Keyboard क्या है? इसके प्रकार और कार्य

क्या आप भी कंप्यूटर सीख रहे हैं। या फिर सीखना चाहते हैं। तब आपको Computer Keyboard की जानकारी होना चाहिए। यदि आपको Computer Keyboard की जानकारी नहीं है। तब आप इस लेख को पढ़ सकते हैं। इस लेख में आप Keyboard क्या है? इसके प्रकार तथा इसमें उपस्थित कुंजी की जानकारी विस्तार से जानेंगे।

Computer Keyboard की जानकारी प्रत्येक Computer User को होना चाहिए। इसमें उपस्थित सभी कुंजी की भी पूरी जानकारी होना चाहिए। क्योंकि Keyboard कंप्यूटर का एक प्रमुख अंग होता है। जिससे कंप्यूटर को निर्देश दिया जाता है और कंप्यूटर को कंट्रोल किया जाता है।

कंप्यूटर को उपयोग करने के लिए Keyboard एक जरूरी हिस्सा होता है। तो यदि Keyboard की जानकारी आपको नहीं है। तब इस लेख को अंत तक जरूर पढ़िऐगा। तो चलिए पहले जानते हैं कि Computer Keyboard क्या होता है?

Keyboard क्या है? (What is Keyboard in Hindi)

Keyboard कंप्यूटर का एक प्रमुख इनपुट डिवाइस होता है। इसका उपयोग कंप्यूटर को निर्देश (Instructions) देने के लिए किया जाता है। आमतौर पर Keyboard पर उपस्थित अक्षर, नंबर और चिन्ह इत्यादि के कुंजी (Key) द्वारा निर्देश दिया जाता है। यह कंप्यूटर के हार्डवेयर भाग के अंतर्गत आता है। जिसका आकार आयताकार होता है। जिसे हम बहुत आसानी से देख और छू सकते हैं।

Keyboard पर बहुत सारी कुंजीयाँ (Keys) होती है। जिनकी मदद से कंप्यूटर को निर्देश दिया जाता है। जिसमें से कुछ कुंजी (Key) अक्षर के लिए तथा कुछ नंबर और चिन्ह के लिए होता है। वहीं Keyboard पर कुछ विशेष प्रकार की कुंजी (Key) भी होती है। कुल मिलाकर Keyboard में लगभग 104 या 108 कुंजी (Key) होती है।

Keyboard में उपस्थित सभी कुंजी पर अक्षर या चिन्ह उकेरी हुई होती है। जिन्हें दबाने पर कंप्यूटर में वहीं अक्षर, नंबर या चिन्ह टाइप हो जाता है। जो Keyboard के उस कुंजी पर उकेरी हुई होती है। Keyboard का उपयोग ही कंप्यूटर को Text के रुप में निर्देश देने के लिए होता है। किन्तु इसे Mouse की तरह भी उपयोग किया जा सकता है।

Computer Keyboard एक बहुक्रियात्मक उपकरण है। जिससे कंप्यूटर में न सिर्फ Text लिख सकते हैं। बल्कि कंप्यूटर को पूरी तरह से कंट्रोल भी कर सकते हैं। इसके लिए Keyboard को कंप्यूटर से Connect करना होता है। Keyboard को कंप्यूटर से Connect करने के लिए पहले से ही एक विशेष Port बनाया गया होता है। लेकिन आजकल USB Keyboard भी आते हैं। जिसे USB Port में लगाकर कंप्यूटर से Connect किया जाता है।

Keyboard का Full Form

क्या आप जानते हैं कि Keyboard का पूरा नाम क्या होता है। जी हाँ! Keyboard का भी Full Form होता है। क्या आपको इससे पहले पता था क्या?

Keyboard के पूरा नाम Keys Electronics Yet Board Operating A to Z Response Directly होता है।

  • K – Keys
  • E – Electronics
  • Y – Yet
  • B – Board
  • O – Operating
  • A – A to Z
  • R – Response
  • D – Directly

Computer Keyboard की बनावट

एक Computer Keyboard में बहुत सारी कुंजीयाँ (Keys) होती है। जिसे अलग अलग देशों ने अपनी भाषा और लिपि के अनुसार सजाया है। जिसे Keyboard Layout कहते हैं। इसकी वजह से आज मार्केट में विभिन्न Layout के Computer Keyboard उपलब्ध है।

इनके Layout के कारण Keyboard के बनावट आकार या प्रकार तय होता है। Computer Keyboard को मुख्य रूप से दो Layout में बांट सकते हैं।

