Projector क्या है? इसके प्रकार, विशेषता, उपयोग और हिंदी अर्थ

Projector क्या है

Projector से आप क्या समझते हैं? क्या आप जानते हैं कि Projector क्या होता है। यहाँ Projector के बारे में बताइए गए हैं। इसलिए अगर आपको Projector के बारे में जानकारी नहीं है। तब इस लेख को जरुर पढ़िए। क्योंकि इस लेख में Projector की पूरी जानकारी विस्तार से बताया गया है। जिसमें बताया गया है कि Projector क्या है, Projector कैसे काम करता है, Projector का इतिहास, Projector के प्रकार, Projection Screen क्या है, Projector का उपयोग और Projector की विशेषता क्या है।

यानी मात्र इस लेख को पढ़ने के बाद आपको Projector के बारे में सबकुछ पता चल जाएगा। आपने Projector को कभी न कभी जरुर देखा होगा। आजकल इसका इस्तेमाल बहुत ज्यादा हो रहा है। अगर आप एक Student है। तब शायद आपने इसे अपने Institute में देखा होगा। अगर आप Job करते हैं। तब Projector को आपने Business Meeting में देखा होगा। या फिर Projector को आपने Cinema Hall में देखा होगा। जो Image या Videos को बड़े पर्दे पर दिखाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि Projector द्वारा आकृति को कैसे दिखाया जाता है।

आपने Projector को देखा है या नहीं। इसका कोई मतलब नहीं है। अगर आप Computer Field के क्षेत्र से हैं या Computer Field में अपना Carrier बनाना चाहते हैं। तब आपको Projector की जानकारी अवश्य होनी चाहिए। चूँकि इस लेख में हमने Projector की जानकारी को आसान भाषा और विस्तार से समझाया है। ताकि इस लेख को पढ़ने के बाद सभी लोगों को Projector की जानकारी हो जाए। तो देर किस बात की पढ़िए Projector की जानकारी। चलिए सबसे पहले जानते हैं कि Projector क्या है?

Projector क्या है? (What is Projector in Hindi)

Computer Projector एक Optical Device है। जो बड़े Screen पर Output देने का कार्य करता है। इसलिए इसे Output Device भी कहते हैं। यह किसी Image या Video को बड़ी सतह जैसे दिवार या सफेद पर्दा पर दिखा सकता है। इसकी खास बात यही है कि यह छोटे से छोटे छवि (स्थिर या गतिमान) को बड़ा कर के दिखा सकता है। जिसके लिए इसे किसी खास स्क्रीन की आवश्यकता भी नहीं होती है। क्योंकि यह किसी भी सामान्य पर्दे या दीवार पर छवि दिखा सकता है।

आपने ऐसा उपकरण कभी जरुर देखा या सुना होगा, जो छवि को पर्दे पर या किसी सतह पर दिखाता है। वह उपकरण प्रोजेक्टर होता है। इसका ज्यादातर उपयोग Meeting और Presentation देने के लिए होता है। आजकल इसका उपयोग पढ़ाई (Study) में भी किया जा रहा है। Cinema Hall में Movie भी इसी से चलती है। आज Projector का इस्तेमाल घर में भी Movies देखने के लिए किया जा रहा है। इसकी सहायता से Movies को बड़ी छवि के साथ दिखाया जाता है। जिसे बड़े हॉल में बैठे सभी लोग आसानी से देख सकते हैं। Movies को बड़ी छवि के साथ देखने का अपना अलग ही मजा होता है।

इस Device ने पढ़ाई के तरीके को भी बदल दिया है। जहाँ पहले Blackboard पर पढ़ाया जाता था और समझाया जाता था। लेकिन अब Blackboard की जगह Projector लेते जा रहा है। Projector का शिक्षा में उपयोग की विस्तृत जानकारी नीचे बताया है। Projector Computer या Blue-Ray Player द्वारा प्राप्त छवि को बड़ा कर दिखाता है। अधिकांश Projector छोटे पारदर्शी लेंस के माध्यम से प्रकाश चमकाकर छवि बनाते हैं। जिसे Reflect कर दिवार, पर्दा या किसी बड़े स्क्रीन पर दिखाया जाता है। नए प्रकार के Projector सीधे Laser का उपयोग कर छवि को Project कर सकते हैं।

