Software क्या है? इसकी परिभाषा, प्रकार और कार्य

इस लेख में हमने Software की पूरी जानकारी शेयर किया है। जिसमें हमने बताया है कि Software क्या है, Software की परिभाषा, Software का कार्य, Software कैसे काम करता है, Software के प्रकार और Software कैसे बनाते हैं। यदि आपको Software के बारे में ऊपर बताए गए निम्न में से किसी भी एक की जानकारी नहीं है। तब आप इस लेख को पढ़कर वह जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अगर आपको Software की थोड़ी बहुत भी जानकारी नहीं है। तब आप इस लेख को शुरू से अंत तक जरूर पढ़ें। इससे आपको Software की पूरी जानकारी प्राप्त होगी।

अगर आपको Computer की थोड़ी बहुत भी जानकारी होगी। तब आप जरूर जानते होंगे कि Computer दो भागों से मिलकर बना है। एक भाग को Hardware और दूसरे को Software कहते हैं। इन दोनो के आपस में काम करने से ही एक Computer सुचारू रूप से कार्य करता है। इन दोनो में से किसी भी एक भाग के बिना Computer कार्य नहीं कर सकता है। Computer के भौतिक भाग को Hardware कहा जाता है। इसे देख सकते हैं, छू सकते हैं और महसूस भी कर सकते हैं।

अगर आपने कभी Computer चलाया होगा। या फिर कभी Computer को देखा भी होगा। तब आप Computer के जिस जिस Parts को देखते हैं। उसे Hardware कहते हैं। जैसे; Monitor, Keyboard, Mouse, CPU इत्यादि। लेकिन क्या आप जानते हैं कि Software क्या है और कैसे काम करता है। चूंकि Computer के इस भाग (Software) को न तो देख सकते हैं, न छू सकते हैं और ना ही महसूस कर सकते हैं। इसलिए Computer के सामान्य Users जिन्हें Computer की ज्यादा जानकारी नहीं होती है। वो लोग सोचते हैं Hardware यानी जिसे वे सिर्फ देख पाते हैं। वही Computer होता है।

लेकिन ऐसा बिलकुल भी नहीं है। बिना Software के Hardware सिर्फ डब्बा समान होता है। फिर क्या आपने कभी सोचा है कि Software क्या है, Software कैसा होता है, Software कहां होता है, Software क्या काम करता है। आपने ऐसा सोचा हो या नहीं! अगर आप Software की पूरी जानकारी चाहते हैं। तब इस लेख को अंत तक पढ़ें। चलिए पहले जानते हैं कि Software क्या है और Computer में Software की क्या भूमिका है। अगर आपको Hardware की भी जानकारी नहीं है। तब इस लेख को पढ़ सकते हैं-

Software क्या है? (What is Software in Hindi)

Software प्रोग्रामों का समूह (Collection) है। जिसमें Computer से कार्य करवाने के लिए निर्देश दिए जाते हैं। यानी Software निर्देशों का भी समूह (Collection) होता है। जिसे Programming Language में लिखा जाता है। इसलिए इसे प्रोग्रामों का समूह कहते हैं। Software का हिंदी अर्थ क्रमानुदेश होता है। जिसका मतलब Programming Instructions से है। Software का कार्य Computer को संचालित करने लायक बनाना होता है। Hardware जो कि Computer का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यह भी Software के अनुसार कार्य करते हैं। एक Hardware में बहुत सारे Software का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसी कारण Computer से बहुत सारे कार्य किए जाते हैं। जैसे एक ही Computer से हम गाना भी सुन सकते हैं, विडियो भी देख सकते हैं, गेम भी खेल सकते हैं और Calculation भी कर सकते हैं। यानी एक यंत्र से अनेक काम। Computer में जितने भी कार्य करते हैं। वो सभी कार्य किसी ना किसी Software की मदद से ही करते है और प्रत्येक कार्य के लिए एक अलग Software की आवश्यकता होती है। जैसे; गाना सुनने के लिए एक अलग Software की जरूरत होती है, वहीं गेम खेलने के लिए अलग Software और Calculation के लिए Calculation Software की आवश्यकता होती है।

Computer या Mobile में उपयोग किए जाने वाले Application जिसे संक्षिप्त मे App (ऐप) बोलते हैं। यह भी एक प्रकार का Software ही है। Software को न तो देख सकते हैं, न छू सकते हैं और ना ही अनुभव कर सकते हैं। क्योंकि यह भौतिक भाग (Physical Part) नहीं है। इसे आप एक अभासी के रुप में सिर्फ समझ सकते हैं। लेकिन बिना Software के Computer कार्य नहीं कर सकता है। जैसे; आप इस लेख को पढ़ने के लिए भी किसी Software (जैसे; Web Browser) का उपयोग कर रहे होंगे। तब थोड़ा सोचिए क्या Web Browser के बिना इस लेख को पढ़ सकते हैं। या फिर क्या आप Music Software के बिना Computer में Music सुन सकते हैं। नहीं ना!

