कंप्यूटर क्या है? जानें हिंदी में

आपने कंप्यूटर का नाम तो सुना ही होगा। आज भारत में कंप्यूटर का उपयोग पिछले कुछ सालों के मुकाबले अधिक हो गया है। इसके पोपुलर होने का एक कारण सारे कार्यों को कंप्यूटरीकृत करना भी है।

आज लगभग सभी कार्यों को घर बैठे कंप्यूटर के द्वारा किया जा सकता है। कंप्यूटर का उपयोग इसी तरह से बढ़ता ही जाऐगा। अब तो किसी प्रकार के जॉब के लिए भी कंप्यूटर के जानकार होना आवश्यक हो गया है।

अगर आप किसी कंपनी या किसी सरकारी नौकरी के लिए अप्लाई करते हैं तो इसमें आपके कंप्यूटर का सर्टिफिकेट भी देना होता है। ऐसा करने से जॉब मिलने की संभावना अधिक होती है।

अगर आप एक छात्र या छात्रा हैं तब तो अनिवार्य रुप से कंप्यूटर सीख लेना चाहिए। क्योंकि किसी सरकारी नौकरी के लिए कंप्यूटर साक्षर होना आवश्यक है। आज सभी कार्य को कंप्यूटरीकृत कर दिया गया है।

इस कारण से दैनिक कार्य जैसे; शॉपिंग करना, रिचार्ज करना, रिजल्ट देखना, पढ़ाई, संचार, मनोरंजन जैसी बहुत से दैनिक कार्य आज घर बैठे किया जा सकता है। यह सब कंप्यूटर के द्वारा ही संभव हो पाया है।

इसलिए हर किसी को कंप्यूटर का जानकार होना चाहिए। कंप्यूटर के द्वारा हर कोई अपने कार्य को आसानी से कर सकता है। अगर आप कंप्यूटर साक्षर होना चाहते हैं। कंप्यूटर के जानकार होना चाहते हैं। इसके लिए Gyanveda ब्लॉग आपका स्वागत करता है।

यहाँ से आप कंप्यूटर की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस लेख में हम कंप्यूटर की पूरी जानकारी जानने वाले हैं।

कंप्यूटर क्या है?

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है। जो तिव्र गति से कार्य करता है और कोई गलती भी नहीं करता है। इसकी क्षमता सीमित होती है। इसका नाम अंग्रेजी के कम्प्यूट (Compute) शब्द से बना है। कम्प्यूट शब्द का अर्थ गणना करना होता है।

कंप्यूटर बहुत सारे डेटा को इकट्ठा व सूचनाओं को Process करता है। कंप्यूटर एक यंत्र है जो डेटा ग्रहण करता है व सॉफ्टवेयर या प्रोग्राम के अनुसार किसी परिणाम के लिए Process करता है।

आम भाषा में बोले तो कंप्यूटर एक मनुष्य की तरह ही कार्य करता है। इसके पास भी दिमाग होता है। किन्तु मनुष्य गलती कर सकता है और कंप्यूटर कोई गलती नहीं करता है। कंप्यूटर की स्मरण शक्ति मनुष्य की तुलना में उच्च होती है।

कंप्यूटर सिर्फ वही कार्य कर सकता है। जो इसके प्रोग्राम में दिया गया हो। उसके अलावा यह कोई कार्य नहीं कर सकता है। इसलिए इसकी क्षमता निश्चित होता है और इसीलिए कंप्यूटर की क्षमता सीमित बताया गया है।

कंप्यूटर का फुल फॉर्म

कंप्यूटर (Computer) एक अंग्रेजी शब्द है। इसे हिन्दी में संगणक कहते हैं। इसे अभिकलक यंत्र (Programmable Machine) भी कहते हैं। इसलिए इसका अन्य नाम अभिकलित्र भी है।

अगर बात कंप्यूटर के फुल फॉर्म की करें तो कंप्यूटर अंग्रेजी के कुल आठ अक्षरों से मिलकर बना हैं। प्रत्येक अक्षरों के अर्थ को देखा जाए तो कंप्यूटर (Computer) शब्द के अर्थ को और अधिक व्यापक बनाता है।