Projector का क्या अर्थ है? (Projector Meaning in Hindi)

आपको पता होना चाहिए कि Projector एक अंग्रेजी शब्द है। तब क्या आप जानते हैं कि इसका हिंदी अर्थ क्या होता है। Projector का हिंदी अर्थ प्रक्षेपक या प्रक्षेपित्र होता है। साधारण भाषा में समझें, तब ऐसा कोई भी उपकरण जो छवि (स्थिर या गतिमान) को किसी सतह पर प्रक्षेपित करता है, वह प्रक्षेपक या प्रक्षेपित्र कहलाता है। चलिए Projector का परिचय पढ़ते हैं।

Projector का परिचय (Projector Introduction in Hindi)

Projector का चित्र

आपने यह तो जान लिया की Projector क्या है और Projector का क्या अर्थ होता है। इतना पढ़ने के बाद आपको Projector के बारे में बहुत जानकारी हो गया होगा। लेकिन इससे आप Projector से परिचित नहीं हुए होंगे। क्या आपको इतना सबकुछ पढ़ने के बाद यह समझ में आया है कि Projector कैसा होता है। क्या आप Projector के बारे में अंदाजा लगा सकते हैं। नहीं ना! जिन्होंने Projector देखा है। वे लोग तो Projector से परिचित ही होंगे कि एक Projector कैसा होता है। लेकिन अगर आप Projector से परिचित नहीं है। तब आपके लिए यहाँ मैंने Projector का परिचय दिया है।

Projector कई Shape और Size के आते हैं। इनकी क्षमता भी विभिन्न प्रकार की होती है। सामान्यतः Projector एक Box जैसा होता है। इसे Computer या अन्य Multimedia Device से कनेक्ट करने के लिए केबल का इस्तेमाल किया जाता है। आजकल के Projector Wireless भी आने लगे हैं। जिसे Bluetooth से कनेक्ट किया जा सकता है। Projector को On करने पर इससे Light की Focus निकलती है। यह Light जहाँ पड़ती है। वहाँ बड़े आकार में चित्र दिखने लगते हैं। साफ चित्र बनाने के लिए इसे अंधेरे की आवश्यकता होती है। इसलिए इसका उपयोग अंधेरे कमरे में किया जाता है।

Cinema Hall में भी अंधेरा होता है। यह तो आप जानते ही होंगे। जिन लोगो ने Projector नहीं देखा है। उनके लिए हमने ऊपर Projector का चित्र दिया गया है। वही Box आकार का Device Projector होता है। आपने यह तो जान लिया कि Projector किस आकार का होता है। चलिए अब यह भी जानते हैं कि Projector द्वारा आकृति को कैसे दिखाया जाता है। यानी Projector कैसे काम करता है?

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Projector कैसे काम करता है? (How Projector Work in Hindi)

Projector किसी सतह, पर्दे या स्क्रीन पर इमेज या वीडियो को Project करता है। अधिकांश Projector में एक Lens लगा होता है। इसी Lens से होकर Light किसी सतह पर पड़ती है। यह Light से सतह पर चित्रों का प्रतिबिम्ब बनाता है। कुछ नए Projector Lens की जगह Laser का प्रयोग करते हैं। Projector को क्या दिखाना है, क्या नहीं इत्यादि का Instructions Computer से प्राप्त होता है। इसके लिए Projector को Computer से कनेक्ट करना होता है और Computer में Projector का एक Software Install करना होता है।

पहले के Projector के कार्यप्रणाली आसान था। क्योंकि पहले फिल्म के हर फ्रेम में छोटा फोटो होता था। फोटो को Light की सहायता से Lens पर गुजारा जाता था। जिसके बाद फोटो बड़े आकार में दिखता था। किंतु आजकल बहुत सारे Projector आ गए हैं। लेकिन सभी का कार्यप्रणाली लगभग समान ही होता है। हालांकि उनकी क्वालिटी और क्षमता में अंतर हो सकता है। आज के समय का Projector का कार्य बदल चुका है। अब यह High Intensity की Light को छोटे-छोटे Pixels से होकर गुजारा जाता है।

इसमें 3 तरह के Display का इस्तेमाल होता है। जिसकी वजह से Light को 3 रंगो से गुजरना पड़ता है। फिर Light प्रिज्म में जाकर रंगीन बनती है। जिसके बाद Projector इस Light को Project कर देती है। अब वह Image या Video बड़े आकार में दिखने लगता है।

Projector का Throw Distance क्या है?