1. QWERTY Keyboard

QWERTY Keyboard कंप्यूटर या लैपटॉप में सबसे अधिक उपयोग होने वाला Keyboard Layout है। यहाँ तक कि स्मार्टफोन और टेबलेट में भी QWERTY Keyboard का ही डिफॉल्ट रुप से इस्तेमाल होता है। यह सबसे पॉपुलर Keyboard Layout है।

इस Layout का नाम QWERTY इसलिए है। क्योंकि इस Keyboard के पहले 6 Alphabet Q, W, E, R, T और Y होते हैं। जिसे आप Alphabet वाले Keys के पहले Line में देख सकते हैं।

QWERTY Layout पर आधारित अन्य Keyboard Layout

  1. AZERTY
  2. QWERTZ
  3. QZERTY

2. Non-QWERTY Keyboard

Non-QWERTY Keyboard QWERTY Keyboard Layout पर आधारित नहीं होता है। यदि आपका काम कंप्यूटर पर अधिक होता है। और Alphabet से जल्दी जल्दी काम करना होता है। तब आपके लिए Non-QWERTY Keyboard अच्छा होगा। क्योंकि इसे Fast Typing के लिए बनाया ही गया है। इससे हाथ और अँगुली में खिंचाव कम होता है। जिससे अधिक टाइपिंग करने के बाद भी हाथ या अंगुली दर्द नहीं करते हैं।

Non-QWERTY Keyboard पर आधारित अन्य Keyboard Layout

  1. DVORAK
  2. WORKMAN
  3. COLEMAK

Keyboard के प्रकार (Types of Computer Keyboard in Hindi)

1. Normal Keyboard

साधारणतः कंप्यूटर में जिस Keyboard का उपयोग किया जाता है। वो Normal Keyboard ही होता है। इस Keyboard में लगभग 108 कुंजी होती है। इसे कंप्यूटर से कनेक्ट करने के लिए Cable को सीपीयू में कनेक्ट करना होता है। इस तरह के Keyboard को Wired Keyboard भी कहा जाता है। क्योंकि इसे Wire के द्वारा कंप्यूटर से कनेक्ट किया जाता है। यह Keyboard सबसे ज्यादा उपयोग भी किया जाता है। क्योंकि यह दुसरे Keyboard के मुकाबले सस्ता होता है।

2. Wireless Keyboard

बिना Wire वाले Keyboard को Wireless Keyboard कहा जाता है। इसे USB Recever के द्वारा कंप्यूटर से कनेक्ट किया जाता है। यह Normal Keyboard के मुकाबले अधिक महंगा होता है।

3. Ergonomic Keyboard

Ergonomic Keyboard विशेष प्रकार से Designed Keyboard होता है। इसे इस तरह Design किया गया होता है कि इससे Typing करने में आसानी होती है। जिससे अधिक Typing करने के बाद भी हाथ और अंगुली में होने वाले दर्द को कम करता है।

Computer Keyboard के इतिहास (History of Keyboard in Hindi)

आज जो Computer Keyboard है। वो शुरुआत में ऐसा बिल्कुल भी नहीं था। टाइपराइटर, टेलीप्रिंटर्स और कीपंच जैसे अविष्कार को ही Keyboard का शुरुआती फॉर्म मान सकते हैं। टाइपराइटर को तो Computer Keyboard का पूर्वज भी माना जाता है। टाइपराइटर को तो आप सभी लोग जानते ही होंगे।

पहला व्यवहारिक टाइपराइटर वर्ष 1868 में Christopher Soles के द्वारा विकसित किया गया था। टाइप-राइटर शब्द भी इन्होंने ही दिया था। टाइप-राइटर का Layout समान्य ABCD की तरह था। जिससे लिखना मुश्किल होता था। इसमें गलतियाँ भी अधिक होता था।

जिसके बाद टाइप-राइटर ने QWERTY Layout को पेश किया। जिसका उपयोग आज भी आधुनिक Computer Keyboard पर किया जाता है।

Computer Keyboard काम कैसे करता है?

