कंप्यूटर वायरस क्या है? इसके प्रकार, कार्य और लक्षण

आज के इस लेख में कंप्यूटर वायरस की जानकारी पढ़ेंगे। यदि आप एक कंप्यूटर उपयोगकर्ता हैं। तब आपको कंप्यूटर वायरस की जानकारी होनी चाहिए। क्योंकि कंप्यूटर वायरस हमेशा से ही कंप्यूटर उपयोगकर्ताओं की समस्या रही है।

इससे निपटने के लिए हमेशा सतर्क रहना चाहिए। और इसके लिए कंप्यूटर वायरस को समझना बहुत जरूरी है। आज ज्यादातर काम कंप्यूटर से ही होता है। और यह दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जाएगा।

आज किसी भी काम को करने के लिए कहीं ना कहीं कंप्यूटर की मदद लेना पड़ता है। इससे आप सोच सकते हैं कि कंप्यूटर किस हद तक बढ़ता जा रहा है। इसमें कंप्यूटर वायरस सबसे बड़ी समस्या है। इसलिए इसे समझना बेहद जरूरी है।

इस लेख में हम बात कंप्यूटर वायरस की ही करने वाले हैं। तो अगर आप भी कंप्यूटर वायरस को जानना और समझना चाहते हैं। तो इस लेख को अंत जरूर पढ़ें। इस लेख में कंप्यूटर वायरस क्या है? इसके प्रकार, इतिहास, कार्य, लक्षण आदि बताया गया है।

जरुर पढ़ें: कंप्यूटर क्या है?

कंप्यूटर वायरस क्या है?

आपने कभी ना कभी वायरस का नाम जरूर सुना होगा। जो कि किसी भी जीव के लिए दुखदायी होता है। वायरस हमेशा क्षति करता है। जैसे अभी कोरोना वायरस (Covid-19) हम मनुष्यों के लिए बहुत अधिक दुखदायी है।

ठीक इसी तरह कंप्यूटर वायरस एक ऐसा प्रोग्राम या सॉफ्टवेयर होता है। जो कंप्यूटर को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से बनाया जाता है। इससे कंप्यूटर के सुचनाओं को नष्ट या चोरी किया जा सकता हैं। इसे Malicious Software Program भी कहते हैं।

यह छोटा प्रोग्राम होता है। जिसे विशेष कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के द्वारा तैयार किया जाता है। इसे जानबूझकर कंप्यूटर संचालन तरीको को बदलने और उन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए डिजाइन किया जाता है। यह हमारे जानकारी के बिना कंप्यूटर में प्रवेश कर कंप्यूटर को Infect कर सकते हैं।

जिसे ठीक कर पाना मुश्किल होता है। यह कभी कभी नामुमकिन भी हो सकता है। वायरस कंप्यूटर हार्ड डिस्क के बूट सेक्टर में पहुँचकर हार्ड डिस्क को धीमा कर देता है। कंप्यूटर में वायरस तब तक सक्रिय नहीं होता है। जब तक कि वायरस से जूड़े प्रोग्राम को चलाया ना जाए।

कंप्यूटर वायरस सक्रिय होने के बाद खुद को कंप्यूटर मेमोरी से जोड़ लेता है और फैलना शुरू हो जाता है। यह कंप्यूटर के कार्य प्रणाली में भी बाधा उत्पन्न करता है।

कंप्यूटर वायरस को हिंदी में क्या कहते हैं।

कंप्यूटर वायरस (Computer Virus) एक अंग्रेजी नाम है। जिसमें कंप्यूटर का हिंदी नाम संगणक तथा वायरस को हिंदी में विषाणु कहते हैं। इस तरह कंप्यूटर वायरस को हिंदी में संगणक विषाणु कह सकते हैं। अर्थात कंप्यूटर वायरस का हिंदी नाम संगणक विषाणु होता है। इसे बहुत से लोग कंप्यूटर विषाणु भी बोलते हैं।

Full Form: Virus का पूरा नाम Vital Information Resource Under Siege होता है।

कंप्यूटर वायरस के प्रकार

कंप्यूटर वायरस को Malware यानी Malicious Software कहते हैं। इसे कंप्यूटर को नुकसान पहुंचाने के लिए ही बनाया जाता है। प्रत्येक कंप्यूटर वायरस के व्यवहार के अनुसार इसे बहुत सारे प्रकार में बांट सकते हैं। यहाँ सिर्फ मुख्य कंप्यूटर वायरस के प्रकार को जानेंगे।