किसी Projector का Throw Distance वह Distance होता है। जो Projector और Screen के बीच दूरी होता है। अर्थात Projector द्वारा जहाँ Project किया गया है। वहाँ से लेकर Projector तक की दूरी (Distance) को Throw Distance कहते हैं। यानी वह दूरी जहाँ Projector द्वारा छवि को Thrown किया जा सकता है।

Projection Screen क्या है?

आसान भाषा में बताएं तो Projector द्वारा जिस Screen पर छवि दिखाया जाता है। उस Screen को Projection Screen कहते हैं। Projection Screen एक तरह का Surface और Support Features के साथ होता है। जिसे Projected Image को दिखाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। जिस पर Image को Audience देखती है। Projection Screen भी कई तरह के आते हैं। लेकिन सभी Projection Screen के काम करने का तरीका लगभग समान होता है। जैसे कि Front Projection Screen करते हैं।

Projector के प्रकार (Types of Projector in Hindi)

वैसे तो Projector के कई प्रकार होते हैं। उसकी विशेषता और कार्यप्रणाली के आधार पर बहुत सारे प्रकारों में बांट सकते हैं। लेकिन मुख्य रुप से निम्न प्रकार में बांट सकते हैं।

  1. DLP Projector
  2. LCD Projector
  3. CRT Projector

चलिए Projector के प्रकार को विस्तार से जानते हैं।

1. DLP Projector क्या है? (DLP Projector in Hindi)

DLP का पूरा नाम Digital Light Processing होता है। DLP Optical Micro-Electro-Mechanical तकनीक पर आधारित चिप का एक सेट होता है। इस तकनीक का आविष्कार Larry Harnback द्वारा सन् 1987 मे किया गया था। जिसमें Digital Micromirror Device (DMD) उपयोग किया जाता है। लेकिन पहली बार DLP आधारित Projector को सन् 1997 में Digital Projection Limited द्वारा पेश किया गया था। इसके लिए Digital Projection Limited को सन् 1998 में एमी अवार्ड से नवाजा भी गया था।

DLP Projector दो तरह की होती है। एक Chip DLP Projector और तीन Chip DLP Projector. DLP किसी सफेद पर्दे, सतह या स्क्रीन पर Light को प्रतिबिंबित करता है। क्योंकि DLP Reflective Projection Method का उपयोग करता है। इसके लिए Micro Mirror का इस्तेमाल किया जाता है। इसी Micro Mirror को Digital Micro Mirror भी कहते हैं। Digital Micro Mirror छोटे होते हैं। DLP Projector का उपयोग विभिन्न प्रकार के कार्यों में किया जाता है। जिसमें व्यवसाय या घरेलू मनोरंजन, बड़ी स्क्रीन टीवी और डिजिटल सिनेमा के स्थान पर किया जाता है।

DLP Projector के लाभ
  • DLP Projector को Maintain रखना आसान है। क्योंकि यह एक Filter-Free और Sealed Chip Design Projection होता है।
  • DLP Projector अच्छे Contrast और उच्च Contrast Ratio के साथ शानदार, रंगीन और स्पष्ट छवियां प्रदान करते हैं।
  • Pixels के बीच सीमित स्थान के कारण अंतिम छवि बहुत तेज होती है।
  • दर्पणों के उपयोग से प्रकाश उत्पादन ज्यादा होता है और इसमें प्रकाश हानि भी बहुत कम होती है।
  • DLP Technology अन्य Projector के मुकाबले गहरा काला रंग प्रदान करते हैं।
  • DLP एक Smoother Image बनाती है। जो 35mm या 70mm की Film जितनी अच्छी होती है।
DPL Projector के हानि
  • Mirrored Chip के कारण DLP में Pixels की संख्या सीमित होती है।
  • DLP LCD Technology की तरह उज्ज्वल नहीं है।
  • यह Screen पर रंग की संक्षिप्त चमक के साथ-साथ इंद्रधनुष प्रभाव भी उत्पन्न कर सकता है।

