PhD क्या है और PhD की पढ़ाई कैसे करे?

PhD क्या है? आपने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का नाम जरूर सुना होगा। ये वही हैं जिन्होंने भारत का संविधान लिखा था। ये न तो डॉक्टर थे और ना ही डॉक्टर का पढ़ाई किए थे। लेकिन फिर भी इन्हें डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के नाम से जाना जाता है। वैसे इनका नाम भीमराव अंबेडकर था। सिर्फ ये ही नहीं इनके जैसे बहुत सारे हैं। जो डॉक्टर ना होते हुए भी इन्हें डॉक्टर की उपाधि लगा हुआ है। जैसे; डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद, डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम आदि।

तो आखिर ऐसा क्या है जिसके कारण ये लोग डॉक्टर ना होते हुए भी अपने नाम के आगे डॉक्टर की उपाधि प्राप्त करते हैं। क्या आप जानते हैं कि ऐसा कैसे होता है। या फिर आप भी अपने नाम के आगे डॉक्टर लगाना चाहते हैं। तब इस Post को अंत तक पढ़ें। इस Post में इसकी पूरी जानकारी दिया गया है। वैसे कोई व्यक्ति यदि डॉक्टर होता है या फिर डॉक्टर की पढ़ाई करता है। तब उसे हम उसके नाम के आगे डॉक्टर लगाते है।

लेकिन डॉक्टर ना होते हुए या फिर डॉक्टर के पढ़ाई किए बिना पीएचडी डिग्री प्राप्त व्यक्ति में भी डॉक्टर शब्द लगा हैं। यानी जो व्यक्ति पीएचडी की पढ़ाई करता है। जिसके बाद उसे पीएचडी की डिग्री प्राप्त हो जाता है। तब उसके नाम के साथ डॉक्टर की उपाधि भी प्राप्त हो जाता है। पीएचडी डिग्री High Level का डिग्री होता है। इसके पश्चात व्यक्ति डॉक्टर नहीं बनता सिर्फ उसके नाम में डॉक्टर लगता है। यानी पीएचडी डिग्री सिर्फ डॉक्टर संबंधित डिग्री नहीं है।

इस डिग्री को किसी भी Subject में किया जा सकता है। जैसे; PhD in Mathematics, PhD in Organic Chemistry, PhD in Physical Chemistry और PhD in Pharmacology आदि। लेकिन क्या आपको पता है कि पीएचडी डिग्री क्या होता है और पीएचडी की पढ़ाई कैसे कर सकते हैं। यदि ये सभी जानकारी आपको नहीं है। तब इस Post को पढ़कर पीएचडी डिग्री की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। चलिए जानते हैं कि PhD क्या है?

PhD क्या है? (What is PhD in Hindi)

PhD का पूरा नाम (PhD Full in Hindi) Doctor of Philosophy होता है। यह एक High Level डिग्री कोर्स है। इसे Doctoral डिग्री कहा जाता है। जो कि पूरे तीन साल का होता है। इस डिग्री कोर्स को पूरा करने के बाद नाम के आगे डॉक्टर (Dr) लगाया जाता है। इस कोर्स में किसी खास Subject पर ही Study कराया जाता है। इस डिग्री कोर्स को पूरा करना आसान नहीं होता है।

क्योंकि इसे पूरा करने के बाद उस Subject का भरपूर ज्ञान हो जाता है। इतना ज्ञान हो जाता है कि उस Subject पर आगे Research या Analysis कर सकते हैं। यदि आप Professor या Lecturer बनना चाहते हैं। तब आपको PhD डिग्री कोर्स का कर लेना चाहिए। क्योंकि इसके लिए यह डिग्री जरूरी होता है। इस डिग्री को पूरा करने के लिए मेहनत के अलावा सब्र रखना भी जरूरी है।

क्योंकि इस डिग्री कोर्स में Direct Admission नहीं किया जा सकता है। बल्कि इसे पूरा करने के लिए School और College Pass करना होगा। जो Students PhD करना चाहते हैं। उनका Master Degree होना जरूरी होता है। यानी PhD को Master Degree के बाद ही किया जा सकता है।

PhD के फायदे (Advantage of PhD in Hindi)

  1. PhD एक Highest Degree Course है।
  2. PhD करने के बाद आपको अपने Subject का भरपूर ज्ञान हो जाता है।
  3. PhD करने के बाद आप अपने Subject में Expert बन जाते हैं।
  4. PhD करने के बाद किसी Position के Job के लिए Apply किया जा सकता है।
  5. PhD करने पर नाम में डॉक्टर (Dr) शब्द की उपाधि प्राप्त होती है।
  6. PhD करने के बाद Professor या Lecturer बन सकते हैं।
  7. PhD करने के बाद अपने Subject पर आगे Research और Analysis कर सकते हैं।

