Speaker क्या है? इसकी परिभाषा, प्रकार, आविष्कार और उपयोग

Speaker से आप क्या समझते हैं? क्या आप जानते हैं कि Speaker क्या होता है। इस लेख में हमने Speaker के बारे में जानकारी बताया है। ताकि आप लोग Speaker के बारे मे जान सके। आज के समय में हम Speaker को अपने दैनिक जीवन में हर जगह देखते हैं। लेकिन इसके बारे में बहुतो को सही जानकारी नहीं है। जैसे; Speaker क्या है, Computer Speaker क्या है, Speaker का आविष्कार किसने किया था, Speaker कैसे काम करता है, Speaker कितने प्रकार के होते हैं इत्यादि।

मुझे पता है कि Speaker का इस्तेमाल हम सभी करते हैं। आपने भी जरूर किया होगा। लेकिन क्या आपको Speaker संबंधित ये सभी जानकारी पता है। नहीं ना, Speaker के सही जानकारी होने से आप अपने लिए सही और अच्छे Speaker को खरीद सकते हैं। इसे अच्छे से समझ सकते हैं। बस इसीलिए इस लेख को लिखा गया है। ताकि आप Speaker के बारे में जान सके और समझ सके। वैसे भी अगर आप कंप्यूटर के छात्र हैं, कंप्यूटर सीखना चाहते हैं। या फिर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के बारे में जानना पसंद हो। तब यह बिलकुल आपके लिए ही है।

क्योंकि यहाँ आपको एक महत्त्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के बारे में बहुत कुछ जानने को मिलेगा। जी हाँ! Speaker एक महत्त्वपूर्ण उपकरण है। इसका उपयोग आजकल बहुत सारे कार्य में होता है। नीचे हमने Speaker के उपयोग का बारे में भी बताया है। जहाँ बताया है कि Speaker का उपयोग कहाँ-कहाँ होता है। तो चलिए सबसे पहले जानते हैं कि Speaker क्या है?

Speaker क्या है? (What is Speaker in Hindi)

Speaker वह Output Device है। जो Electronic Signal को ध्वनि के रुप में Output देता है। जैसा कि आप जानते होंगे कि Computer हमारी भाषा को नहीं समझ सकता है। इस कारण इसे न तो हम अपनी भाषा में कुछ बोलकर या लिखकर Input दे सकते हैं और नहीं यह हमारी भाषा में Output (परिणाम) दे सकता है। यह सिर्फ मशीन भाषा (Electronic Signal) को समझता है और Output भी Electronic Signal में ही देता है।

हम Computer को Input देने के लिए Input Device तथा Output प्राप्त करने के लिए Output का प्रयोग करते हैं। Speaker भी एक Output Device है। जो Computer से प्राप्त Electronic Signal (Output) को ध्वनि में बदलकर हमें सुनाता है। हम कंप्यूटर या मोबाइल से गाना (Song) सुन पाते हैं। तो यह Speaker के कारण ही संभव हो पाया है। आज Speaker का इस्तेमाल कंप्यूटर और मोबाइल के अलावा कई Electronic Gagets में होता है। आज कल लगभग सभी समारोह, शादी, पार्टी, रैली, भाषण इत्यादि में इस Gagets का इस्तेमाल होता है। यह किसी भी समारोह में चार चांद लगा देता है।

आप CD/DVD से गाने सुनते हो। क्योंकि उसमें भी ध्वनि की Electronic Signal होती है। उस Electronic Signal को पुनः ध्वनि में के रुप में सुनने के लिए Speaker का इस्तेमाल होता है। यानी CD/DVD के गाने सुनने के लिए भी Speaker का होना जरूरी है। किसी भी Electronic Signal को ध्वनि में प्रवर्तित कर सुनने के लिए Speaker जरुरी होता है। इसलिए मैंने कहा था कि यह एक महत्वपूर्ण उपकरण है। आपके जानकारी के लिए बता दें कि किसी भी ध्वनि को Electronic Signal में बदलने के लिए Microphone नामक उपकरण का इस्तेमाल होता है। इसी से CD/DVD में ध्वनि का Electronic Signal होता है।

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Internal और External Speaker क्या होते हैं?

