Programming Language क्या है और इसके प्रकार

आपने ये तो जरूर सुना होगा कि Hardware और Software से मिलकर एक पूरा कंप्यूटर बनता है। Hardware के अंतर्गत बहुत सारे Electronic Parts आते हैं। वहीं Software प्रोग्रामों का समूह होता है। जिसे Programming Language के द्वारा लिखा जाता है। बिना Software के कंप्यूटर का कोई अस्तित्व नहीं है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि Programming Language क्या होता है।

Program क्या होता है। जिसे Programming Language के द्वारा लिखा जाता है। आपने कंप्यूटर या कोई स्मार्टफोन डिवाइस का Use जरुर किया होगा। अभी इस Article को पढ़ने के लिए भी किसी डिवाइस का उपयोग कर रहे होंगे। तब आपने ध्यान दिया होगा कि कंप्यूटर या स्मार्टफोन में कुछ भी करने के लिए एक अलग Application का प्रयोग किया जाता है। चाहे Call करना हो या Game खेलना हो। इस Article को पढ़ने के लिए भी किसी App (Application) का इस्तेमाल जरुर कर रहे होंगे।

इन Application Software को भी Programming Language में ही लिखा जाता है। अगर आप भी Programming Language को सीख जाएं। तब आप भी इस तरह के Applications को बना सकते हैं। और Applications बना के पैसे भी कमा सकते हैं। लेकिन इसके लिए आपको Programming Language का ज्ञान होना चाहिए। चलिए इस Post में Programming Language की पूरी जानकारी प्राप्त करते हैं। जैसे; Programming Language क्या है, Program क्या है, Programming Language के प्रकार इत्यादि।

जरुर पढ़ें: Programming Language कैसे सीखे?

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है? (What is Programming Language in Hindi)

कंप्यूटर स्वयं कोई कार्य नहीं करता है। इसलिए जब तक कंप्यूटर को कोई आदेश न दिया जाए। तब तक कंप्यूटर कुछ भी नहीं करता है। कंप्यूटर को आदेश देने के लिए एक माध्यम के रूप में Programming Language का उपयोग किया जाता है। जिस तरह किसी व्यक्ति से Communicate (बातचीत) करने में किसी Language की जरुरत पड़ती है।

उसी तरह कंप्यूटर से Communicate करने के लिए और उसे आदेश देने के लिए Programming Language की आवश्यकता होती है। Programming Language का उपयोग कंप्यूटर से Communicate करने के लिए किया जाता है। इसलिए इसे कंप्यूटर की भाषा या कंप्यूटर भाषा के रूप में जानते हैं। इसके अलावा इसे सिर्फ Programming, Computer Programming या Coding के रुप में भी जानते हैं।

चूँकि Programming Language को कंप्यूटर से Communicate करने के लिए इंसानों ने Design किया है। इसलिए इसे कृत्रिम भाषा भी कहा जाता है। इसके द्वारा कंप्यूटर को इस तरह आदेश दिया जाता है कि कंप्यूटर पर क्या करने पर क्या होगा। या फिर किस तरह React करेगा इसे Programming Language के द्वारा पहले ही Program किया जाता है।

कंप्यूटर, मोबाइल, टेबलेट या किसी अन्य डिवाइस में जो कुछ भी देखते हैं। या फिर इन डिवाइस से जो कुछ भी कर पाते हैं। उसे कहीं ना कहीं Programming Language के द्वारा Program किया गया होता है। Programming Language को कंप्यूटर को निर्देश देने तथा इसे अपने इच्छा अनुसार कार्य करवाने के लिए उपयोग किया जाता है। Programming Language के द्वारा ही Website, Application और Software बनाया जाता है।

प्रोग्राम क्या होता है? (What is Program in Hindi)

ऊपर Program शब्द का उपयोग किया गया है। जो कि Programming Language में बहुत ही महत्वपूर्ण है।

कंप्यूटर से हम बहुत सारे कार्य करते हैं। जो बहुत ही जल्दी हो जाता है। लेकिन कंप्यूटर से किसी भी तरह के कार्य करवाने के लिए कंप्यूटर को आदेश यानी Instructions देना होता है। क्योंकि कंप्यूटर खुद से कोई कार्य नहीं कर सकता है। कंप्यूटर को Instructions देने के लिए Program लिखे जाते हैं। जिसे Computer Program या Code भी कहा जाता है।