PhD के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए? (Eligibility Criteria for PhD in Hindi)

ऊपर हमने PhD Degree Course के कुछ फायदे बताए हैं। अगर आप भी इन फायदों को प्राप्त करना चाहते हैं। तब आपको इस Degree Course को पूरा करना होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस डिग्री कोर्स को पूरा करने के लिए आपके पास क्या योग्यता होना चाहिए। यानी PhD के लिए क्या क्या योग्यता की आवश्यकता होती है।

  1. PhD Degree Course में Admission लेने वाले Student का ग्रैजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन Complete होना चाहिए। इसके साथ यदि दोनो Course का Subject एक हो। तब और भी अच्छा है।
  2. जिसमें कम से कम 60% या 55% Marks होना चाहिए। क्योंकि PhD करने के लिए Entrance Exam Pass करना होता है। जिसके लिए आपके मास्टर डिग्री (Post Graduation) में कम से कम 55% Marks होना जरूरी होता है। वैसे ये Marks कुछ College में अलग हो सकती है।
  3. Engineering Students के लिए Valid Gate Score होना चाहिए।

PhD किसे करना चाहिए? (Who should do PhD in Hindi)

यदि ऊपर बताए गए सभी योग्यता आपके पास है। तब आप PhD Degree Course करने के लिए Eligible है। लेकिन एक प्रश्न बहुत सारे लोगों में होता है कि आखिर यह डिग्री कोर्स किसे करना चाहिए। यानी इसके इतने फायदे के साथ अगर आपके पास योग्यता भी है। तब क्या इस डिग्री कोर्स को कर लेना चाहिए। तो चलिए जानते हैं कि किसे करना चाहिए PhD का Degree Course

  • जिन छात्र या छात्रा को पढ़ाई में अधिक रुचि है। जो Master Degree के बाद और पढ़ना चाहते हैं।
  • जिन छात्र या छात्रा को किसी खास Subject पर ज्ञान प्राप्त करना हो। यानी जो किसी खास Subject का Expert बनना चाहता हो।
  • जिन छात्र या छात्रा को Professor या Lecturer बनना हो।
  • जिन छात्र या छात्रा को आगे Research या Analysis करना हो।
  • जिन छात्र या छात्रा को एक अच्छी Position का Job प्राप्त करना हो।

PhD Degree Course का फीस कितना होता है? (How much is the PhD Degree Course Fee in Hindi)

PhD Degree Course पूरे तीन साल का होता है। इस Degree Course में Exam Semester के अनुसार होता है। जिसमें Theory और Practical होता है। PhD का फीस College पर Depend करता है। क्योंकि प्रत्येक College का फीस अलग अलग होता है। आमतौर पर सरकारी कॉलेज की तुलना में प्राइवेट कॉलेज का फीस अधिक होता है।

PhD में Admission कैसे करे? (How to get Admission in PhD in Hindi)

अगर आपने मन बना लिया है कि आपको PhD करना है। तब चलिए जानते हैं कि PhD में Admission का क्या Process होता है। PhD Degree Course में Admission कराने के लिए कुल 6 Process से होकर गुजरना पड़ता है। जिसमें से किसी भी एक Process को Skip नहीं किया जा सकता है। क्योंकि ये Process Step By Step है। जिसमें से 4 Step में आपको पढ़ना होगा।

इसे Skip बिलकुल भी नहीं कर सकते हैं। PhD में कोई दिक्कत ना हो। इसके लिए इन 4 Step में उस Subject पर अधिक Focus करे। जिस Subject से आप PhD करेंगे। इन 4 Steps को पूरा करने में सालों लग जाते हैं। इसलिए कहा जाता है कि PhD Degree करने के लिए सब्र रखना जरूरी होता है। इन 4 Steps के बाद के 2 Steps Test और Entrance Exam होता है। जिसे Clear करना पड़ता है PhD करने के लिए। चलिए सभी Steps को विस्तार से जानते हैं।

Step#1:- 10वीं पास करे।

सबसे पहले आपको कक्षा दसवीं में Admission कराना होगा। कक्षा दसवीं का कोर्स एक वर्ष का होता है। जिसमें आपको एक वर्ष तक इसकी पढ़ाई करना होता है। जिसके बाद Exam देना पड़ता है। Exam में Pass होने पर अगले कक्षा में Admission करा सकते हैं। जब आप दसवीं Pass हो जाते हैं। तब आपको Intermediate में Admission कराना होगा। यदि आप पहले से ही 10वीं कक्षा को Pass कर चुके हैं। तब आप इसके अगले कक्षा Intermediate में Admission कराएं।

