइड वेब होता क्या है, तो आब जानते हैं कि वर्ल्ड वाइड वेब काम कैसे करता है।

वर्ल्ड वाइड वेब वेब सर्वर, वेब ब्राउज़र, वेब पेज, वेबसाइट, हाइपरटेक्स्ट, एचटीटीपी, इत्यादि के माध्यम से कार्य करता है। वर्ल्ड वाइड वेब के अंतर्गत मौजूद सारे पेज का एक ही यूनिक आईपी एड्रेस और यूआरएल कोड होता है। जिसे डोमेन नेम के नाम से भी जाना जाता है।

जब भी कोई यूजर अपनी जरूरत के अनुसार वेब डॉक्यूमेंट को ओपन करना चाहता है तो उसके लिए हम सब एक एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं। जिसे सर्च इंजन या फिर वेब ब्राउज़र के नाम से जाना जाता है। जब भी आप किसी डॉक्यूमेंट के डोमेन नेम जैसे कि – www.internet.com को वेब ब्राउज़र के सर्च इंजन पर लिखते हैं। जिसे यूआरएल के नाम से भी जाना जाता है और वेब सर्वर पर मौजूद जितने भी डोमेन नेम हैं उन सभी का आईपी एड्रेस होता है।

तो इस तरह से जब भी हम डोमेन नेम के माध्यम से किसी भी डॉक्यूमेंट को सर्च करते हैं। तब ब्राउज़र उस डॉक्यूमेंट को डोमेन नेम के माध्यम से वर्ल्ड वाइड वेब में ढूंढने का रिक्वेस्ट भेजता है। फिर वेब सर्वर उस डॉक्यूमेंट को आईपी ऐड्रेस में कन्वर्ट कर देता है, और जब आईपी ऐड्रेस सर्वर पर मैच कर जाता है तो वह डॉक्यूमेंट पेज को ब्राउज़र के पास भेज देता है जो कि आपको आपके कंप्यूटर डिस्प्ले और मोबाइल पर शो होता है। तो इस तरह से वर्ल्ड वाइड वेब के माध्यम से आपके रिक्वेस्ट को आप तक पहुंचाया जाता है।

वर्ल्ड वाइड वेब मुख्य रूप से चार टेक्नोलॉजी के माध्यम से कार्य करता है जोकि यूआरएल, वेब ब्राउजर, एचटीटीपी, और एचटीएमएल होता है। इन चारों के बिना वर्ल्ड वेब कार्य ही नहीं कर सकता है।

WWW की विशेषताएं (Features of WWW in Hindi)

वर्तमान समय में वर्ल्ड वाइड वेब का विस्तार पूरी दुनिया में हो चुका है। वर्ल्ड वाइड वेब की काफी सारी विशेषताएं मौजूद है। जो कि लोगों के लिए काफी ज्यादा उपयोगी साबित होते हैं। तो चलिए उन्हीं में से कुछ विशेषताओं के बारे में हम विस्तार पूर्वक जानते हैं।

1.Hypertext information system:-

आप सभी तो जानते ही हैं कि वेब सर्वर के अंतर्गत बहुत सारे इंफॉर्मेशन मौजूद होते हैं। जिनमें टैक्स, ग्राफिक, साउंड, इमेजेस, इत्यादि शामिल होते हैं और इन्हीं सभी को आपस में जोड़े रखने का कार्य हाइपरटेक्स्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम के अंतर्गत किया जाता है।

2.Distributed:-

इंटरनेट के अंतर्गत बहुत सारे इंफॉर्मेशन मौजूद होते हैं और वह सभी इंफॉर्मेशन एक वेबसाइट के रूप में स्टोर रहते हैं। और वर्ल्ड वाइड वेब के अंतर्गत बहुत सारी वेबसाइट ऐसी भी होती हैं। जो कि दूसरे वेबसाइट से आपस में जुड़ी हुई होती है। तो इस तरह से कोई भी यूजर एक वेबसाइट को खोलकर दूसरे वेबसाइट से आसानी से जुड़ सकता है। और इसी को डिसटीब्युटेड सिस्टम कहा जाता है।

3.Graphical interface:-

आप सभी ने बहुत बार इंटरनेट के माध्यम से अलग अलग इंफॉर्मेशन के बारे में जाने की कोशिश तो की ही होगी, तो आपने देखा हि होगा कि वेबसाइट के अंतर्गत मौजूद इंफॉर्मेशन में टैक्स के अलावा ग्राफिक, वीडियो, साउंड, इत्यादि चीजें भी मौजूद होती हैं। और इन सभी चीजों को डॉक्यूमेंट के अंतर्गत समावेश करने के लिए ग्राफिकल इंटरफेस सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है।

FAQ:-

1. WWW क्या है?

उत्तर:- वर्ल्ड वाइड वेब इंटरनेट की एक सेवा है जिसके अंतर्गत बहुत सारे डाक्यूमेंट्स और इंफॉर्मेशन हाईपरडेक्स लिंक के माध्यम से जुड़े हुए होते हैं, जिसे इंटरनेट के माध्यम से एक्सेस किया जाता है।

2. WWW का आविष्कार किसने किया?

उत्तर:- वर्ल्ड वाइड वेब का आविष्कार टीम बर्नर्स ली ने 1991 में किया था।

3. WWW कार्य कैसे करता है?

उत्तर:- वर्ल्ड वाइड वेब के अंतर्गत बहुत सारे इंफॉर्मेशन वेबसाइट के रूप में स्टोर रहते हैं और जब भी कोई युजर वेब ब्राउज़र के माध्यम से वेबसाइट का डोमेन नेम के द्वारा रिक्वेस्ट भेजता है तो सर्वर यूजर के रिक्वेस्ट को सर्च करके वेब ब्राउज़र पर भेज देता है। जो की यूजर के मोबाइल फोन पर शो हो जाता है।

4. WWW की विशेषताएं क्या है?

उत्तर:- वर्ल्ड वाइड वेब की निम्नलिखित विशेषताएं हैं:-

  • Hypertext information system
  • Distributed
  • Graphical interface
  • Web browser, etc.

5. WWW लोगों के लिए कैसे उपयोगी साबित होता है?

उत्तर:- वर्ल्ड वाइड वेब लोगों को दुनिया से जुड़े हुए सभी तरह के इंफॉर्मेशन के बारे में जानकारी प्रदान करने में उपयोगी साबित होता है।

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