UPS क्या है? इसके प्रकार, कार्य, पार्ट्स और Full Form

UPS से आप क्या समझते हैं। क्या आप जानते हैं कि UPS क्या होता है। इस लेख में हमने UPS के बारे में जानकारी बताया है। इसलिए अगर आपको UPS के बारे में पता नहीं है। तब इस लेख को जरुर पढ़ें। मात्र इस लेख को अंत तक पढ़ने के बाद आपको UPS की पूरी जानकारी हो जाएगी। क्योंकि यहाँ UPS की पूरी जानकारी बताया गया है। जिसमें बताया गया है कि UPS क्या है, UPS का Full Form क्या है, UPS के प्रकार, UPS क्या काम करता है और UPS कैसे काम करता है। इसके अलावा भी UPS के बारे में बहुत कुछ बताया है।

यानी इस लेख को पढ़ने से सभी को कुछ न कुछ सीखने को जरूर मिलेगा। यदि आप एक Computer User हैं। तब आपको UPS की जानकारी अवश्य होगी। UPS Computer का एक महत्वपूर्ण घटक है। लेकिन इसकी जानकारी बहुतो को नहीं होती है। क्या आप जानते हैं कि Computer में UPS क्या होता है, Computer में UPS का क्या कार्य होता है और यह किस प्रकार काम करता है। UPS का सबसे ज्यादा इस्तेमाल Computer मे ही किया जाता है। इसलिए Computer User को UPS की जानकारी रखनी चाहिए।

लेकिन अगर आप एक Computer User है और फिर भी UPS की जानकारी नहीं है। तब अब आप निश्चिंत रहे। क्योंकि यहाँ UPS संदर्भ में विस्तृत जानकारी दिया गया है। जिसे पढ़कर आप UPS की समस्त जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। हम हमेशा यही कोशिश करते हैं कि आपके लिए Helpful जानकारी दिया जाए। हम उम्मीद करेंगे कि हमारा यह कोशिश भी पसंद आए। तो चलिए बिना देर किए UPS की जानकारी पढ़ते हैं। सबसे पहले जानेंगे की UPS क्या है?

UPS क्या है? (What is UPS in Hindi)

UPS एक ऐसा Electronic Device है। जो बिजली से चलने वाली अन्य Electronic Device को उस स्थिति में भी बिजली की आपूर्ति (Power Supply) कराता है। जब मुख्य स्रोत (Main Source) से Power Supply बंद हो जाती है। हालांकि यह सिमित समय के लिए ही Power Supply कर सकता है और ज्यादातर इस्तेमाल Computer के लिए किया जाता है। इसका कार्य Emergency Power Supply के रुप में होता है। जिससे User को Computer बंद होने से पहले Data Save करने का समय मिल जाता है।

यानी UPS Data Loss होने से बचाता है। क्योंकि Computer एक Electronic Device है। जो बिजली (Power) से चलती है और जैसे ही बिजली आनी (Power Supply) बंद होती है। वैसे ही Computer बंद हो जाता है। जिससे Computer में चल रहे कार्य भी नष्ट हो जाते हैं। जैसे मान लो आप Computer में Video Editing कर रहे हो। तभी Power Supply बंद हो जाती है। तब Computer भी बंद हो जाएगा। ऐसे में आपने जितना Video Editing किया था। वो सब फिर से करना पड़ेगा। क्योंकि आप उसे Edit ही कर रहे थे, Save नहीं किए थे। ऐसे में हमारा कीमती समय बर्बाद होता है, क्योंकि जो काम आपने कर दिया था। वही फिर से करना पड़ेगा।

लेकिन UPS के उपयोग से Main Power Supply बंद होने के बाद भी थोड़ा Time मिल जाता है। जिससे कि हम Computer में कर रहे कार्य को Finish या Save कर सके। यह एक तरह का Backup Machine है। जो Computer को Backup Time प्रदान करता है। एक UPS लगभग 15 से 20 मिनट तक Power Supply कर सकता है। हालांकि यह भी UPS की Quality पर निर्भर करता है। एक UPS कब तक Power Supply कर सकता है। यह UPS के Battery पर निर्भर करता है। UPS के अंदर एक Battery भी होता है। यह Battery ही Power Supply करती है। UPS के Battery को बदला भी जा सकता है।