Step#2:- 12वीं पास करे।

Intermediate दो वर्ष का कोर्स होता है। जिसे दो कक्षा 11वीं और 12वीं में बांट दिया जाता है। जब 10वीं उत्तीर्ण कर लेते हैं। तब 11वीं में ही Admission होता है। जिस Subject से PhD करना चाहते हैं। उस Subject को 11वीं में जरूर लें। 11वीं को एक वर्ष तक पढ़ने के पश्चात 12वीं में जाते हैं। 12वीं को भी एक वर्ष तक पढ़ना होता है। जिसके बाद Final Exam पड़ता है। जिसमें आपको Pass होना है। Pass होने के बाद Graduation में Admission कराना होता है। यदि आप 12वीं कक्षा को पहले से ही Pass कर चुके हैं। तब आप Graduation में Admission कराएं।

Step#3:- Graduation की पढ़ाई करे।

Graduation तीन वर्ष का होता है। इसलिए इसे तीन Part (Part-1/Part-2/Part-3) में बांट दिया जाता है। 12वीं के बाद Graduation के Part-1 में Admission होता है। जिसे एक वर्ष तक पढ़ना होता है। उसके बाद Part-2 में जाएंगे। Part-2 को भी एक वर्ष तक पढ़ना है। जिसके बाद Part-3 में जाएंगे। Part-3 को एक वर्ष पढ़कर Graduation का Final Exam देना होता है। जिसमें उत्तीर्ण होने पर Post Graduation में Admission कराया जा सकता है। क्योंकि इसे Pass करने के बाद Post Graduation में Admission कराना होगा। यदि आप पहले से ही Graduation कर चुके हैं। तब आप भी Post Graduation में Admission कराएं।

Step#4:- Post Graduation की पढ़ाई पूरी करे।

Graduation के पढ़ाई पूरी करने के बाद Post Graduation की पढ़ाई करना होता है। जिसे Master Degree भी कहा जाता है। यह दो वर्ष का होता है। इसमें भी बाकी के तरह अच्छे से मेहनत करे और Final Exam में अच्छा Marks लाने की कोशिश करें। Master Degree करने के बाद ही PhD कर सकते हैं। जैसे यदि आप Engineering से PhD करना चाहते हैं। तब सबसे पहले M.Tech Master Degree को पूरा करना होगा। वहीं Medical से PhD करने के लिए MBBS का Master Degree Course करना होता है। Master Degree पूरा करने के बाद PhD के लिए अनिवार्य Entrance Exam को Crack करना होगा। यदि आपने पहले से ही Master Degree Complete कर चुके हैं। तब आप UGC NET का Exam दे सकते हैं। ये PhD के जरूरी होता है।

ध्यान दें:- Graduation और Post Graduation में भी वो ही Subject लें। जिस Subject में PhD करना चाहते हैं। इसके अलावा दोनो के Final Exam में 55% से अधिक Marks लाएं। ताकि आगे के Entrance Exam में कोई Problem ना हो।

Step#5:- UGC NET Test क्लियर करे।

PhD करने के लिए Master Degree पूरा करने के बाद UGC NET का Exam देना होगा। PhD के लिए इस Exam को देने के साथ इसमें Pass होना भी जरूरी होता है। पहले PhD करने के लिए ऐसी Exam की व्यवस्था नहीं थी। किन्तु अब इस Exam को Pass करना अनिवार्य होता है। ये Exam आसान नहीं होता है। इसलिए इसे Pass करने के लिए Coaching भी कर सकते हैं।

Step#6:- Entrance Exam क्लियर करे।

जब आप UGC NET Exam को Crack कर लेते हैं। तब आप PhD के Entrance Exam देने के योग्य हो जाते हैं। अब आप जिस College से PhD की पढ़ाई करना चाहते हैं। उस College के Entrance Exam को देना होता है। जिसमें Pass होना जरूरी होता है। Pass होने के बाद आप उस College से PhD की पढ़ाई कर सकते हैं।

लेकिन कुछ College UGC NET के Exam से ही दाखिला देते हैं। वहीं कुछ College Entrance Exam के साथ College स्तर पर Interview भी लेती है।

PhD की तैयारी कैसे करे? (How to prepare for PhD in Hindi)

PhD Degree Course तीन वर्ष के लिए होता है। ले इसे 6 वर्षों तक खींचा जा सकता है। आप जिस भी Subject में Expert बनना चाहते हैं। उस Subject से PhD की पढ़ाई करें। इस पढ़ाई को पूरा करने के बाद आपको PhD की उपाधि प्राप्त होती है। जिसके बाद आप अपने नाम के आगे डॉक्टर (Dr) लगा सकते हैं। नीचे PhD की तैयारी करने के लिए कुछ विशेष बातो को बताया गया है।