इसी बात से आप Computer में Software के महत्व को समझ सकते हैं। बिना Software Computer मृत व्यक्ति के समान होता है। जो कुछ नहीं करता है। चूँकि Programming Language से Software लिखा या बनाया जाता है। Programming Language विभिन्न प्रकार के होते हैं। जैसे; C/C++, Java, Python आदि। हालांकि Computer सिर्फ Machine Language ही समझता है। इसके अलावा और किसी भी Language को नहीं समझता है। इसलिए इन Programming Language को Interpreter या Compiler की सहायता से Machine Language में बदल दिया जाता है। तब इसे Computer समझता है।

Software की परिभाषा (Definition of Software in Hindi)

Programming Language में लिखे गए निर्देशों (Instructions) या प्रोग्रामों के समूह को Software कहा जाता है। इसका कार्य Computer को और उसके अन्य पार्ट्स को कार्यशील बनाना है। यह Computer को बताता है कि उसे क्या और कैसे करना है। Software पूरी तरह से Hardware के अलग होता है। फिर भी एक दूसरे के पूरक होते हैं। किसी एक बिना Computer काम नहीं कर सकता है।

जैसा कि ऊपर हमने बताया है कि Software प्रोग्रामों या निर्देशों का समूह होता है। जिसे Programming Language में लिखा जाता है। Programming Language को Computer Language भी कहा जाता है। यह Hardware से भिन्न और एक दूसरे के पूरक होते हैं। पूरक कहने का मतलब है कि किसी एक के बिना Computer काम नहीं करेगा। काम करने के लिए दोनो का होना जरूरी है। Software का कार्य Computer को कार्यशील बनाना और Computer को बताना है कि उन्हें करना क्या है। इसके कार्य को नीचे विस्तारपूर्वक जानेंगे।

Software का कार्य (Functions of Software in Hindi)

Computer में Software का कार्य महत्वपूर्ण होता है। यही पूरे Computer को संचालित करता है। Computer Hardware भी Software के आधार पर ही कार्य करता है। Software का मुख्य कार्य Data Process करना एवं Computer User और Computer के बीच Interface Provide कराना होता है। इसमें Computer के लिए निर्देश दिया जाता है। जिसके अनुसार Computer कार्य करता है। कूल मिलाकर Software ही Computer को कार्य करने लायक बनाता है।

इसीलिए कहा जाता है कि बिना Software के Computer मृत समान कोई कार्य नहीं करता है। Software को Computer Language के द्वारा बनाया जाता है। अगर आप जानना चाहते हैं कि Software कैसे बनाते हैं। तब इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें। क्योंकि अंत में मैंने बताया है कि Software कैसे बनाते हैं।

Software कैसे काम करता है?

जैसा कि हमने बताया है कि Computer सिर्फ Machine Language को समझता है। वहीं Software में Instructions होते हैं। जिसके अनुसार Computer कार्य करता है। लेकिन अगर हम Software में Instructions अपने Language (जैसे; हिंदी और अंग्रेजी आदि) में देते हैं। तब वह Instructions को Computer समझ नहीं पता है। क्योंकि Computer को हिंदी और अंग्रेजी भाषा समझ नहीं आता है। इसलिए जो Language Computer समझता है। उसी Language में Software में Instructions दिया जाता है और उसे तैयार किया जाता है।

इसलिए Software को Machine Language में बनाना पड़ता है। लेकिन Machine Language को समझना हमारे लिए एक कठिन कार्य होता है। इसलिए समय के साथ Computer Language में विकास किया गया। जिसके फलस्वरूप Assembly Language और High Level Programming Language विकसित हुआ। ये दोनो Language को Computer Language कहा जाता है। ये Computer Language Machine Language की तुलना में आसान होता है। सबसे आसान High Level Programming Language है।

इसलिए अब Software को High Level Programming Language से बनाया जाता है और इसी Language से Instructions दिया जाता है। लेकिन Computer High Level Language को भी सीधे नहीं समझता है। क्योंकि इसे सिर्फ Machine Language आता है। इसलिए High Level Programming Language को सबसे पहले Compiler की मदद से Compile किया जाता है। इस प्रक्रिया को Compiling कहते हैं। Compiling में High Level Language Machine Language में बदल जाता है। इस तरह Computer High Level Language में बने Software को समझता है।

Software के प्रकार (Types of Software in Hindi)