2. LCD Projector क्या है? (LCD Projector in Hindi)

LCD का पूरा नाम Liquid Crystal Display होता है। LCD Projector Reflective के बजाय Light Transmissive तकनीक पर कार्य करता है। जिसके लिए Liquid Crystal का उपयोग किया जाता है। इस प्रकार के Display Panel का उपयोग TV, Laptop, Smartphone आदि में भी होता है। LCD Display CRT की तुलना में पतली होती है। इसे Slide Projector और Overhead Projector का Modern Version कह सकते हैं। जो वीडियो, छवि और डाटा को Display करता है।

यह Projector प्रत्येक Colors के लिए तीन पैनल का प्रयोग करता है। Optical Filter का प्रमुख कार्य Lamp से सफेद रोशनी को तीन Colors (Red, Green, Blue) में विभाजित करना और संबंधित Panel के द्वारा निर्देशित करना होता है। LCD Projector का सबसे पहला Prototype सन् 1972 में SID सम्मेलन में प्रस्तुत किया गया था।

LCD Projector के लाभ
  • LCD Projector Low Budget होते हैं।
  • LCD Projector अधिक प्रकाश कुशल होते हैं।
  • LCD Projector का रंग संतृप्ति अच्छा होता है।
  • LCD Projector एक Bright Image उत्पन्न कर सकते हैं।
  • जब बात Brightnessकी होती है। तब LCD Projector High Score करते हैं।
  • 3LCD Projector Light Room में भी स्पष्ट और सुंदर छवियां प्रदान कर सकते हैं।
LCD Projector के हानि
  • LCD Projector भारी हो सकते हैं। क्योंकि इसमें बहुत ज्यादा Internal Components होते हैं। इस कारण इसे बार-बार इधर-उधर ले जाना एक मुश्किल कार्य होता है।
  • LCD जल्दी खराब हो सकते हैं और इसके Parts को Replace करना महंगा होता है।
  • LCD Projector Pixels के साथ Images भारी दिखने का कारण बनते हैं।
  • LCD Projector समय के साथ Image Quality खो सकते हैं।

3. CRT Projector क्या है? (CRT Projector in Hindi)

CRT का पूरा नाम Cathode Ray Tube होता है। CRT Projector एक तरह का Video Projection Device है। जो छवि बनाने के लिए Cathode Ray Tube (CRT) का इस्तेमाल करता है। फिर Lens की सहायता से छवि को किसी सतह या स्क्रीन पर केंद्रित कर बड़ा दिखाया जाता है। आजकल अधिकांश CRT Projector रंगीन होते हैं। सबसे पहले रंगीन CRT Projector लगभग 1950 के शुरुआत में सामने आया था। CRT Projector रंगीन छवियां बनाने के लिए तीन अलग-अलग CRT और Lens का उपयोग करते हैं।

एक समय CRT Projector का इस्तेमाल भी बहुत अधिक होता था। लेकिन बाद में यह LCD और DLP Technology से Replace हो गया। इस Technology में काफी विकास और सुधार किया गया। जिसका परिणामस्वरूप 2000 के अंत तक CRT में काफी गिरावट देखी गई और 2012 तक बहुत कम हो गया।

CRT Projector के लाभ
  • CRT Projector में इंद्रधनुष प्रभाव उत्पन्न नहीं होता है।
  • CRT रंगीन छवि बनाते हैं।
  • CRT द्वारा बनाए छवि Quality भी अच्छी होती है।
CRT Projector के हानि
  • CRT अधिक बिजली की खपत करते हैं।
  • CRT वजन में भारी होते हैं।
  • CRT आकार में बड़े होते हैं।
  • CRT Portable नहीं होते, इसे एक स्थान दूसरे स्थान ले जाना मुश्किल काम है।