C- Commonly (कॉमनली)
O- Operated (ऑपरेटेड)
M- Machine (मशीन)
P- Particularly (पर्टिक्युलर्ली)
U- Used for (यूस्ड फॉर)
T- Technical (टेक्निकल)
E- Education and (एजुकेशन एण्ड)
R- Research (रिसर्च)

कंप्यूटर के फुल फॉर्म से कंप्यूटर के कार्य और इसके उपयोग संबंधित जानकारी को विस्तार से समझ सकते है।

कंप्यूटर के पार्ट्स

कंप्यूटर दो भाग सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर से मिलकर बना एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है। जिन्हें देख या छू सकते हैं उसे हार्डवेयर तथा जिसे देख या छू नहीं सकते उसे सॉफ्टवेयर कहते हैं। सॉफ्टवेयर एक निर्देश या प्रोग्राम होते हैं जो हार्डवेयर को बताते हैं कि करना क्या है।

कंप्यूटर के हार्डवेयर भी बहुत सारे से भाग से मिलकर बना होता है। यहाँ हम डेस्कटॉप कंप्यूटर में उपयोग होने वाले कंप्यूटर के भाग (Parts) को जानेंगे।

  1. इनपुट डिवाइस

कंप्यूटर को उपयोगकर्ता के द्वारा निर्देश देने के लिए कंप्यूटर के जिस भाग का उपयोग किया जाता है उसे इनपुट डिवाइस कहते हैं। जैसे:- की-बोर्ड, माउस, माइक्रोफोन इत्यादि।

  1. प्रोसेसिंग डिवाइस

कंप्यूटर को उपयोगकर्ता द्वारा दिए गए निर्देश को कंप्यूटर जिस भाग से उस निर्देश के लिए परिणाम तय करता है उसे प्रोसेसिंग डिवाइस कहते हैं। जैसे:- CPU, Processor आदि।

  1. स्टोरेज डिवाइस

कंप्यूटर का वह भाग जो निर्देशों, सुचनाओं तथा आँकड़ों को स्टोर करता है उसे स्टोरेज डिवाइस कहते हैं। आम भाषा में स्टोरेज डिवाइस को मेमोरी कहते हैं। जैसे:- Hard Disk Drive, DVD Drive आदि।

  1. आउटपुट डिवाइस

कंप्यूटर को उपयोगकर्ता द्वारा दिए गए निर्देश को कंप्यूटर उपयोगकर्ता को जिस डिवाइस के द्वारा परिणाम देता है उसे आउटपुट डिवाइस कहते हैं। जैसे:- मॉनिटर, स्पीकर, प्रिंटर इत्यादि।

कंप्यूटर काम कैसे करता है?

कंप्यूटर को काम करने के लिए सबसे पहले कंप्यूटर के प्रोग्राम में निर्देश दिया गया होता है। कंप्यूटर को निर्देश देने के लिए खास भाषा का उपयोग किया जाता है जिसे कंप्यूटर भाषा (Computer Language) कहते हैं। इसे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज भी कहते है। इसके बाद कंप्यूटर काम करने लायक बनता है।

अब इसे तीन प्रक्रिया के द्वारा संचालित किया जाता है। पहला Input दुसरा Processing तथा अंत में Output होता है। इन्हीं तीनों के द्वारा कंप्यूटर को संचालित किया जाता है।

1. Input

पहली प्रक्रिया में Input के द्वारा कंप्यूटर को निर्देश (Instruction) दिया जाता है। कंप्यूटर के भौतिक भाग (Physical Part) को Input कहा जाता है। जैसे; की-बोर्ड, माउस, स्कैनर, माइक्रोफोन इत्यादि।

2. Processing

दुसरे प्रक्रिया में Processing होता है जो CPU के द्वारा संपन्न होता है। Input Device के द्वारा दिए गए निर्देश को CPU के द्वारा Process करता है।

3. Output

तीसरी प्रक्रिया में Input Device के द्वारा दिए गए निर्देश को Process कर कंप्यूटर प्रोग्राम में दिए गए निर्देश के अनुसार Output देता है।

कंप्यूटर काम कैसे करता है यह जान लिया है चलिए कंप्यूटर के उपयोग को जानते हैं। इसे किस किस क्षेत्र में उपयोग किया जाता है।