सबसे पहले UPS को Computer से कनेक्ट करना होता है और इसके Switch को On रखना होता है। जब Main Power Supply चालू होता है। तब Computer चालू कर सकते हैं और तभी UPS का Battery भी Charge होता है। जब Main Power Supply बंद होता है। तब UPS Emergency Power Supply करना शुरू करता है। आमतौर पर UPS को उन Electronic Device के साथ उपयोग किया जाता है। जिसमें Power Supply बंद होने की स्थिति में नुकसान होने की संभावना होती है। जैसे; Computer या अन्य Telecommunications Device. वैसे तो UPS कई आकार की हो सकती है।

लेकिन आमतौर पर UPS Rectangular आकार की होती है। जिसमें चालू/बंद करने के लिए एक बटन भी दिया गया होता है।

जरुर पढ़ें:-

UPS का Full Form (UPS Full Form in Hindi)

आपने यह तो जान लिया कि UPS क्या है? लेकिन क्या आप जानते हैं कि UPS का Full Form क्या होता है। चलिए जानते हैं UPS का पूरा नाम क्या है? UPS का Full Form Uninterruptible Power Supply होता है। जिसका हिंदी अर्थ अबाधित विद्युत आपूर्ति या निर्बाध विद्युत आपूर्ति होता है।

  • U – Uninterruptible
  • P – Power
  • S – Supply

UPS के प्रकार (Types of UPS in Hindi)

UPS को कार्यप्रणाली के आधार पर इसे बहुत सारे प्रकार में बांट सकते हैं। लेकिन मुख्य रुप से UPS को निम्नलिखित तीन प्रकार में बांटा जाता है।

  1. Stand By UPS
  2. Line Interactive UPS
  3. Delta-Conversion On-Line

चलिए UPS के सभी प्रकार की विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हैं।

1. Stand By UPS

Stand By UPS को Offline UPS या Battery Backup भी कहते हैं। यह UPS सबसे सामान्य प्रकार का UPS है। इस तरह के UPS का प्रयोग वहाँ होता है। जहाँ Main Power Supply Fail या बिलकुल बंद पड़ जाता है। क्योंकि यह UPS ऐसी स्थिति में अपने Battery में संचित ऊर्जा का उपयोग कर Computer में Power Supply करता है। जिससे Power Cut होने के बाद भी थोड़ा समय मिल जाता है। जिससे Computer का Data Loss नहीं होता है और हम Computer को सही से बंद कर पाते हैं। इसका ज्यादातर उपयोग PC के साथ किया जाता है।

2. Line Interactive UPS

Line Interactive UPS की Designing Stand By UPS के समान होता है। यह Stand By UPS से थोड़ा अलग होता है। यह UPS High और Low Voltage को भी नियंत्रित तथा उचित Power Supply करता है। इस UPS का उपयोग ज्यादातर छोटे-छोटे व्यवसाय या वेब सर्वर के लिए किया जाता है। यह Online और Offline दोनो का संयोजन है। क्योंकि जब Main Power Supply बंद पड़ता है। तब यह भी निरंतर Power Supply करता रहता है। जब तक इसके Battery Power Supply करने में सक्षम होती है।

3. Delta-Conversion On-Line

Delta-Conversion On-Line UPS को Double-Conversion On-Line UPS में Improve कर के बनाया गया था। इस UPS में भी Double-Conversion On-Line UPS की तरह एक Inverter होता है। जो Device को Power Supply करती है। यह किसी प्रकार की Failure या गड़बड़ी होने पर इसका Behaviour Double-Conversion On-Line UPS के समान होता है। Delta-Conversion On-Line का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा को संचित करना है।

UPS के कार्य (Functions of UPS in Hindi)

हमने ऊपर UPS क्या है और UPS का Full Form क्या होता है? विस्तार से बताया है। अब आप UPS का कार्य पढ़ेंगे। UPS के कार्य जानना भी जरूरी है। वैसे तो हमने ऊपर UPS के कार्य भी बता दिया है। अगर आप ऊपर बताए जानकारी को सही से पढ़ते हैं। तब आप समझ जाएंगे कि एक UPS का क्या कार्य होता है। फिर भी यहाँ हमने UPS के कार्य को विस्तार से बताया है। ताकि आप UPS के कार्यप्रणाली को सही से समझ सके। जैसा कि मैंने बताया है कि UPS Backup Time प्रदान करने के लिए Emergency Power Supply करता है।