Program या Computer Program, Programming Language में लिखे गए आदेशों या निर्देशों के समूह को कहते हैं। Computer Program कंप्यूटर में किसी विशिष्ट कार्य को करने के लिए लिखा जाता है और वह कार्य उसी तरह कार्य करता है। जिस तरह Program में लिखा गया होता है।

यानी कंप्यूटर हमारे द्वारा लिखे गए Program के अनुसार ही कार्य करता है। Program को Programmer या Software Engineer के द्वारा बनाया या लिखा जाता है।

प्रोग्रामर कौन होता है? (Who is Computer Programmer in Hindi)

Programming Language के जानकार व्यक्ति को Programmer या Computer Programmer कहते हैं। ये वही व्यक्ति होते हैं जो अपने Programming Skills से Website, Application या Software बनाते हैं। इन्हें Programming Language की अच्छी जानकारी होती है।

कंप्यूटर में कार्य करने के लिए Application यानी Application Software की जरूरत होती है। जिसे Programmer या Software Engineer पूरा करते हैं। इन्हें Programming Language का ज्ञान होता है। जिसकी सहायता से तरह तरह के Application बना सकते हैं। किसी बने Application में कुछ नये फीचर्स जोड़कर पहले से अधिक उपयोगी बना सकते हैं। या फिर किसी Application की कमी को दूर कर सकते हैं। इन्हें मुख्यतः Programmer, Computer Programmer, Coder, Software Engineer के रुप में जाना जाता है।

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के प्रकार ( Types Of Programming Language in Hindi)

Computer को अपने अनुसार कार्य करवाने के लिए Computer से Communicate करना होता है। जिस तरह किसी व्यक्ति से Communicate करते हैं। इसके लिए Language की आवश्यकता होती है। लेकिन कंप्यूटर एक मशीन है और मशीन की अपनी एक Language होती है। जिसे Machine Language कहते हैं। प्रत्येक मशीन इसी Language के आधार पर कार्य करती है और सिर्फ इसी Language को समझती है।

लेकिन Machine Language को याद रखना बहुत कठिन होता है। इसलिए तरह तरह के बहुत सारे Programming Language लिखे गए हैं। जो मानव के लिए याद रखने और समझने में आसान है। Computer के इन सभी Language को मानव और कंप्यूटर के द्वारा समझने के स्तर के आधार पर दो प्रकार में बांटा जा सकता है।

  1. Low Level Programming Language (निम्न स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा)
  2. High Level Programming Language (उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा)

1. Low Level Programming Language क्या है? (What is Low Level Programming Language in Hindi)

Low Level Programming Language कंप्यूटर के शुरुआती भाषा है। जिसे कंप्यूटर हार्डवेयर के स्तर का माना जाता है। इसे समझना बहुत मुश्किल होता है। इसे कंप्यूटर में Run करने के लिए Compiler या Interpreter की आवश्यकता नहीं होती है। जिसके कारण Low Level Programming Language में लिखे गए Program को Run होने में अधिक समय नहीं लगता है।

इससे Memory और Processor की बचत होती है। Low Level Programming Language को दो भागों में बांटा जाता है।

1. Machine Language (मशीन भाषा)

Machine Language कंप्यूटर की सांकेतिक भाषा है। यह एक मात्र Programming Language है। जिसके लिए किसी Translator की आवश्यकता नहीं होती है। क्योंकि कंप्यूटर इसे सीधे समझ सकता है। इसलिए इसे कंप्यूटर के मूल भाषा के रूप में जाना जाता है। Machine Language, Binary Digit के आधार पर कार्य करता है। 0 और 1 से निर्मित श्रृंखला को Binary Code या Binary Digit कहते हैं।