1. Boot Sector Virus

Boot Sector Virus एक प्रकार का कंप्यूटर वायरस है। यह वायरस मास्टर बूट रिकॉर्ड (MBR) को संक्रमित करता है। जिससे ऑपरेटिंग सिस्टम को लोड होने में बाधा उत्पन्न करता है। इसे निकालना बहुत मुश्किल होता है। इसके लिए कंप्यूटर सिस्टम को फॉर्मेट करना पड़ सकता है।

2. Browser Hijacker

Browse Hijacker भी एक कंप्यूटर वायरस है। यह वायरस कंप्यूटर उपयोगकर्ता के जानकारी के बिना वेब ब्राउजर के सेटिंग को बदल देता है। जिसके बाद वेब ब्राउजर Unwanted Advertisement और PopUp Show करता रहता है। इसके साथ ब्राउजर आपको अपने अनुसार किसी दुसरे Infected वेबसाइट पर पहुंचाता है।

3. Resident Virus

Resident Virus खुद को कंप्यूटर के Ram में Store रखता है। इन्हें Find या Identify करना मुश्किल होता है। जब ऑपरेटिंग सिस्टम लोड होता है। तब यह सक्रिय हो जाते हैं। इसके साथ अन्य फाइल और प्रोग्राम को Infect करना शुरू करते हैं।

4. Non-Resident Virus

Non-Resident Virus भी एक प्रकार का कंप्यूटर वायरस है। इसे Direct Action Virus भी कहा जाता हैं। ये किसी अन्य Specific Type के Files के साथ Attach होकर आता है। और कंप्यूटर मेमोरी में Hidden रहता है।

5. Macro Virus

Macro Virus कमांड का एक सेट होता है। जिसका उपयोग उस कमांड को दोहराने के लिए किया जाता है। Macro Virus माइक्रोसॉफ्ट वर्ड, एक्सेल, पावरप्वाॅइंट जैसी ऐप्लिकेशन सॉफ्टवेयर को संक्रमित करता है। इस वायरस को किसी डॉक्युमेंट फाइल से जोड़कर ई-मेल आदि के माध्यम से अन्य कंप्यूटर में प्रवेश कराया जाता है।

6. Partition Table Virus

यह भी एक प्रकार का कंप्यूटर वायरस है। यह कंप्यूटर हार्ड डिस्क के मास्टर बूट रिकॉर्ड को प्रभावित करता है। यह कंप्यूटर रैम की क्षमता को घटा देता है। इसके साथ इनपुट और आउटपुट में त्रुटि उत्पन्न करता है।

7. File infectors Virus

File Infectors Virus एक प्रकार कंप्यूटर वायरस है। जो कि किसी Infected Files के साथ Attach होकर कंप्यूटर में आते हैं। आमतौर पर File infectors Virus .exe और .com जैसी फाइल के साथ आता है। यह वायरस ई-मेल Attach File के साथ आने की संभावना अधिक होती है। इसके सक्रिय होने के बाद कंप्यूटर को धीमा करने के साथ अन्य दुर्भावनापुर्ण कार्य करता है।

8. Polymorphic Virus

Polymorphic Virus दुसरे वायरस से बिलकुल अलग होता है। इसे किसी साधारण Anti-Malware या Anti-Virus के द्वारा पहचानना कठिन होता है। क्योंकि यह खुद के Copies बनाता रहता है। फिर भी यदि कोई Anti-Virus इस Virus को Detect करता है। तब यह खुद को Modify भी कर लेता है। जो कि पहले वाले से बिलकुल अलग होता है। इस तरह इसे ढूंढना या पकड़ना बिलकुल मुश्किल होता है।

9. Multipartite Virus

Multipartite Virus को तेजी से फैलने वाला कंप्यूटर वायरस माना जाता है। यह कंप्यूटर सिस्टम को Multiple Ways से Affect करता है। यह वायरस कंप्यूटर के Boot Sector और Executable Files दोनो को एक ही समय में प्रभावित कर सकता है। इसलिए इसे अन्य कंप्यूटर वायरस की तुलना में अधिक घातक वायरस माना जाता है।