लेकिन यह सिर्फ Emergency Power Supply ही नहीं करता है, अपितु Computer को खराब होने से बचाता भी है। यह Computer को बिजली की High और Low Voltage जैसी समस्या से दूर रखता है। UPS Computer के लिए जरुरी तो नहीं है, किंतु महत्वपूर्ण जरूर है। यानी बिना UPS के भी Computer सही से कार्य कर सकता है। लेकिन इसका इस्तेमाल हमेशा फायदेमंद ही होता है। सामान्यत: एक UPS निम्न कार्यों को कर Computer को सुरक्षित रखता है।

1. Power Failure

UPS का मूल कार्य Power Failure से बचाना होता है। यह Backup Power के रुप में Computer या अन्य Electronic Device को Main Power Fail होने की स्थिति में Power Supply करना होता है।

2. Voltage Surges & Spikes

UPS अपने से जुड़े Electronic Device को Voltage Surges और Voltage Spikes जैसी समस्याओं से भी बचाता है। कई बार हमारे Computer को Main Power Source से High Voltage या अस्थिर विद्युत प्राप्त होना शुरू होती है। जिससे Computer के Hard Disk, RAM और Motherboard के Damage होने का खतरा होता है। लेकिन UPS Power Supply को उचित मात्रा में Device को Send करता है। जिससे Electronic Device का कोई नुकसान नहीं होता है।

3. Voltage Sags

कई बार हमारे Computer को Main Power Source से Low Voltage भी प्राप्त होती है। इतना Low कि वह हमारे Computer के लिए Suitable नहीं होता है। तब ऐसी स्थिति में भी UPS अपने Backup Battery का प्रयोग कर Computer को उचित Electricity Supply करती है।

4. Frequency Difference

कभी-कभार Electricity कम-ज्यादा होते रहता है। इस स्थिति को Power Oscillation कहा जाता है। ऐसी स्थिति में Computer का सबसे अधिक नुकसान होता है। ज्यादातर Computer System के Motherboard और Display क्षतिग्रस्त होता है। लेकिन UPS इन सभी Situations में अपने से जुड़े Device को सुरक्षित रखता है।

5. Alert

UPS अपने से जुड़े System की अकुशल स्थिति का पता भी लगा सकता है। UPS द्वारा अकुशल स्थिति का पता लगाने पर यह अलर्ट भी देता है। ताकि User इस समस्या को जल्द से जल्द ठीक कर सके।

UPS के Parts (Parts of UPS in Hindi)

UPS का क्या काम होता है? UPS क्या करता है हमने बता दिया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि UPS कैसे काम करता है। UPS कैसे काम करता है? जानने के लिए हमें UPS के Parts को जानने की आवश्यकता है। इसलिए यहाँ हम सबसे पहले UPS के Parts को जानेंगे। उसके पश्चात UPS कैसे काम करता है पढ़ेंगे। UPS में मूलरूप से निम्नलिखित Parts होते हैं।

  1. Rectifier
  2. Battery
  3. Inverter
  4. Static Bypass Switch

चलिए इनके बारे में भी कुछ जान लेते हैं।

1. Rectifier

UPS में एक Rectifier भी होता है। जिसका UPS में प्रथम कार्य होता है। सामान्यत UPS में Rectifier का कार्य Main Circuit से आनेवाले AC Voltage को DC में बदलना होता है। UPS का यही वह Parts है। जो UPS के Battery को Charge करता है, Float Voltage बनाता है, Overload और Voltage Surges Handle करता है।

2. Battery

यह तो आपको पता ही है कि एक UPS में Battery भी होता है। Battery किसी UPS System के लिए Heart के समान होता है। Battery Rectifier की सहायता से Charge होता है और Computer को Emergency Power Supply करता है। जब Computer का Main Power Supply बंद या Fail हो जाता है। यह Battery जरुरत के हिसाब से होती है। जिसे दोबारा Charge किया जा सकता है।

3. Inverter

UPS में Inverter भी होता है। Inverter का कार्य Rectifier द्वारा भेजी गई DC को प्राप्त कर AC में बदलना होता है। यह Low Voltage DC को High Voltage AC में बदल सकता है। जब Main Power Source बंद होता है। तब Battery में संचित DC ऊर्जा को AC में बदलता है। जिसे Regulate और Filter करके Device को Send करता है।