Projector का भाग (Parts of Projector in Hindi)

  • Lens: यह Projector का महत्वपूर्ण भाग है। यही छवि को Screen पर Project करता है। कुछ Projector में Telescope Type के Lens होते हैं। जिनमें Zoom करने की विशेषता होती है। जिससे Projector को बिना आगे पीछे किए Projected छवि को बड़ा और छोटा किया जा सकता है।
  • Projection Lamp: इसे Projector Bulb के रुप में समझ सकते हैं। एक Light Bulb दूसरे दर्पण के माध्यम से पूर्ण छवि को चमकाता है। तब Light Projector Lens से होकर गुजरता है। Lens में घुमावदार कांच के कई टुकड़े हो सकते हैं। जो छवि को बड़ा करने या फोकस पर नियंत्रित करने के लिए मोड़ा जाता है।
  • Main Board: Projector में एक PCB Board भी होता है। जिसे Main Board भी बोला जाता है। इस Board से सभी Projector Components आपस में जुड़े होते हैं।
  • Power Supply: Projector को Power Supply करने के लिए एक छोटा सा Connectors होता है। जिसे Power Supply कहते हैं। इसी के जरिए Projector में Power Supply होता है। Power Supply भी Projector के Main Board से जुड़ा होता है। जिससे यह Projector के सभी Components तक Power Supply कर पाता है।
  • Cooling Fan: Projector में एक Cooling Fan होता है। जो Projector को ठंडा करने का काम करता है। जब Projector चालू होता है। तब यह बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है। जिसके कारण Projector बंद पड़ जाता है या खराब भी हो सकता है। इसीलिए Projector में Cooling Fan लगाया जाता है। ताकि Projector सही से लंबे समय तक चल सके।
  • Speaker: Projector में एक Speaker भी लगा होता है। जिससे आवाजे निकलती है। जब हम Projector से कोई Videos देखते हैं। तब छवि किसी सतह या पर्दा पर दिखता है। जबकि आवाज Projector के Speaker से आता है। तेज आवाज के लिए आप अलग से Speaker भी लगा सकते हैं।
  • Port & Connectors (Interface): Projector में विभिन्न प्रकार के Ports और Connectors लगा होता है। Projector को कंप्यूटर से कनेक्ट करने के लिए इन्हीं में से किसी Connectors का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें HDMI और USB के लिए भी विकल्प दिया होता है।
  • Remote Receiver: आजकल के Projector Remote Control के साथ आने लगे हैं। इस तरह के Projector को Remote से Control किया जाता है। ऐसे Projector में एक Remote Receiver भी लगा होता है। यह Remote के Signal को Receive करता है।
  • Case: Projector Case भी Projector के लिए महत्वपूर्ण होता है। यह Projector के सभी जरूरी Components को सुरक्षित रखने का कार्य करता है।

Projector की विशेषता (Features of Projector in Hindi)

Projector का उपयोग भी काफी ज्यादा होता है। हालांकि TV जितना तो नहीं, फिर भी इसका उपयोग दिन प्रतिदिन बढ़ है। इसलिए यहाँ हम इसके कुछ महत्वपूर्ण विशेषताओं को जानेंगे। Projector का निम्नलिखित विशेषता है।

1. Portable

Projector का उपयोग मुख्यतः TV और Monitor के स्थान पर किया जाता है। लेकिन TV और Monitor बड़े होते हैं। इसे किसी एक स्थान पर फिक्स रखना होता है। इसे आप कहीं ले नहीं जा सकते हैं। जबकि एक Projector छोटा होने के साथ वजन में भी हल्का होता है। इसे आप एक जगह से दूसरी जगह आसानी से ले जा सकने में सक्षम होते हैं।

2. Easy to Install

Projector का उपयोग करने के लिए ज्यादा कुछ Setup करने की आवश्यकता नहीं होती है। इसे Setup करना आसान होता है और कभी भी इसे Setup कर सकते हैं।

3. Large Picture Size

एक Projector Size में छोटा होने के साथ-साथ वजन में हल्का तो होता है। लेकिन इसके Pictures Size छोटी नही होती है। इसकी कार्यप्रणाली प्रकाश फोकस पर आधारित होती है। यह प्रकाश का फोकस कर बड़ा छवि बनाते हैं।