कंप्यूटर के प्रकार

अनुप्रयोग के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार

  1. एनालॉग कंप्यूटर

वे कंप्यूटर जो भौतिक मात्राओं की गणना करती है एनालॉग कंप्यूटर कहलाती है। एनालॉग कंप्यूटर तापमान, दाब, ऊँचाई, लम्बाई, इत्यादि को मापकर उनके परिमाप को अंको में व्यक्त करता है। जैसे:- थर्मामीटर

एनालॉग कंप्यूटर को मुख्य रूप से विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रयोग किया जाता है। क्योंकि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भौतिक मात्राओं का मापन अधिक होता है।

  1. डिजिटल कंप्यूटर

वे कंप्यूटर जो अंको की गणना करता है डिजिटल कंप्यूटर कहलाता है। डिजिटल कंप्यूटर बाइनरी नंबर सिस्टम के आधार पर कार्य करता है। बाइनरी नंबर दो अंक 0 और 1 को कहते हैं। आज डिजिटल कंप्यूटर काफी पोपुलर भी है। इसका उपयोग मुख्य रूप से शिक्षा, मनोरंजन, बैंकिंग, व्यापार इत्यादि में होता है।

  1. हाइब्रिड कंप्यूटर

जिनमें एनालॉग कंप्यूटर और डिजिटल कंप्यूटर दोनो के गुण होते हैं ऐसे कंप्यूटर को हाइब्रिड कंप्यूटर कहते हैं। हाइब्रिड कंप्यूटर अधिक गुणधर्मों वाले होते हैं। इसका मुख्य रूप से चिकित्सा के क्षेत्र में उपयोग किया जाता है। किसी का रक्तचाप, धड़कन आदि मापने के लिए हाइब्रिड कंप्यूटर का इस्तेमाल किया जाता है।

आकार के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार

  1. माइक्रो कंप्यूटर

माइक्रो कंप्यूटर में माइक्रो प्रोसेसर का प्रयोग किया जाता है इसलिए इस कंप्यूटर को माइक्रो कंप्यूटर कहते हैं। सामान्यतः यह दुसरे कंप्यूटर के तुलना में छोटा होता है। जिस कारण से इसे Study Table या Briefcase में रख सकते हैं।

इस कंप्यूटर की कार्य करने की क्षमता बड़े कंप्यूटर के समान होती है। किन्तु इस कंप्यूटर का आकार उनकी तुलना में छोटा होता है। इस कंप्यूटर का एक बार में एक ही व्यक्ति उपयोग कर सकता है। माइक्रो कंप्यूटर को पर्सनल कंप्यूटर (PC) कहते हैं तथा यह कंप्यूटर पाँच प्रकार के होता है। जो निम्न है-

  • डेस्कटॉप कंप्यूटर
  • लेपटॉप कंप्यूटर
  • पॉमटॉप कंप्यूटर
  • नोटबुक कंप्यूटर
  • टैबलेट कंप्यूटर

2. मिनी कंप्यूटर

मिनी कंप्यूटर Multiprocessing और Multiuser कंप्यूटर है। यह मध्य आकर के होते हैं। मिनी कंप्यूटर माइक्रो कंप्यूटर से कुछ बड़ा, अधिक गति तथा अधिक मेमोरी वाले होते हैं। इन कंप्यूटर में एक से अधिक सीपीयू (CPU) भी हो सकते हैं। ये कंप्यूटर माइक्रो कंप्यूटर से अधिक महंगे भी होते हैं। इन कंप्यूटर को सर्वर कंप्यूटर के लिए प्रयोग किया जाता है।

  1. मेनफ्रेम कंप्यूटर

मेनफ्रेम कंप्यूटर मिनी कंप्यूटर से भी अधिक क्षमता व गति वाले कंप्यूटर हैं। ये कंप्यूटर आकार में भी बहुत बड़े होते हैं। इन कंप्यूटर को सर्वर कंप्यूटर के लिए प्रयोग किया जाता है। इन कंप्यूटर में माइक्रो कंप्यूटर का उपयोग Client के तौर पर किया जाता है।