4. Static Bypass Switch

UPS System के विफल या खराब होने की स्थिति Static Bypass Switch सुरक्षा कवच का कार्य करता है। क्योंकि यह ऐसी स्थिति में आने वाले AC को Rectifier, Battery और Inverter से दरकिनार करते हुए Device को Main Power Supply से जोड़ देता है। हालांकि यह आदर्श विधि नहीं होता है। लेकिन इससे Device में Power Supply जारी रहता है।

एक Computer UPS में ये सभी मूल Parts होते हैं। लेकिन UPS के प्रकार और कार्यप्रणाली के हिसाब से कुछ अन्य Parts भी हो सकते हैं। जैसे; Fan, Capacitor आदि।

UPS कैसे काम करता है? (How UPS Work in Hindi)

अधिकांश Computer में उपयोग होने वाले UPS में सबसे पहले Main Power Supply AC को UPS में Input कराया जाता है। यहाँ से एक Line UPS के Rectifier तक जाती है। जब AC Rectifier तक पहुंचती है। तब Rectifier AC को DC में बदल देता है और उसे Battery में संचित कर लेती है। वहीं दूसरी Line UPS के Switch तक जाती है और Switch से Device को Send कर दिया जाता है। जब तक Main Power Supply Fail नहीं होता है। तब तक UPS से जुड़े Device को इसी Line से Power Supply किया जाता है।

लेकिन जैसे ही Main Power Supply थोड़ी देर के लिए भी बंद होती है। तब Switch Bypass को बदल देता है और Battery से Power Supply लेना शुरू कर देती है। जैसे ही UPS को Main Power Supply Fail का पता चलता है। तब सबसे पहले UPS के Battery में संचित DC को Inverter तक पहुंचाता है। जिसके बाद Inverter उस DC को AC में बदल देता है और Device के लिए भेज देता है। कुछ इस तरह UPS Device को निरंतर Power Supply करते रहता है।

UPS Battery के प्रकार (Types of UPS Batteries in Hindi)

जैसा कि मैंने बताया कि UPS में Battery का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि UPS में किस तरह के Battery का इस्तेमाल होता है। Battery को जरूरत के हिसाब से किसी भी तरह का लगाया जा सकता है। मुख्य रुप से UPS में निम्न प्रकार के Batteries का इस्तेमाल होता है।

  1. Valve Regulated Lead-Acid Battery (VRLA)
  2. Vented Lead-Acid Battery (VLA)
  3. Lithium-ion Battery

चलिए UPS में इस्तेमाल होने वाले इन Batteries के बारे में भी जान लेते हैं।

1. Valve Regulated Lead-Acid Battery (VRLA)

UPS में इस्तेमाल होने वाले Batteries में VRLA Batteries सबसे आम प्रकार का Battery है। इसे रखरखाव मुक्त और Sealed Lead-Acid Battery (SLA Battery) के रुप में भी जाना जाता है। इसे अन्य प्रकार के UPS Battery की तुलना में ज्यादा रखरखाव की आवश्यकता नहीं होती है। यह अन्य Battery से अधिक टिकाऊ भी होते हैं और Battery बाजार में आसानी से मिल भी जाती है। इसका जीवनकाल 3 से 7 वर्ष का होता है।

2. Vented Lead-Acid Battery (VLA)

VLA Battery को Wet Cell और Flooded Battery के रुप में भी जाना जाता है। यह एक विश्वसनीय UPS Battery है। जिसका जीवनकाल लगभग दो दशक होता है। VLA Battery में Lead से बनी एक मोटी प्लेट होती है। जिसके नीचले हिस्से में Electrolyte Acid भरा रहता है। VLA Battery में VRLA की तुलना में अधिक लागत लगती है। VLA Battery को सही से कार्य करते रहने के लिए इसे नियमित रखरखाव की आवश्यकता होती है।

3. Lithium-ion Battery

आजकल Lithium-ion Battery का उपयोग न सिर्फ UPS में बल्कि कई तरह के इलेक्ट्रिक गाड़ियों में भी हो रहा है। पिछले कुछ वर्षो में Lithium-ion Battery के Design में भी बदलाव आया है। यह UPS Battery वजन हल्का और छोटी होती है।

Computer UPS निर्माता कंपनी (UPS Manufacturer Company in Hindi)

अगर आप UPS खरीदने की सोच रहे हैं। तब आपके लिए हमने Uninterruptible Power Supply (UPS) बनाने वाले कंपनी का नाम बताया है। आप अपने अपनी जरूरत और Quality के हिसाब से किसी भी Company की तरफ जा सकते हैं।