Keyboard कंप्यूटर का एक प्रमुख Hardware Device है। जिसके पास खुद का Processor और सर्किट होता है। सर्किट Keyboard के पूरे Keys से मिलकर एक जालीदार सर्किट बनाते हैं। जिसे Key Matrix कहते हैं। इसके मदद से User द्वारा दबाए गए Keys की जानकारी Keyboard के Processor तक पहुंचता है।

इसके लिए प्रत्येक Keys के नीचे के सर्किट को तोड़ दिया जाता है। जहाँ एक Switch भी लगा होता है। यह Switch Keyboard के Keys के दबने के कारण टूटे सर्किट को जोड़ देता है। जब Keyboard के Keys को दबाया जाता है। तब सर्किट में हल्का सा विधुत का बहाव होता है। जिससे सर्किट में झनझनाहट (Vibration) उत्पन्न होता है।

इससे Keyboard के Processor को पूर्ण सर्किट का पता चलता है। तब कंप्यूटर के ROM में Character Chart बनता है और कंप्यूटर के Processor को बताता है कि Keyboard से कौन से Keys को दबाया गया है।

इसी प्रकार हमारा Keyboard काम करता है और कंप्यूटर को इसी तरह पता चलता है कि कौन से Keys को दबाया गया है।

Keyboard के कार्य

Keyboard का क्या कार्य है? यह एक समान्य प्रश्न है। जिसका जवाब लगभग सभी Computer User को पता होगा। क्योंकि कंप्यूटर का इस्तेमाल करने के लिए Keyboard का उपयोग करना बेहद जरूरी होता है। आपने यह तो ऊपर समझ लिया होगा कि Keyboard एक Input Device है। जो कि कंप्यूटर में डेटा को Input करने के लिए प्रयोग किया जाता है। जैसे;

  1. कंप्यूटर में शब्द लिखने के लिए यानी Document पर कुछ लिखने में,
  2. कंप्यूटर पर Number लिखने के लिए जैसे Calculation का प्रयोग करते वक्त Number लिखने में,
  3. Document में Symbol का प्रयोग करने के लिए, इत्यादि।

Keyboard का उपयोग Mouse के रुप में भी किया जाता है। जैसे; Cursor को ऊपर, नीचे और दाएं बाएं करने के लिए। Computer Keyboard के इन सभी कार्य को करने के लिए Keyboard में 100 से भी अधिक Keys होते है। जिसे बहुत सारे लोग Button भी कहते हैं। इन सभी Keys (Button) का कार्य अलग अलग होता है। जिसे आप नीचे विस्तार से जानेंगे।

Keyboard के Keys की जानकारी

एक Normal Keyboard में लगभग 104 या 108 Keys (Button) होते हैं। जिसमें से प्रत्येक Keys का अपना अलग कार्य होता है। वहीं कुछ Keys का प्रयोग दुसरे Keys के साथ किया जाता है। इसमें तीन Indicator Light भी होता है। Keyboard में प्रत्येक Keys को कार्य के अनुसार 6 प्रकार में बांट सकते हैं।

Keyboard Keys के प्रकार
  1. Function Keys
  2. Typing Keys
  3. Navigation Keys
  4. Numeric Keys
  5. Indicator Light
  6. Special Purpose Keys

1. Function Keys

Keyboard के सबसे ऊपर वाले Row में उपस्थित 12 कुंजी (Key) को Function Keys कहते हैं। यह F1 से शुरू होकर F12 तक होता है। प्रत्येक Function Keys को बार बार किये जाने वाले कार्यो के लिए प्रोग्राम किया होता है। ताकि समय की बचत हो सके। जो इस प्रकार है:-

F1Open Help Center
F2Rename Files Or Folders
F3Open Search In Browser Or Windows
Alt+F4Shutdown Or Restart Computer
F5Refresh
F6Volume Down
F7Volume Up
F8Start Safe Mode
F9Reduce Screen Brightness
F10Increase Screen Brightness
F11Open Or Close Full Screen Mode
F12Save As
Function Key के कार्य

2. Typing Keys

Typing Keys में Alphabetical और Numerical दोनो तरह के Keys होते हैं। इसलिए इसे Alphanumerical Keys भी कहते हैं। Computer Keyboard में 26 Keys Alphabetical होते हैं। जिसमें Alphabet के 26 Letter (A to Z) होते हैं। जिसका उपयोग कर कंप्यूटर में कोई भी Text लिख सकते हैं। Numerical Keys का प्रयोग Number या अंक लिखने के लिए किया जाता है। जिसमें 0 से 9 तक के अंक होते हैं। Typing Keys में Punctuation Marks और Symbol भी शामिल होते हैं। Typing करते वक्त इन Typing Keys का उपयोग सबसे अधिक होता है।