Speaker बहुत तरह के देखने को मिलता है। कुछ बड़ा तो कुछ छोटा होता है। लेकिन सभी का काम एक ही होता है। आसान भाषा में बताएं तो Speaker का काम कंप्यूटर या मोबाइल (किसी भी उपकरण) से ध्वनि सुनाना होता है। लेकिन कुछ विशेष प्रकार के Speaker भी होते हैं। जिन्हें किसी उपकरण (जैसे; कंप्यूटर) में तार या बेतार के माध्यम से कनेक्ट करना होता है। यह External Speaker होते हैं। यानी जो Speaker किसी उपकरण के अंदर होते हैं। उसे Internal Speaker कहते हैं।

लेकिन जो Speaker बाहर होता है, जिसे उपकरण से कनेक्ट तार की मदद से करते हैं। वह External Speaker होते हैं। आजकल External Speaker भी कई Types के आने लगे हैं। जिसमें कुछ Wireless Features को भी Support करते हैं। आज हमारे फोन और कंप्यूटर में पहले से ही Speaker लगे होते हैं। यह Internal Speaker होते हैं। कुछ लोगों के मन में यह प्रश्न भी आ सकता है कि जब मोबाइल या कंप्यूटर में पहले से Speaker होते ही हैं। तब बाहरी यानी कि External Speaker की क्या आवश्यकता है?

आपने ध्यान दिया होगा कि हमारे फोन या कंप्यूटर की आवाज धीमी होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि Internal Speaker को User के सुरक्षा और सुविधा को ध्यान मे रखते हुए काम रखा जाता है। लेकिन अगर आपको तेज आवाज की जरूरत है। जिसकी आवाज आसपास कुछ दूर तक जा सके। तब आपको External Speaker का इस्तेमाल करना होगा। External Speaker का आविष्कार वर्ष 1991 में अबिनावन पुराचि दास के द्वारा किया गया था। चलिए Speaker के आविष्कार के बारे में विस्तार से जानते हैं।

Speaker का आविष्कार किसने किया? (Who Invented Speaker in Hindi)

आज किसी भी आवाज या संगीत को रिकॉर्ड कर के कभी भी कहीं भी सुन सकते हैं। हालांकि रिकॉर्ड करने के लिए Microphone की आवश्यकता होती है। लेकिन उसे सुनने के लिए Speaker की जरूरत होती है। Speaker सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले गैजेट्स में से एक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि Speaker का आविष्कार कब और किसने और कैसे हुआ था।

वर्ष 1861 में जोहान फिलिप रीस नामक व्यक्ति ने सबसे पहले टेलीफोन में बिजली के लाउडस्पीकर स्थापित किया था। जो Sound को शुद्ध Transduse करने में सक्षम था। साथ ही Speech को पुनरुत्पादित करने में भी सक्षम था। लेकिन एलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने 1876 में अपने टेलीफोन के भाग के रूप में विधुत लाउडस्पीकर को पहले पेटेंट करवाया था। सन् 1930 में जेन्सन ने पहले चुंबकीय लाउडस्पीकर बनाया। Speaker को Loudspeaker भी बोलते हैं। चलिए जानते हैं कि Speaker या Loudspeaker कैसे काम करता है।

Speaker कैसे काम करता है? (Work of Speaker in Hindi)

जैसा कि आपने ऊपर पढ़ा कि Speaker का कार्य Electronic Signal (Electro Magnetic Wave) को ध्वनि (Sound Wave) में बदलना है और यह बदलता भी है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह काम कैसे करता है। चलिए देखते हैं…

Speaker में एक Magnet और Electromagnet होता है। जो Electric Signal प्राप्त कर हलचल करना शुरू करता है। जिससे कंपन (Vibration) उत्पन्न होता है। वह कंपन Diaphragm द्वारा ध्वनि में बदल जाता है। जिस तरह Microphone ध्वनि को Electric Signal बनाता है। कुछ इसी तरह Microphone (माइक) से बोला गया ध्वनि Speaker से निकलता है। लेकिन बीच में Amplifier का इस्तेमाल होता है। जो Sound को बढ़ाने का काम करता है। Speaker एक Output Transducer है। जो Audio Signal को Audio में बदलता है।