  1. PhD अपने Subject में Expert बनने के लिए किया जाता है। इसलिए इस Degree Course के पहले साल से ही मेहनत करना शुरू कर दें।
  2. अपने Teachers और Seniors से हमेशा सलाह लेते रहें। ये लोग आपके हर Doubt पर मदद कर सकते हैं। यानी इस लोगों से आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।
  3. अच्छे वातावरण और अच्छे खानपान वाले College का चुनाव करें। क्योंकि एक बार चुनाव कर लेने के पश्चात आपको तीन साल तक PhD की पढ़ाई वहीं करनी होगी।
  4. UGC NET को Pass करने के लिए पिछले कुछ वर्ष के Paper को देखें और Solve करें। इसके लिए Coaching भी जरूरी होता है।

PhD के बाद क्या करें? (What to do after PhD in Hindi)

  1. PhD एक High Level का Education होता है। इसके बाद कुछ नहीं होता है। यानी आप जिस Subject से पढ़ाई किए थे। उस Subject का आप Expert हैं। अब आप खुद उस Subject पर Research और Analysis कर सकते हैं।
  2. PhD करने के बाद सबसे ज्यादा Professor या Lecturer के तौर पर Job को देखा जाता है।
  3. इसके अलावा आप अपने Subject के अनुसार High Position का Job प्राप्त कर सकते हैं।

PhD के नुकसान (Disadvantage of PhD in Hindi)

PhD करना एक अलग ही Feeling होती है। जब इसकी Degree मिल जाती है। तब यह Feeling और बढ़ जाती है। क्योंकि इसके बाद यदि कोई पूछता है कि आप कहाँ तक पढ़े हैं। तब PhD वाले सीना तान के बोलेंगे की मैने PhD की है। उसी तरह यदि नाम पुछ ले तब अपने नाम में Dr लगा देते हैं। लेकिन इसे करना आसान नहीं होता है। यह एक चुनौतीपूर्ण होता है। इसलिए यहाँ हम PhD के नुकसान को जानेंगे।

  1. लगभग 15 या 16 वर्ष उम्र होने के बाद 10 वीं पास हो पाते हैं। जिसके बाद दो साल Intermediate की पढ़ाई, तीन साल Graduation फिर दो साल Post Graduation तब तक एक व्यक्ति का उम्र 22 या 23 वर्ष हो चुका होता है। जिसके बाद 3 वर्ष के लिए PhD यानी 25 से 26 वर्ष तक PhD Complete होती है। सभी कक्षा को एक ही बार में Pass करने पर भी 25 से 26 साल लग जाते हैं। लेकिन अगर Fail होते हुए यहाँ तक पहुंचते है। तब तो 30 या 35 साल से ज्यादा उम्र हो जाएगा।
  2. PhD करने के उम्र में आप PhD कर रहें होंगे। लेकिन वहीं आपके दोस्त एक अच्छा खासा Job कर रहा होगा।
  3. PhD करने के उम्र में आप PhD कर रहे होंगे। लेकिन आपके दोस्त शादी कर रहा होगा। 😆
  4. PhD करने के उम्र में आप PhD कर रहे होंगे। वहीं आपकी Girlfriend किसी और से शादी कर रही होगी। 😂
  5. यदि आप एक मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। तब आपके परिवार की समस्या बहुत ज्यादा होगी। लेकिन आपको उनकी मदद करने के बजाय PhD कर रहें होंगे।

तो ये थे मेरे अनुसार PhD के कुछ नुकसान। जो एक गरीब परिवार वालो के लिए सबसे ज्यादा गंभीर हो जाता है। इसलिए ये सब को भी एक बार जरूर देख लें।

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Conclusion – PhD Degree in Hindi

इस Post में हमने PhD Degree Course की पूरी जानकारी बताया है। इसमें हमने PhD Degree के अच्छे और बुरे दोनो पहलू को बताया है। जिसमें आपने जाना कि PhD क्या है, PhD के फायदे, PhD के लिए योग्यता, PhD किसी करना चाहिए, PhD का fees, PhD के लिए Admission कैसे कराएं, PhD का तैयारी कैसे करे, PhD के बाद क्या करे और PhD के नुकसान क्या होता है।

हम उम्मीद करते हैं कि यह Post “PhD क्या है” आपको पसंद आया होगा और इससे कुछ नया सीखने को मिला होगा। यदि यह Post पसंद आया है। तब इसे दोस्तों के साथ भी शेयर करें। यदि PhD से संबंधित कोई प्रश्न है। तब नीचे कमेंट बॉक्स से पूछ सकते हैं।

4 thoughts on “PhD क्या है और PhD की पढ़ाई कैसे करे?

  1. बहुत अच्छी जानकारी साझा की है बहुत बहुत धन्यवाद

    1. आपको यह जानकारी अच्छा लगा इसके लिए आभार राजेंद्र जी

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