जिसमें 0 बंद (Off) तथा 1 चालू (On) का संकेत है। कोई मशीन बंद और चालू के आधार पर ही कार्य करता है। इसलिए इसे कंप्यूटर के मूल भाषा कहा जाता है। Machine Language का उपयोग Programs लिखने के लिए करना एक मुश्किल और अधिक समय लगने वाला कार्य है। क्योंकि इसमें Programs लिखने के लिए मशीनी संकेतों को संख्या में याद रखना होगा। इसलिए इसमें गलती होने की संभावना भी बहुत अधिक होती है।

2. Assembly Language (असेंबली भाषा)

Machine Language में संकेतों को Numbers में याद रखना होता था। जो एक कठिन कार्य है। इस कारण Assembly Language को विकसित किया गया। Assembly Language में Binary Digit के स्थान पर अक्षर और चिन्हों का प्रयोग किया गया। इसलिए इसे Symbol Language भी कहते हैं।

यह दुसरी पीढ़ी का Programming Language है। जिसमें न्यूमोनिक कोड का प्रयोग होता है। जिसे याद रखना Machine Language की तुलना में बहुत आसान होता है। जैसे; LDA (Load), ADD (Adding), SUB (Subtraction) इत्यादि। इसके प्रत्येक कोड के लिए Machine Code निर्धारित होता है। जिसे Assembler के द्वारा Translate किया जाता है।

2. High Level Programming Language क्या है? (What is High Level Programming Language in Hindi)

High Level Programming Language एक प्रकार का Programming Language है। जिसमें अंग्रेजी के अक्षर, संख्या और चिन्ह का प्रयोग किया जाता है। यह मशीन पर निर्भर नहीं होता है। इस Programming Language को मानव के लिए समझना आसान वहीं कंप्यूटर के लिए कठिन होता है। क्योंकि कंप्यूटर सिर्फ Machine Language को समझता है। इसलिए High Level Language को भी बाद में Compiler या Interpreter की मदद से Machine Language में Translate किया जाता है। जैसे; Basic, C/C++ आदि।

Translator क्या है? (What is Translator in Hindi)

Translator भी एक Computer Program या Programming Language में लिखे गए निर्देशों का समूह होता है। जिसका कार्य Machine Language को छोड़ बाकी सभी Programming Language को Machine Language में बदल देता है यानी Translate कर देता है।

चूँकि कंप्यूटर सिर्फ Machine Language को समझता है। लेकिन मानव के आसानी के लिए बहुत सारे High Level Programming Language बनाया गया है। जिसे Translator की मदद से Machine Language में बदल दिया जाता है। Translator भी तीन तरह के होते हैं।

1. Assembler (असेम्बलर)

Assembly Language जिसमें अक्षर और चिन्ह का प्रयोग किया जाता है। इसे Machine Language में बदलने के लिए Assembler का प्रयोग किया जाता है।

2. Compiler (कम्पाइलर)

Compiler को High Level Programming Language में लिखे गए Program या Source Code को Machine Language में बदलने के लिए उपयोग किया जाता है। Compiler पूरे Program को एक ही बार में Read कर के Program से सारी गलतियों बता सकता है। Program से गलतियाँ दूर होने पर Program को Machine Language में बदल दिया जाता है।

3. Interpreter (इंटरप्रेटर)

Interpreter भी High Level Programming Language को Translate करता है। किंतु यह पूरे Program को एक ही बार में Translate करने के बजाय Program से एक-एक कर के निर्देश को Translate करता है। जब सारा Program Translate हो जाता है। तब अंत Program प्रतिक्रिया करता है।

कंप्यूटर Programming Language का उपयोग

ऊपर हमने Programming Language को बहुत ही आसान लैंग्वेज में बताया है। इससे Programming Language क्या है। यह तो पता चल ही गया होगा। यहाँ पर हमने Programming Language के उपयोग को बताया है। कि Programming Language को क्यों और कौन कौन से कार्य के लिए उपयोग किया जाता है। इससे इसका उपयोग और कार्य स्पष्ट तरीके से समझ आएगा।