  • APS
  • Eaton
  • Emerson
  • Microtek
  • Luminous
  • V-Guard
  • Genus Power
  • Intex
  • Hitachi
  • Zebronics
  • Delta Power Solution

UPS का महत्व (Importance of UPS in Hindi)

UPS का महत्व Computer System या किसी अन्य उपकरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। Computer System को कार्य करने के लिए इसकी आवश्यकता नहीं होती है। फिर भी यह महत्वपूर्ण है। इसलिए नहीं कि यह Power Supply करता है। बल्कि इसलिए कि यह Device को Damage होने से बचाता है। जिस तरह अधिक Voltage की Power Supply होने से TV खराब होती है। उसी तरह Computer भी खराब हो सकता है। चूँकि Power Supply जाने से Computer खुद व खुद बंद हो जाता है। इससे Data Loss तो होता ही है। साथ ही Computer Damage होने का खतरा भी होता है। क्योंकि इस तरह Computer सही तरीके से बंद नहीं कर पाते हैं।

जिसके कारण Computer का Hard Drive या RAM खराब हो सकता है, Motherboard में समस्या उत्पन्न हो सकती है और System Currupt भी हो सकता है। लेकिन UPS के इस्तेमाल से ये सारे समस्याओं का समाधान हो जाता है। इसके पश्चात जब भी Power Supply बंद होती है। तब UPS बिना विलंब किए Computer को Power Supply करना शुरू करता है। जिससे Computer System में निरंतर Power Supply होते रहता है। हालांकि UPS ज्यादा देर तक Power Supply नहीं कर सकता है। फिर भी इतना Time दे देता है कि हम Computer में कर रहे कार्य को Computer में सहेज (Save कर) सकते हैं और Computer को सही से Shutdown कर सके। चलिए अब UPS के फायदे और नुकसान जानते हैं।

UPS के लाभ (Advantage of UPS in Hindi)

Computer UPS का निम्नलिखित लाभ है।

  • Main Power Supply बंद या Fail हो जाने पर कुछ देर तक UPS Power Supply भी कर सकता है। जिससे कुछ Time मिल जाता है, जिसमें User अपने Data को Save कर सकता है और सही से Computer को बंद कर सकता है।
  • UPS Power Supply को Control भी कर सकता है। जब Main Power Supply तेज या कम होती है। तब फिर भी यह उचित Power Supply कराता है। जिससे Computer Damage होने से बच जाता है।
  • UPS आवश्यकता अनुसार उपकरणों को निरंतर उचित Power Supply कराता है।
  • UPS का Power Backup Emergency के समय बहुत काम आता है

UPS का सबसे बड़ा फायदा यही है कि इसके इस्तेमाल से Data Loss की समस्या नहीं होती है। क्योंकि पहले Computer User के लिए Computer पर काम करते वक्त सबसे बड़ी Problem यही रहता था कि कहीं Light न चली जाए।

UPS की हानि (Disadvantage of UPS in Hindi)

Computer UPS का निम्नलिखित हानि है।

  • UPS अधिक खर्चीला होता है।
  • UPS का Backup Time बहुत कम होता है। यह ज्यादा देर तक Device को Power Supply नहीं कर सकता है।
  • UPS की Battery ज्यादा Time तक नहीं चलता है। यह जल्दी खराब हो जाता है। जिसके कारण इसे समय के साथ बदलना पड़ता है।
  • UPS की Battery को Maintenance की आवश्यकता होती है। इसलिए समय-समय पर इसका रखरखाव करना पड़ता है।

इसे भी पढ़िए:-

Conclusion – UPS in Hindi

इस लेख में UPS क्या है विस्तार से समझाइए गए हैं। जिसमें हमने UPS की विस्तृत जानकारी देने की कोशिश की है। हम उम्मीद करते हैं कि यह विस्तृत और प्रभावशाली लेख आपको पसंद आया होगा। यह लेख आपको कैसा लगा? हमें अपना विचार जरूर शेयर करे। अगर कोई Question है। तब हमसे जरुर पूछें। अगर यह लेख अच्छा लगा हो और कुछ नया जानने को मिला हो। तब इसे Facebook और WhatsApp के जरिए अपने दोस्तो के साथ भी शेयर करे। ताकि वे भी इस प्रभावशाली लेख को पढ़ सके और कुछ नया जान सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to top