जैसा कि ऊपर हमने बताया है कि बिना Software के बिना Computer कोई कार्य नहीं कर सकता है। Computer से कुछ भी कार्य करने के लिए Software की आवश्यकता होती है। हम Computer का उपयोग विभिन्न कार्यों के लिए करते हैं और सभी प्रकार के कार्य सिर्फ एक Software की मदद से नहीं किए जा सकते हैं। इसलिए प्रत्येक कार्य के जरुरत के अनुसार बहुत सारे Software बनाए गए हैं और भी बनाया जा सकता है। इन Software को मुख्य रुप से तीन प्रकार में विभाजित किया गया है। जो कि निम्नलिखित है –

  1. System Software
  2. Application Software
  3. Programming Software

Software के प्रत्येक प्रकार का अपना अलग कार्य होता है। इसलिए यह भी कह सकते हैं कि Software के इन प्रकार को कार्य के हिसाब से बांटा गया है। चलिए इन्हें और इनके कार्य को विस्तार से जानते हैं

1. System Software क्या है? (What is System Software in Hindi)

Computer के मूलभूत कार्यों को संभालने वाले Software को System Software कहते हैं। System Software का मुख्य कार्य Hardware घटकों को मैनेज और नियंत्रित करना होता है। ताकि Application Software अपना कार्य ठीक तरह से कर सके। System Software ही Computer में जान डालता है। Operating System, Loader, Device Driver, Translator आदि System Software का मुख्य उदाहरण है। किसी Computer System का उपयोग करने के लिए उसमें System Software का होना जरूरी होता है। जैसे; Computer का इस्तेमाल करने के लिए Computer में Microsoft Windows, Mac जैसे System Software होता है। जो कि System के On होने के बाद हमेशा Background में कार्य करता रहता है। इसके बिना Computer शुरू भी नहीं होता है।

2. Application Software क्या है? (What is Application Software in Hindi)

Application Software ऐसे प्रोग्रामों का समूह (Set of Program) होता है। जो हमारे Computer पर आधारित कार्य को करने के लिए उपयोग किया जाता है। आवश्यकता अनुसार एक Computer में भिन्न-भिन्न कार्य करने के लिए भिन्न-भिन्न Application Software होते हैं। एक Computer में वेतन की गणना के लिए, लेन देन का हिसाब रखने के लिए, बिक्री का हिसाब लगाने के लिए, विडियो देखने के लिए, ऑडियो देखने के लिए और गेम खेलने इत्यादि कार्यों के लिए लिखे गए प्रोग्राम Application Software कहलाते हैं। Application Software को सिर्फ Application या संक्षेप में App (ऐप) भी बोलते हैं। जैसे; अगर आप कभी Computer में गेम खेलते होंगे। तब गेम खेलने के लिए आप जिस Software का इस्तेमाल करते हैं। वह एक Application Software की श्रेणी में आता है। Application Software को उपयोगिता के आधार पर निम्न दो भागों में बांटते हैं।

1. Special Application Software

वह Application Software जो किसी विशेष कार्य को करने में सक्षम होता है उसे Special Application Software कहते हैं। इसे विशेष कार्य को करने के लिए ही बनाया जाता है। जैसे; मौसम विज्ञान, वायुयान नियंत्रण, टिकट आरक्षण आदि कार्यों के लिए Special Application Software ही इस्तेमाल होता है।

2. General Application Software

वह Application Software जो सामान्य कार्यों में इस्तेमाल होता है। उसे General Application Software कहते हैं। इसे कोई भी इस्तेमाल कर सकता है। हम लोग सामान्य कार्य (जैसे; कॉल करने, गेम खेलने, गाना सुनने आदि) में General Application का ही इस्तेमाल करते हैं। यानी General Application Software का उपयोग रोजमर्रा के कार्यों को करने के लिए किया जाता है।

3. Programming Software क्या है? (What is Programming Software in Hindi)

Computer Programmer को Programming करने में सहायता करने वाले Software को Programming Software कहते हैं। इसका उपयोग Computer Programmer आमतौर पर Programming लिखने में मदद के लिए उपकरण के तौर पर करते हैं। जैसे; Text Editor, Compiler, Debugger, Interpreter इत्यादि Programming Softwares हैं।

Software को Programming Language के द्वारा बनाया जाता है। Program में त्रुटि होने पर गलत या अनुपयुक्त परिणाम उत्पन्न होते हैं। जिसे Programmer Bug (बग) कहते हैं। Software के Programmer में Bug ढूंढने की प्रक्रिया Debugging कहलाता है।

System Software और Application Software में अंतर (System Software vs Application Software in Hindi)

बहुत सारे लोग System Software और Application Software में अंतर को समझ नहीं पाते हैं। इसलिए इंटरनेट पर “System Software और Application Software में अंतर को बताइए” सर्च करते हैं। वैसे मैं System Software और Application Software क्या है? बताया है। इससे आप इन दोनो के बीच के अंतर को समझ सकते हैं।

किंतु अगर फिर भी इन दोनो के बीच के अंतर को समझने में समस्या है या फिर असमर्थ हैं। तब आपके लिए इसके अंतर को बताया गया है।