  1. कंप्यूटर को निर्देश देने के लिए उपयोग किया जाता है।
  2. कंप्यूटर को अपने अनुसार कार्य कराने के लिए प्रोग्रामिंग भाषा का प्रयोग किया जाता है।
  3. कंप्यूटर से संचार करने के लिए उपयोग किया जाता है।
  4. कंप्यूटर के डिजाइन अपने अपने अनुसार करने के लिए उपयोग किया जाता है।
  5. ऐप्लिकेशन या सॉफ्टवेयर बनाने के लिए Programming Language का उपयोग किया जाता है।
  6. वेबसाइट बनाने के लिए Programming Language का उपयोग किया जाता है।

कुछ पॉपुलर Programming Language की जानकारी

1. JAVASCRIPT

जावास्क्रिप्ट को 1995 में Brendan Eich द्वारा बनाया गया था। जो कि एक पॉपुलर Scripting Language है। इसे Client Side और Server Side दोनो के लिए इस्तेमाल किया जाता है। किंतु सबसे अधिक Client Side Scripting Language के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।

इसे सीखने और प्रयोग करने में आसान होता है। इसका उपयोग वेबसाइट को Dynamic बनाने के लिए किया जाता है। वेब डेवलपर को HTML और CSS के साथ Javascript भी सीख लेना चाहिए। क्योंकि इससे वेबसाइट को Interactive बनाया जा सकता है।

2. PYTHON

Python को 1991 में Guido Van Rossum के द्वारा बनाया गया था। इसे General Purpose और High Level Programming Language कहते हैं। यह ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड/इंटरप्रिंटेड भाषा भी है। यह भी एक Scripting Language है। जिसको सीखना, समझना और प्रयोग करना आसान है।

यदि आप पहली बार Programming Language सीख रहे हैं। तब शुरुआत इससे भी कर सकते हैं। इसका उपयोग सबसे अधिक वेब ऐप्लिकेशन, गेम डेवलपमेंट, सर्वर साइड और वेबसाइट बनाने में किया जाता है। इसे मशीन लर्निंग और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस में बहुत अधिक पसंद किया जा रहा है।

3. JAVA

Java को 1995 में Sun-Micro System के द्वारा शुरू किया गया था। यह एक General Purpose और High Level Programming Language है। जावा Programming Language के डेवलपर में James Gosling एक प्रमुख डेवलपर थे। इसे मुख्य रूप से Software Development और Application Development के लिए उपयोग किया जाता है।

जावा में लिखे गए प्रोग्राम अथवा कोड को किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम पर Run कर सकते हैं। ये पूरी तरह से ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड Programming Language पर Based है। यह C++ Programming Language के काफी Similar भी है।

4. C/C++

C और C++ दोनो अलग अलग Programming Language है। और दोनो High Level Programming Language है। C Programming Language को Unix Program के लिए बनाया गया था। किंतु अब इसका सभी प्रकार के Application बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।

और यह Programming Language लगभग सभी प्लेटफॉर्म पर कार्य भी करता है। वहीं C++ Programming Language C Programming Language से उत्पन्न हुआ है। इसलिए C Programming Language C++ Programming Language के काफी Similar होता है। किंतु एक नहीं है।

5. PHP

PHP Open Source और Server Side Scripting Language है। जिसका उपयोग विशेष रुप से वेब डेवलपमेंट में सर्वर साइड के लिए उपयोग किया जाता है। इससे Dynamic Webpage बनाया जा सकता है। आज कल PHP Dynamic वेबसाइट बनाने के लिए काफी लोकप्रिय है।

PHP का पूरा नाम हाइपरटेक्सट प्रीप्रोसेसर होता है। आमतौर पर इसका उपयोग Dynamic Website, Static Website, Web Application और Login इत्यादि बनाया जाता है।

जरुर पढ़ें:-

  1. कंप्यूटर क्या है?
  2. हार्डवेयर क्या है?
  3. सॉफ्टवेयर क्या है?
  4. ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है?

आपने क्या सीखा?

उम्मीद करता हूँ कि यह Post आप लोगों को पसंद आया होगा और कुछ नया जानने और सीखने को मिला होगा। इस Post में Programming Language क्या है, Program क्या है, Programmer कौन होता है, Programming Language के प्रकार और Translator की जानकारी बताया गया है। यदि यह Post आप लोगों को पसंद आया है। तब इस Post को अपने दोस्तो के साथ शेयर जरुर करें।

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