10. Overwrite Virus

यह वायरस कंप्यूटर के लिए बहुत खतरनाक होता है। यदि यह कंप्यूटर में आ जाता है। तब यह बिना फाइल्स के आकार बदले उसे पूरी तरह से बदल सकता है। यह कंप्यूटर सिस्टम के फाइल को Malicious Code में बदल सकता है और Delete भी कर सकता है। इसे कंप्यूटर सिस्टम में पहचानना भी बहुत मुश्किल होता है।

कंप्यूटर वायरस के इतिहास

दुनिया का सबसे पहला कंप्यूटर वायरस क्रीपर नामक वायरस को माना जाता है। जिसे Robert Thomas ने वर्ष 1971 में BBN Technology में काम करते वक्त Develop किया था। जब इंटरनेट शुरू भी नहीं हुआ था।

यह एक Experimental Program था। जिसे Robert Thomas ने खुद ARPANET के Mainframe को Infect करने के लिए किया था। यह वायरस सिस्टम को संक्रमित करने के बाद स्क्रीन पर “I’m the creeper: Catch me if you can.” दिखाता था।

जब क्रीपर नामक वायरस बनाया गया था। तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह एक कंप्यूटर वायरस है। क्योंकि उस वक्त कंप्यूटर वायरस शब्द आया ही नहीं था। क्रीपर जैसे Malicious Program के लिए कंप्यूटर वायरस शब्द का प्रयोग Fred Cohen ने सर्वप्रथम अपने शोध पत्र में किया था।

Fred Cohen ने अपने शोध पत्र में Malicious Program के बारे में बताया था। जिसमें बताया था कि इस तरह का प्रोग्राम कंप्यूटर के कार्य प्रणाली को बाधित कर सकता है। जिस तरह वायरस मनुष्य शरीर में घुसकर संक्रमित करता है। इसलिए इन Malicious Program को कंप्यूटर वायरस कहा जाता है।

शुरुआत में कंप्यूटर वायरस Develop करना तथा इससे कंप्यूटर को सुरक्षित करना दोनो मुश्किल था। क्योंकि शुरुआत में इसकी बहुत कम जानकारी थी। लेकिन अब यह बहुत अधिक विकसित हो चुका है।

कंप्यूटर वायरस के कार्य

शुरुआत में जब कंप्यूटर वायरस बना था। तब किसी नहीं सोचा था कि यह एक वायरस है। लोग इसे शुरुआत में Prank करने के लिए उपयोग करते थे। किन्तु दिन प्रतिदिन यह और अधिक विकसित होते गया। आज ऐसे ऐसे कंप्यूटर वायरस मौजूद है। जो कुछ ही पलो में कंप्यूटर को Currupt कर सकता है।

यदि इसके कार्य की बात किया जाए। तब यह शुरुआत Prank करने के लिए था। किंतु आज इसका उपयोग या फिर इसका कार्य कंप्यूटर को नुकसान पहुंचाना है। कंप्यूटर के कार्य प्रणाली में बाधा उत्पन्न करना है।

कंप्यूटर वायरस के नाम

क्रीपर वायरस से शुरुआत होकर। आज तक बहुत सारे कंप्यूटर वायरस बनाए गए। जिसने अभी तक बहुत सारे कंप्यूटर सिस्टम को क्षतिग्रस्त भी किया है। लेकिन यहाँ हम कुछ पॉपुलर कंप्यूटर वायरस के नाम जानेंगे। जिसने बहुत अधिक पॉपुलैरिटी हासिल करने के साथ कंप्यूटर को अधिक क्षति भी किया है।

  1. Mebroot Virus
  2. Leap Virus
  3. Conficker Virus
  4. Beast Trojan Horse Virus
  5. My Doom Virus
  6. I Love You Virus

कंप्यूटर वायरस से कंप्यूटर को सुरक्षित कैसे रखें?

