कंप्यूटर मेमोरी क्या है? इसके प्रकार

आपने मेमोरी का नाम तो सुना ही होगा। प्रत्येक कंप्यूटर उपयोगकर्ता या स्मार्टफोन उपयोगकर्ता इसे जानते होंगे और इसका उपयोग किए होंगे।

लेकिन क्या आपको पता है यह होता क्या है इसका कंप्यूटर में क्या काम होता है तथा कंप्यूटर में कहाँ होता है। अगर नहीं जानते हैं तो यह लेख अवश्य पढ़ें इस लेख में हम कंप्यूटर मेमोरी की पूरी जानकारी जानेंगे।

और अगर आप जानते हैं कि मेमोरी क्या होता है फिर भी एक बार इस लेख को अवश्य पढ़ें। इस लेख में कुछ नया जानने को जरूर मिलेगा।

मेमोरी क्या है?

मेमोरी कंप्यूटर का स्टोरेज डिवाइस होता है। इसमें सूचनाओं, डेटा, कमांड तथा प्रोग्राम इत्यादि को स्टोर किया जाता है।

जिस तरह से एक मनुष्य अपने मष्तिष्क में किसी बात को याद रख सकता है। उसी प्रकार एक कंप्यूटर भी किसी सुचना को अपने स्टोरेज डिवाइस यानी कि मेमोरी में स्टोर करता है। जरूरत पड़ने कंप्यूटर मेमोरी से सुचना को प्राप्त करता है।

यह कंप्यूटर के लिए याददाश्त का कार्य करता है। इसमें कंप्यूटर के सारे कार्य को स्टोर किया जाता है तथा किसी कार्य को करने के लिए सीपीयू इससे ही सुचना प्राप्त करता है।

मेमोरी में स्टोर किया गया प्रत्येक डेटा बाइनरी डिजिट में परिवर्तित हो जाता है। बाइनरी डिजिट यानी 0 और 1 के संयुक्त रुप। संक्षेप में इसे बिट कहते हैं। बिट कंप्यूटर मेमोरी मापने की सबसे छोटी इकाई होती हैं।

8 Bits = 1 Byte
1024 Bytes = 1 KB (Kilobyte)
1024 KB = 1 MB (Megabyte)
1024 MB = 1 GB (Gigabyte)
1024 GB = 1 TB (Terabyte)

मेमोरी के प्रकार

कंप्यूटर मेमोरी विभिन्न प्रकार के होती है। इसे कार्य एवं प्रयोग के आधार पर दो प्रकारों में वर्गीकृत कर सकते हैं।

  1. Primary Memory
  2. Secondary Memory
1. Primary Memory क्या है?

Primary Memory मदरबोर्ड पर स्थित एक प्रकार का चिप होता है। यह कंप्यूटर का प्राथमिक भंडारण इकाई (Primary Storage Unit) कहलाता है। Primary Memory को मुख्य मेमोरी या आंतरिक मेमोरी भी कहते हैं।

Primary Memory मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं।
  1. RAM

RAM का पूरा नाम Random Access Memory होता है। की-बोर्ड, माउस या कंप्यूटर के अन्य किसी इनपुट डिवाइस के द्वारा इनपुट किया गया डेटा सबसे पहले RAM में स्टोर किया जाता है तथा आवश्यकता के अनुसार सीपीयू इससे डेटा प्राप्त करता है। यह कंप्यूटर का अस्थाई मेमोरी होता है। क्योंकि इसमें स्टोर डेटा कंप्यूटर के बंद होने पर नष्ट हो जाता है।

  1. ROM

ROM का पूरा नाम Read Only Memory होता है। इसमें पहले से ही या निर्माण के समय ही प्रोग्राम को स्टोर कर दिया जाता है। इस मेमोरी में स्टोर प्रोग्राम को में परिवर्तन या नष्ट नहीं किया जा सकता है। इसमें स्टोर प्रोग्राम को सिर्फ पढ़ा जा सकता है। इसलिए इस मेमोरी का नाम Read Only Memory है। यह स्थाई मेमोरी होता है। क्योंकि यह नष्ट नहीं होता कंप्यूटर के बंद होने पर भी नष्ट नहीं होता है।

2. Secondary Memory क्या है?

Secondary Memory कंप्यूटर का भाग नहीं होता है। इसे अलग से कंप्यूटर में जोड़ा जाता है। इसमें स्टोर डेटा स्थाई होता है। क्योंकि इसमें स्टोर डेटा कंप्यूटर के बंद होने पर भी नष्ट नहीं होते हैं। आवश्यकता के अनुसार इसमें स्टोर डेटा को पढ़, देख या संशोधित यानी डिलीट भी कर सकते हैं। इसकी स्टोरेज क्षमता अधिक तथा गति धीमी होती है। Secondary Memory के अंतर्गत फ्लॉपी डिस्क, हार्ड डिस्क, मेमोरी कार्ड, ऑप्टिकल डिस्क पेनड्राइव इत्यादि आते हैं।

ये भी पढ़ें:-

  1. कंप्यूटर क्या है? जानें हिंदी में
  2. मदरबोर्ड क्या है? इसका क्या काम होता है।
  3. CPU क्या है? इसका क्या काम होता है।

I hope कि यह लेख आपको पसंद आया होगा और कुछ नया सीखने को मिला होगा। यह लेख आपको कैसा लगा तथा कोई प्रश्न है तो कमेंट के जरिए अपने विचार को शेयर करना ना भूलें। अगर आप हमें कोई सुझाव देना चाहते हैं तो जरूर दें हमें अच्छा लगेगा।

2 thoughts on “कंप्यूटर मेमोरी क्या है? इसके प्रकार

    1. Computer memory is a storage device. To keep it safe, store only the correct and safe data in it.

      That is, before storing any type of data in computer memory, check that the data does not contain any malicious programs like virus.

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