Sound या तो Analog हो सकती है या Digital होगी। यदि Speaker को Computer या किसी अन्य Device से आवाज Analog में प्राप्त होती है। तब Analog Speaker इसे ध्वनि (Sound Waves) में बदल दिया जाता है। लेकिन अगर वह Digital हुआ। तब उसे सबसे पहले Digital Speaker उसे Analog में बदलती है और उसके बाद ध्वनि (Sound Waves) में बदलती है। Speaker से निकली आवाज को Frequency (आवर्ती) या Amplitude (आयाम) कहते हैं।

Frequency ध्वनि तरंग की पहुंच को नापता है। Frequency बताती है कि आवाज की पहुंच कितनी ऊपर (ज्यादा) या नीचे (कम) है। Amplitude ध्वनि तरंगों द्वारा बनाए दबाव को बताती है। THD (Total Harmonic Distortion) बताती है कि Amplifier द्वारा दिए गए Signal के आवाज की प्रकृति क्या (नापता) है। Watts ध्यान रखता है कि Speaker में कितनी क्षमता की Amplification होती है। Speaker कैसे काम करता है विस्तृत जानकारी के लिए विडियो देखिए।

Speaker कैसे काम करता है?

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Speaker के प्रकार (Types of Speaker in Hindi)

Speaker को उनके Size, Weight, Cost, Design और Mechanism के आधार पर कई प्रकार में बांटा जा सकता है। लेकिन ये कुछ Common Types है Speaker का

1. Sub-Woofers

Sub-Woofers बहुत कम Frequency की ध्वनि वाले Speakers होते हैं। इसकी Frequency सीमा 20Hz से 300Hz होता है। आजकल कुछ Computers में Sub-Woofers Types के Speaker के साथ आते हैं। इस Speaker का उपयोग कार और Home Theater में भी होता है।

2. Studio Monitors

Studio Monitors भी Speaker का एक प्रकार है। यह स्वर और संगीत की स्पष्टता के लिए जाना जाता है। इसका उपयोग संगीत सुनने और खेलने वाले उपकरण में किया जाता है। यह भी दो प्रकार के होते हैं। Powered और Un-Powered

3. Loudspeaker

Loudspeaker ज्यादातर घरेलू कार्यों में इस्तेमाल होता है। यह पहले के समय में रेडियो और टेलीविजन आदि से ध्वनि प्राप्त करने का एक मात्र विकल्प था। Loudspeaker में ज्यादातर एक Woofers, Mid
-Range Speaker और एक Tweeter होता है। जिससे ध्वनि की पूरी शृंखला का निर्माण होता है। इसका उपयोग मंच प्रदर्शन या समारोह में होता है। इसका Size बहुत बड़ा होता है। आजकल छोटे भी आने लगे हैं।

4. Floor Standing Speakers

Floor Standing Speakers भी एक तरह का Speaker है। जैसा कि इसके नाम से पता चलता है, इसे फर्श (Floor) पर खड़ा कर सकते हैं। इसकी लंबाई लगभग 4 फीट होती है। इस कारण इसे रखने के लिए अधिक स्पेस की आवश्यकता होती है। Floor Standing Speaker में Loudspeaker की तरह एक Tweeter, Mid-Range और एक woofer होता है। अधिकांश Floor Standing Speaker Un-Powered Type के होता है।

5. BookShelf Speakers

BookShelf Speakers भी एक तरह का Speaker है। जिसे Home Theater Speaker भी कहते हैं। यह न तो ज्यादा बड़ा होता है और न ज्यादा छोटा होता है। यह Medium Size में आते हैं।

6. Central Channel Speakers

Central Channel Speakers भी Speaker का एक प्रकार है। इस तरह के Speakers को TV के ऊपर या नीचे रख सकते हैं। वैसे तो इस तरह के Speaker का इस्तेमाल बहुत कम होता है।

7. In Wall/In-Ceiling Speakers

In Wall/In-Ceiling Speakers घर के लिए अच्छा होता है। जो Studio Monitors के समान Quality के होते हैं। इसे स्थापित करना मुश्किल होता है। लेकिन यह घर के लिए सही होता है। क्योंकि इसे छत के माध्यम तारो को प्राप्त कर सकते हैं और दीवार में फीट भी कर सकते हैं।