4. Resolution

Projector बड़ा छवि बनाने के साथ-साथ उसकी Pictures Resolution भी अच्छी होती है। अधिकांश Projector की Pictures Quality 1080p होती है। जो काफी अच्छा होता है Pictures Quality के लिए।

5. Dark Room

एक Projector का उपयोग Dark Room में किया जाता है। इससे Pictures की Quality अच्छी और साफ दिखती है। इसे भी हम Projector की एक महत्वपूर्ण विशेषता कह सकते हैं। कई लोगों को यह विशेषता फायदेमंद लगता है। जैसे; Movies देखते वक्त। वहीं यह विशेषता कभी नुकसानदेह भी होता है। जैसे; मिटिंग और पढ़ाई वक्त।

Projector का उपयोग (Uses of Projector in Hindi)

चलिए अब जानते हैं कि Computer Projector का उपयोग कहाँ-कहाँ होता है।

1. Meetings & Presentations देने में

Meeting और Presentations देने में Projector मुख्य रुप से उपयोग किया जाता है। अगर आप Job में हैं। तब आप इसका इस्तेमाल जरूर किए होंगे। अगर आपने इसका उपयोग नहीं किया है। तब इसे Movies में जरुर देखा होगा। यानी Projector का ज्यादातर या मुख्य रूप से उपयोग Meeting और Presentations देने के लिए होता है।

2. Projector का शिक्षा में उपयोग

आजकल Projector का उपयोग Education में भी हो रहा है। इससे पढ़ाई Blackboard की तुलना में थोड़ी आसान हो जाता है। क्योंकि इससे Parts के बारे (Biology) या छवि दिखाने में दिखाने में आसानी होती है। जहाँ Blackboard पर Parts को बनाना पड़ता है। जिससे समझाना थोड़ा मुश्किल होता है। लेकिन Projector की मदद से किसी छवि को 3D में दिखाकर समझाना आसान हो जाता है। जिससे पढ़ाई थोड़ी Interesting लगने लगती है। साथ में शिक्षक को भी आसानी होती है। इसमें बार लिखना और मिटाना नहीं पड़ता है।

3. Projector का शादी समारोह में उपयोग

आजकल इसका उपयोग शादी जैसे समारोह में भी किया जाता है। जैसा कि ऊपर मैंने बताया कि इससे Hall में बैठे सभी लोग देख सकते हैं। चूँकि शादी और पार्टी आदि में बहुत सारे लोग होते हैं। इसलिए यहाँ किसी Movies या Memories को देखने के लिए Projector का इस्तेमाल होता है। जैसे; शादी की तस्वीर देखने में।

5. Projector का Video Game में उपयोग

आज के समय में Video Games इतना उन्नत हो गया है कि लोग दिन रात इसी में लगे रहते हैं। लोग अपने पढ़ाई और महत्वपूर्ण काम छोड़कर खेलते हैं। कुछ अपने स्मार्टफोन से खेलते हैं, तो कुछ कंप्यूटर पर खेलते हैं। यहाँ पर भी बड़ी स्क्रीन की आवश्यकता होती है। जिसकी पूर्ति Projector करता है।

6. Projector का Movies देखने में उपयोग

Projector को Cinema के लिए ही जाना जाता है। लोग पहले भी इसका उपयोग Movies देखने में करते थे और आज भी करते हैं। अगर किसी के पास Projector है। तब वह उसका ज्यादातर उपयोग अपने फैमिली या फ्रेंड्स के साथ Movies देखने में करते होंगे।

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Conclusion – Projector in Hindi

Projector, जिसका हिंदी अर्थ प्रक्षेपित्र होता है। जो कि छवि को प्रक्षेपित करने का कार्य करता है। इस लेख में हमने Projector के बारे में सबकुछ विस्तार से बताया है। Projector की यह प्रभावशाली लेख “Projector क्या है? इसका परिचय और हिंदी अर्थ” कैसा लगा। हम उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपको पसंद आया होगा और कुछ नया सीखने को मिला होगा।

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