  1. सुपर कंप्यूटर

यह एक विशेष प्रकार के कंप्यूटर होते हैं। इनका प्रयोग विशेष कार्य के लिए होता है। सुपर कंप्यूटर दुनिया के सबसे तेज और बड़े कंप्यूटर होते हैं। सुपर कंप्यूटर सबसे महंगे होते हैं तथा भारत के प्रथम सुपर कंप्यूटर परम है।

उद्देश्य के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार

  1. सामान्य उद्देश्य कंप्यूटर

सामान्य उद्देश्य कंप्यूटर के द्वारा सामान्य कार्य किए जाते हैं। इस कंप्यूटर का उपयोग सामान्यतः दुकानों व घरों में किया जाता है। जैसे:- पत्र तैयार करना, दस्तावेज प्रिंट करना आदि।

  1. विशिष्ट उद्देश्य कंप्यूटर

विशिष्ट उद्देश्य कंप्यूटर के द्वारा विशेष कार्य किया जाता है। सामान्यतः इसका उपयोग मौसम विज्ञान, कृषि विज्ञान, युद्ध व अंतरिक्ष इत्यादि में किया जाता है।

कंप्यूटर का उपयोग

कंप्यूटर दिन पर दिन अधिक पोपुलर होते जा रहें हैं। व्यापार के क्षेत्र में इसका इस्तेमाल तेजी से हो रहा है। जिसकी वजह से मनुष्य का काम कंप्यूटर कर रहा है। इस वजह से कुछ बेरोजगार भी हो रहें हैं। उनका एक ही प्रश्न होता है “कंप्यूटर क्यों आवश्यक है”। अगर देखा जाए तो “कंप्यूटर आज की आवश्यकता है”।

जहाँ आज कंप्यूटर सभी कार्यों को बड़ी ही आसानी से करता है। जिस कारण इसका इस्तेमाल आज सभी क्षेत्र में किया जाता है। उपयोग होने वाले कुछ प्रमुख क्षेत्र निम्न है-

  1. शिक्षा के क्षेत्र में
  2. विज्ञान के क्षेत्र में
  3. रेलवे तथा वायुयान आरक्षण में
  4. बैंक में
  5. रक्षा के क्षेत्र में
  6. व्यापार के क्षेत्र में
  7. प्रशासन में
  8. चिकित्सा के क्षेत्र में
  9. संचार में
  10. प्रकाशन में
  11. मनोरंजन में

कम्प्यूटर के विशेषता

आज कंप्यूटर काफी पोपुलर हो गया है। इसके इतना पोपुलर होने का एक कारण इसके विशेषता भी हो सकते हैं तो चलिए जानते हैं इसके कुछ विशेषताओं को।

  1. यह तिव्र गति से कार्य करता है अर्थात समय की बचत होती है।
  2. यह त्रुटिरहित कार्य करता है यानी कोई गलती भी नहीं करता है।
  3. यह स्थायी तथा विशाल भंडारण की क्षमता की सुविधा देता है।
  4. यह पूर्व निर्धारित निर्देशों के अनुसार तिव्र निर्णय लेने में सक्षम है यानी इसके प्रोग्राम में जो आदेश देते हैं यह वही करता है।

कंप्यूटर के लाभ

कंप्यूटर के निम्नलिखित लाभ है।

  1. यह संचार का सबसे अच्छा माध्यम है।
  2. इससे किसी भी संसाधन को साझा करने में आसानी होती है।
  3. यह सभी प्रकार के फाइल को साझा करने की बेहतरीन मशीन है।
  4. इससे समय की बचत होती है।

कंप्यूटर के हानी

कंप्यूटर के निम्नलिखित हानी भी है।

  1. गलत तरीके से उपयोग करने पर समय की बर्बादी भी हो सकती है।
  2. इसकी वजह से ज्यादा भोजन खाना और मोटापा का बढ़ना।
  3. इससे शारीरिक गतिविधियों में कमी हो सकती है।
  4. लैपटॉप को जांघ पर रखकर प्रयोग करने से नपुंसक हो सकते है।

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तो ये थे कंप्यूटर के Basic भाग आशा करता हूँ कि यह जानकारी आपको पसंद आया होगा। यह लेख आपको कैसा लगा अपने विचार कमेंट बॉक्स के माध्यम से साझा कर सकते हैं।

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