कंप्यूटर वायरस जान बुझकर कंप्यूटर को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाया जाता है। यह छोटे-छोटे कंप्यूटर प्रोग्राम होते हैं। यह सिर्फ और सिर्फ कंप्यूटर को क्षति ही करता है।

प्रत्येक कंप्यूटर उपयोगकर्ता के लिए यह चिंता का विषय है। लेकिन ऐसा नहीं है कि सिर्फ कंप्यूटर वायरस का ही विकास हुआ है। कंप्यूटर वायरस को रोकने और नाकाम करने के लिए एंटीवायरस का भी विकास किया गया है।

आज बहुत सारे एंटीवायरस उपलब्ध है। जो कंप्यूटर वायरस से हमारे कंप्यूटर को सुरक्षित रखता है। यह एक सॉफ्टवेयर होता है। कंप्यूटर वायरस को नाकाम करने के लिए कंप्यूटर में एंटीवायरस को Install कर सकते हैं।

एंटीवायरस कंप्यूटर सिस्टम को कंप्यूटर वायरस से सुरक्षित रखता है। यदि कंप्यूटर सिस्टम में वायरस आ भी जाता है। तब यह आपको सूचित भी करेगा। चलिए अब जानते हैं। कंप्यूटर वायरस से कंप्यूटर को सुरक्षित रखने के टिप्स।

  1. कंप्यूटर में हमेशा एक अच्छा एंटीवायरस Installed रखें।
  2. एंटीवायरस को समय समय पर Update भी करना चाहिए।
  3. किसी Unknown ई-मेल को ना खोलें। उसमें शेयर फाइल को ना तो खोलें और ना ही डाउनलोड करे।
  4. किसी भी Illegal वेबसाइट से कुछ भी डाउनलोड ना करे।
  5. हमेशा Trusted वेबसाइट पर ही Visit करे।
  6. कंप्यूटर सिस्टम में Pendrive या मैमोरी का उपयोग करने से पहले Scan कर लें। Safe रहने पर Use करे।
  7. बिना सोचे समझे ऐसे ही किसी विज्ञापन पर Click ना करे।

कंप्यूटर वायरस के लक्षण

यहाँ हमने कंप्यूटर वायरस के कुछ लक्षण बताया है। नीचे बाताए गए कोई भी कार्य यदि खुद होता है। यानी बिना किए हो जाता है। तब आपके कंप्यूटर में वायरस होने की संभावना होती है। ऐसे में आप एक अच्छे एंटीवायरस से अपने सिस्टम को Scan कर के पता कर सकते हैं।

  1. कंप्यूटर से खुद व खुद सुचनाओ का नष्ट होना।
  2. फाइल या प्रोग्राम का Size मे बदलाव होना।
  3. कंप्यूटर का हैंग और Slow होना।
  4. स्क्रीन पर अलग सुचना दिखाना।
  5. अपने आप कंप्यूटर में प्रोग्राम का Start या बंद हो जाना।
  6. कंप्यूटर के डॉक्युमेंट का डेटा में बदलाव होना।
  7. कंप्यूटर के किसी फाइल अथवा प्रोग्राम का अपने आप प्रति रुप (Copies) बनना
  8. कंप्यूटर में अपने आप नये फाइल और फोल्डर का आना
  9. कंप्यूटर सेटिंग में बदलाव होना।

एंटीवायरस के नाम

यहाँ कुछ अच्छे और पॉपुलर एंटीवायरस के नाम बताया गया है।

  1. Norton Antivirus Plus
  2. F-Secure Antivirus SAFE
  3. Comodo Windows Antivirus.
  4. 360 security
  5. Kaspersky Anti-Virus

जरुर पढ़ें: एंटीवायरस क्या है?

Conclusion

कंप्यूटर में जो कुछ भी होता है या फिर है। वो सब किसी ना किसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के द्वारा बनाया जाता है। कंप्यूटर वायरस को भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज से बनाया जाता है। कंप्यूटर वायरस खुद से नहीं बल्कि कोई जानबूझकर बनाता है। ऐसा काम आमतौर पर हैकर्स और स्कैमर्स अपने फायदे के लिए कर सकते हैं। कंप्यूटर वायरस के फिरौती भी मांगा जाता है।

हम उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपको पसंद आएगा। यदि आपको यह लेख पसंद आया है और कुछ नया जानने को मिला है। तब इसे अपने दोस्तो के साथ भी शेयर करे। यदि आपका कोई प्रश्न है। या फिर आप हमे कुछ कहना चाहते हैं। तब आप कमेंट के माध्यम से बहुत आसानी से कर सकते हैं।

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