  1. System Software कंप्यूटर के मूल कार्यों को करता है। जबकि Application Software कंप्यूटर के विशिष्ट कार्यों को करता है।
  2. System Software कंप्यूटर सिस्टम में चालू करने से लेकर बंद करने तक सक्रिय होता है। जबकि Application Software का उपयोग करने तक सक्रिय रहता है।
  3. System Software कंप्यूटर सिस्टम को चलने लायक बनाता है। जबकि Application Software कंप्यूटर सिस्टम को विभिन्न प्रकार के कार्य लायक बनाता है।
  4. System Software को Low Level Language में बनाया जाता है। जबकि Application Software को High Level Language में बनाया जाता है।
  5. System Software का उदाहरण ऑपरेटिंग सिस्टम, लोडर आदि होता है। जबकि Application Software का उदाहरण माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, फोटोशॉप आदि होता है।

Software कैसे बनाते हैं?

Software बनाना थोड़ा कठिन कार्य है। क्योंकि इसके लिए Programming Language का ज्ञान होना जरूरी होता है। लेकिन High Level Programming के कारण Software बनाना पहले से आसान हो गया है। Programming Language भी एक Language ही है। लेकिन इसे Computer के लिए Design किया गया है। जैसे; C, C++, Java इत्यादि। अगर आपको Programming Language की जानकारी है। आपको Programming Language आता है। तब तो आप Software बना ही सकते हैं। लेकिन अगर Programming Language नहीं आता है। तब Software बनाने के लिए आपको Programming Language सीखने की जरूरत होगी। आमतौर पर प्रोग्राम लिखने वाले व्यक्ति को Computer Programmer, Developer, Software Engineer इत्यादि कहते है।

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Software की उपयोगिता

ऊपर हमने Software के बारे में बहुत कुछ बताया है। इससे आपको Software के बहुत सी जानकारी प्राप्त हो गया होगा। लेकिन अभी भी आप सोचते होंगे कि Software का इस्तेमाल सिर्फ Computer या फिर Smartphone पर होता है। तब आप बिल्कुल गलत हैं। आज Software का इस्तेमाल बहुत सारे उपकरणों में किया जाता है। नीचे हमने कुछ ऐसे उपकरण या यंत्र का नाम बताया है। जो Software का उपयोग करता है। इससे आपको यह Idea हो जाएगा कि Software का इस्तेमाल किसी भी उपकरण में कर सकते हैं।

  1. Computer
  2. Mobile
  3. Watch
  4. Smart TV
  5. Car
  6. Server
  7. Database
  8. ATM
  9. Refrigerator

Software Update और Software Upgrade में अंतर

हमलोग हमेशा अपने कंप्यूटर सिस्टम या फोन में Update और Upgrade नाम सुनते रहते हैं। अगर आप Smartphone User हैं। तब तो आप इनका नाम अक्सर सुनते होंगे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनो के बीच क्या अंतर होता है। बहुत सारे लोग Software Update और Software Upgrade में अंतर नहीं समझ पाते हैं। इसलिए यहाँ हमने Software Upgrade और Software Upgrade के बारे में कुछ बताया है। जिससे आप इन दोनो के बीच के अंतर को समझ पाएंगे।

जब किसी Software में छोटा बदलाव होता है। तब हम उसे Software Update का नाम देते हैं। इस Updating का Size बहुत कम (KB में कभी कभी MB) होता है। इसे हमेशा समय-समय पर किया जाता है। Software Update मुख्य रूप से Bug Fixes, Security Patches, Adding Support for drivers and newer hardware के लिए होता है।

लेकिन Software Upgrade एक Software में बड़ा बदलाव होता है। इसका Size बहुत बड़ा होता है। Software Upgrade से Software पूरी तरह से बदल जाता है। इसके Version में भी बदलाव हो जाता है। जैसे; विंडोज 7 से विंडोज 10 या फिर विंडोज 10 से विंडोज 11 पर Switch करना, Software Upgrade कहलाता है।

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Conclusion – What is Software in Hindi

इस लेख में Software की पूरी जानकारी शेयर किया गया है। जिसमें बताया गया है कि Software क्या है, Software का कार्य, Software कैसे काम करता है, Software के प्रकार, System Software क्या है, Application Software क्या है, Programming Software क्या है, Software कैसे बनाते हैं, Software की उपयोगिता और भी Software की बहुत सारी जानकारी बताया गया है। हम उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपको पसंद आया होगा और Software क्या है कि पूरी जानकारी प्राप्त हो गया होगा। फिर भी अगर आपके मन में Software संबंधित कोई सवाल है। तब कमेंट के जरिए आप अपना सवाल पूछ सकते हैं। हम आपके सवाल का जवाब जल्द देंगे।

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