प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है और इसके प्रकार

आज आप इस लेख में पढ़ेंगे कि प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है। यदि आप टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं। या फिर कंप्यूटर से संबंधित क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं।

तब आपको प्रोग्रामिंग लैंग्वेज आना चाहिए। लेकिन क्या आपको पता है कि प्रोग्रामिंग लैंग्वेज होता क्या है। अगर आपको पता नहीं है कि प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है। तब आप इस लेख को पढ़ सकते हैं।

इस लेख में प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की जानकारी बताया गया है। आप इस लेख को पढ़कर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है?

जिस तरह किसी व्यक्ति से Communicate (संवाद) करने के लिए किसी भाषा (Language) की जरूरत होती है। उसी तरह कंप्यूटर से Communicate (संवाद) करने के लिए प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की आवश्यकता होती है।

कंप्यूटर स्वयं काम नहीं करता है। इसलिए जब तक कंप्यूटर को कोई आदेश न दिया जाए। तब तब वह कुछ भी नहीं कर सकता है। कंप्यूटर को आदेश देने के लिए प्रोग्रामिंग लैंग्वेज एक माध्यम के रूप में काम करता है।

कंप्यूटर, मोबाइल, टेबलेट या किसी अन्य डिवाइस में आप जो कुछ भी देखते हैं। उसे कहीं न कहीं कंप्यूटर प्रोग्राम किया गया होता है। कंप्यूटर प्रोग्राम प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में लिखे गए निर्देशो का समूह होता है।

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कंप्यूटर को निर्देश देने तथा अपने इच्छा के अनुसार कार्य करवाने के लिए उपयोग किया जाता है। इसलिए इसे कंप्यूटर की भाषा भी कहते हैं। प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को कृत्रिम भाषा भी कहा जाता है।

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के द्वारा ही वेबसाइट, ऐप्लिकेशन या सॉफ्टवेयर बनाया जाता है। प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के जानकार व्यक्ति को कंप्यूटर प्रोग्रामर कहते हैं। कंप्यूटर प्रोग्रामर को प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की अच्छी जानकारी होती है।

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के प्रकार

फिलहाल 2500 प्रोग्रामिंग लैंग्वेज मान्यता प्राप्त है। जिसे हम तीन प्रकार में बांट सकते हैं। कुछ कंप्यूटर प्रोग्रामर को एक से अधिक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का ज्ञान होता है। वहीं कुछ कंप्यूटर प्रोग्रामर किसी एक विशेष प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की पूरी ज्ञान रखते हैं।

1. मशीन भाषा

मशीन भाषा (Machine Language) सांकेतिक भाषा है। यह एक मात्र प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है। जिसे कंप्यूटर सीधे समझ जाता है। इसके लिए किसी प्रकार के Translator की आवश्यकता नहीं होती है। इसलिए इसे कंप्यूटर की मूल भाषा के रूप में जाना जाता है। जिसे मूलभूत या आधारभूत भी बोलते हैं।

मशीन भाषा बंद और चालू ये दो संकेतो पर कार्य करता है। जिसे 0 (ऑफ) और 1 (ऑन) संकेत भी कहते हैं। इस संकेत से निर्मित श्रृंखला को Binary Code या Binary Digit कहा जाता है।

मशीन भाषा का प्रयोग प्रोग्राम लिखने के लिए करना एक मुश्किल और अत्यधिक समय लगने वाला कार्य है। क्योंकि इस भाषा में प्रोग्राम लिखने के लिए कंप्यूटर प्रोग्रामर को मशीन संकेत को संख्या के रुप में याद रखना होगा। इसमें लगती होने की संभावना बहुत अधिक होती है।

2. असेंबली भाषा

मशीन भाषा में प्रोग्राम लिखने के लिए संकेतो को याद रखना होता था। इस समस्या को दूर करने के लिए असेंबली भाषा (Assembly Language) का निर्माण किया गया। इसमें Binary Digit के स्थान पर अक्षर और चिन्हों का प्रयोग किया जाता है। इसलिए इसे Symbol Language भी कहते हैं।

इसमें न्यूमोनिक कोड का प्रयोग किया जाता है। जिन्हें याद रखना आसान होता है। जैसे; LDA (Load), ADD (Adding) तथा SUB (Subtraction) इत्यादि होता है। इसमें प्रत्येक के लिए मशीन कोड निर्धारित है। जिसे असेम्बलर (Assembler) के द्वारा Translate किया जाता है।

असेंबली भाषा मशीन भाषा के अपेक्षा अधिक सरल तथा समय की बचत करने वाला है। इसमें गलतियों को सरलता से ढूंढ सकते हैं।

3. उच्च स्तरीय भाषा

उच्च स्तरीय भाषा (High Level Language) कंप्यूटर की वह प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है। जिसमें अंग्रेजी के अक्षरो, संख्याओं और चिन्हों का प्रयोग किया जाता है। यह मशीन पर निर्भर नहीं करता है। इसे समझना आसान होता है। किंतु कंप्यूटर सिर्फ मशीन भाषा को समझता है। इसलिए इस लैंग्वेज को भी बाद में कम्पाइलर की मदद से मशीन भाषा में ही Translate किया जाता है। जैसे:- बेसिक, सी, सी++ इत्यादि।

कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का उपयोग

ऊपर हमने प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को बहुत ही आसान लैंग्वेज में बताया है। इससे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है। यह तो पता चल ही गया होगा। यहाँ पर हमने प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के उपयोग को बताया है। कि प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को क्यों और कौन कौन से कार्य के लिए उपयोग किया जाता है। इससे इसका उपयोग और कार्य स्पष्ट तरीके से समझ आएगा।

  1. कंप्यूटर को निर्देश देने के लिए उपयोग किया जाता है।
  2. कंप्यूटर को अपने अनुसार कार्य कराने के लिए प्रोग्रामिंग भाषा का प्रयोग किया जाता है।
  3. कंप्यूटर से संचार करने के लिए उपयोग किया जाता है।
  4. कंप्यूटर के डिजाइन अपने अपने अनुसार करने के लिए उपयोग किया जाता है।
  5. ऐप्लिकेशन या सॉफ्टवेयर बनाने के लिए प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का उपयोग किया जाता है।
  6. वेबसाइट बनाने के लिए प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का उपयोग किया जाता है।

कुछ पॉपुलर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की जानकारी

1. JAVASCRIPT

जावास्क्रिप्ट को 1995 में Brendan Eich द्वारा बनाया गया था। जो कि एक पॉपुलर Scripting Language है। इसे Client Side और Server Side दोनो के लिए इस्तेमाल किया जाता है। किंतु सबसे अधिक Client Side Scripting Language के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।

इसे सीखने और प्रयोग करने में आसान होता है। इसका उपयोग वेबसाइट को Dynamic बनाने के लिए किया जाता है। वेब डेवलपर को HTML और CSS के साथ Javascript भी सीख लेना चाहिए। क्योंकि इससे वेबसाइट को Interactive बनाया जा सकता है।

2. PYTHON

Python को 1991 में Guido Van Rossum के द्वारा बनाया गया था। इसे General Purpose और High Level Programming Language कहते हैं। यह ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड/इंटरप्रिंटेड भाषा भी है। यह भी एक Scripting Language है। जिसको सीखना, समझना और प्रयोग करना आसान है।

यदि आप पहली बार प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीख रहे हैं। तब शुरुआत इससे भी कर सकते हैं। इसका उपयोग सबसे अधिक वेब ऐप्लिकेशन, गेम डेवलपमेंट, सर्वर साइड और वेबसाइट बनाने में किया जाता है। इसे मशीन लर्निंग और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस में बहुत अधिक पसंद किया जा रहा है।

3. JAVA

Java को 1995 में Sun-Micro System के द्वारा शुरू किया गया था। यह एक General Purpose और High Level प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है। जावा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के डेवलपर में James Gosling एक प्रमुख डेवलपर थे। इसे मुख्य रूप से Software Development और Application Development के लिए उपयोग किया जाता है।

जावा में लिखे गए प्रोग्राम अथवा कोड को किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम पर Run कर सकते हैं। ये पूरी तरह से ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग लैंग्वेज पर Based है। यह C++ प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के काफी Similar भी है।

4. C/C++

C और C++ दोनो अलग अलग प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है। और दोनो High Level Programming Language है। C Programming Language को Unix Program के लिए बनाया गया था। किंतु अब इसका सभी प्रकार के Application बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।

और यह प्रोग्रामिंग लैंग्वेज लगभग सभी प्लेटफॉर्म पर कार्य भी करता है। वहीं C++ प्रोग्रामिंग लैंग्वेज C प्रोग्रामिंग लैंग्वेज से उत्पन्न हुआ है। इसलिए C प्रोग्रामिंग लैंग्वेज C++ प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के काफी Similar होता है। किंतु एक नहीं है।

5. PHP

PHP Open Source और Server Side Scripting Language है। जिसका उपयोग विशेष रुप से वेब डेवलपमेंट में सर्वर साइड के लिए उपयोग किया जाता है। इससे Dynamic Webpage बनाया जा सकता है। आज कल PHP Dynamic वेबसाइट बनाने के लिए काफी लोकप्रिय है।

PHP का पूरा नाम हाइपरटेक्सट प्रीप्रोसेसर होता है। आमतौर पर इसका उपयोग Dynamic Website, Static Website, Web Application और Login इत्यादि बनाया जाता है।

जरुर पढ़ें:-

  1. कंप्यूटर क्या है?
  2. हार्डवेयर क्या है?
  3. सॉफ्टवेयर क्या है?
  4. ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है?

Conclusion

कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है और इसके प्रकार लेख आपको कैसा लगा। हम उम्मीद करते हैं कि प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या होता है। इसे हम आसान भाषा में समझाने में सफल रहे हैं। यदि आपका कोई प्रश्न है। तब नीचे कमेंट के माध्यम से पुछ सकते हैं।

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