8. On Wall Speakers

इसका सबसे बड़ा फायदा यही है कि आप अपने छत या दीवार में बड़ा छेद करने से बच सकते हैं और कहीं पर फीट कर सकते हैं। Floor Standing Speaker की जगह इसका इस्तेमाल करने बेहतर है। इसे फर्श पर रखने की आवश्यकता नहीं होती है, इसे कम स्पेस में रख सकते हैं। यह UN-Powered होते हैं। जो कई Design और Colors में आते है।

9. Bluetooth Speakers

आजकल Bluetooth Speakers का बहुत ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है। यह एक तरह का Wireless Speaker है। जिसे Bluetooth की मदद से Device के साथ कनेक्ट किया जाता है। यह एक तरह का Portable Device है। जो कि High Quality Sound को प्रदान करता है। इसे Charge भी किया जाता है। यह कई रंगों और आकारों में उपलब्ध है।

10. Outdoor Speakers

जैसा कि इस Speaker के नाम से ही इसके बारे में बहुत कुछ जानने को मिल जाता है। इसे गर्मी और सर्दी को सामना करने के लिए ध्यान में रखकर बनाया गया होता है। इस प्रकार के Speaker को आप सिस्टम के साथ या स्पीकर के रुप में खरीद सकते हैं।

Speaker का उपयोग (Use of Speaker in Hindi)

Speaker का क्या काम है? जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है कि इसका क्या कार्य है। इसका उपयोग क्यों किया जाता है, किन कार्यों में उपयोग किया जाता है। एक वाक्य में बताएं तो इसका कार्य Electro Magnetic Waves को Sound Waves में बदलना होता है। आजकल इसका बहुत ज्यादा उपयोग हो रहा है। Speaker का कुछ आम उपयोगिता निम्नलिखित है।

  • Speaker का उपयोग आप किसी भी गाने (Sound) को सुनने में कर सकते हैं। इसकी Quality Best होती है।
  • Speaker का उपयोग कंप्यूटर और मोबाइल में किया जाता है। तभी तो हम अपने मोबाइल और कंप्यूटर से गाने सुन पाते हैं।
  • Speaker का उपयोग DJ, Radio और बाजा आदि में भी किया जाता है। तभी तो इससे आवाज निकलती है।
  • Speaker का उपयोग उन सभी उपकरण में होता है। जिससे आवाज निकलती है। अगर किसी उपकरण से आवाज निकल रही है। तब इसका साफ मतलब है कि उसमें Speaker का इस्तेमाल हुआ है।
  • Speaker का उपयोग शादी पार्टी समारोह में भी किया जाता है।

Speaker निर्माता कंपनी (Speaker Manufacturer Company in Hindi)

यहाँ हमने Speaker बनाने वाले कुछ कंपनी का नाम बताया है। जो Speaker बनाती है और बेचती है। आप आवश्यकता अनुसार इन कंपनी का Speaker बना सकते हैं।

  • JBL
  • IKall
  • Toshiba
  • Intex
  • Ahuja
  • Stranger
  • Medha
  • Sony Corporation
  • Philips
  • Samsung

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Conclusion – Speaker in Hindi

  • Speaker Electronic Signal को Sound (ध्वनि) में बदलता है।
  • Speaker को हिंदी में वक्ता कहते हैं।
  • आजकल Speaker का इस्तेमाल लगभग सभी उपकरण में किया जाता है।
  • Speaker एक Important और Common Output Device है।
  • Loudspeaker का इस्तेमाल सबसे पहले वर्ष 1861 में जोहान फिलिप रीस ने किया था।

उम्मीद करता हूँ कि अब आप Speaker का सही मतलब समझ चुके होंगे। Speaker क्या है, Speaker क्या कार्य करता है, Speaker कैसे कार्य करता है और Speaker के कितने प्रकार हैं। अगर कुछ पूछना चाहते हैं। तब कमेंट से पूछ सकते हैं। यह लेख आपलोगो को कैसा लगा? चूकी इस लेख में हमने Speaker के बारे में सबकुछ बता दिया है। लेकिन अगर आप Speaker संबंधित कोई प्रश्न जानना चाहते हैं। तब बेझिझक पूछ सकते हैं।

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