3. Navigation Keys

Navigation Keys का प्रयोग कंप्यूटर स्क्रीन पर कर्सर (Cursor) को कहीं भी ले जाने के लिए किया जाता है। ये 4 Keys होते हैं। जिसमें चारों भिन्न-भिन्न दिशाओं में कर्सर को ले जाने में उपयोग होता है। जिसे समझने के लिए Arrow (तीर) के निशान से दर्शाया होता है। इसलिए इसे Arrow Keys भी कहते हैं। इसमें कर्सर को नियंत्रित करने के लिए Arrow Keys के अलावा Home Keys, End Keys, Insert Keys, Delete Keys, Page Up और Page Down Keys होता है।

4. Numeric Keys

एक Normal Keyboard में Numeric Keys Keyboard के Right Side में होता है। इसका उपयोग Number या अंक Type करने में होता है। यह Calculator के समान होता है। इसपर 0 से 9 तक अंक तथा जोड़, घटाव, गुणा और भाग जैसी Calculator के Symbol होते हैं। इसलिए इसे Calculator Keys भी कहते हैं।

5. Indicator Light

Computer Keyboard में तीन तरह के Light होते हैं। जिसे Indicator Light कहा जाता है। Keyboard पर उपस्थित तीनों Light में से पहला Light Numerical Keys के On/OFF का संकेत देती है। वहीं दुसरा Light Uppercase और Lowercase का संकेत तथा तीसरा Light Scrolling के बारे में संकेत देती है।

6. Special Purpose Keys

Special Purpose Keys का उपयोग विशेष कार्यों को करने के लिए प्रोग्राम किया गया होता है। बहुत सारे Special Purpose Key एक Normal Keyboard पर होता है। इसमें से अधिकांश Keys का उपयोग किसी दुसरे Keys के साथ करते हैं। चलिए सभी Special Purpose Key को विस्तार से जानते हैं।

1. Caps Lock Key

Caps Lock Key एक टॉगल बटन है। टॉगल बटन कहने का मतलब है कि इसे एक बार दबाने पर यह सक्रिय होता है और इसे पुनः दबाने पर निष्क्रिय हो जाता है। इसे सक्रिय करने पर Keyboard के Alphabetical Keys, Capital Letter में लिखाता है। जिसे कंप्यूटर में Upper case बोला जाता है। इसे निष्क्रिय कर के लिखने पर Alphabetical Keys, Small Letter में लिखाता है। जिसे कंप्यूटर में Lower case बोला जाता है। Keyboard के Indicator Light का दुसरा Light इसी का संकेत देती है।

2. Num Lock Key

Num Lock Key भी एक टॉगल बटन है। इसे सक्रिय करने से Keyboard के ऊपरी Numeric Keys सक्रिय होता है। Indicator Light का पहला Light इसी का संकेत देती है।

3. Shift Key

Shift Key एक संयोजन बटन है। संयोजन बटन कहने का मतलब है कि इस बटन का उपयोग किसी और बटन के साथ करते हैं। आपने Computer Keyboard के बहुत सारे बटन पर दो Character अंकित देखा होगा है। तब ऐसे बटन के ऊपर वाले Character को कंप्यूटर पर लिखने के लिए Shift Key के साथ उस बटन का प्रयोग करते हैं। जैसे; Keyboard के 2 अंक वाले बटन के ऊपर @ है। अतः @ को कंप्यूटर पर लिखने के लिए Shift Key के साथ 2 अंक वाले बटन को दबाना होगा। इसके साथ इसका उपयोग Alphabetical Keys को Uppercase और Lowercase में भी लिखने के लिए होता है। जैसे; Shift Key के साथ किसी Alphabetical Keys को दबाने पर वह Uppercase में कंप्यूटर पर लिखाएगा। वहीं अगर Caps Lock Key को सक्रिय कर Shift Key के साथ किसी Alphabetical Keys को दबाने पर कंप्यूटर में वह Letter Lowercase में लिखाएगा। Numerical Keys पर अंकित Directional Arrow का इस्तेमाल करने के लिए भी Shift Keys के साथ प्रयोग किया जाता है। एक कंप्यूटर कीबोर्ड में दो Shift Key होते हैं।

4. Enter Key

कंप्यूटर में किसी भी कार्य को पूरा करने या निष्पादित करने के लिए Enter Key का प्रयोग किया जाता है। किसी Document या Text लिखते वक्त नये Paragraph के लिए इसका उपयोग होता है। Enter Key भी कंप्यूटर के दो स्थानों पर होते हैं।

5. Tab Key

Tab Key, Tabulator Key का संक्षिप्त नाम है। यह कर्सर को एक जगह से दूसरे जगह यानी एक Tab से दुसरे Tab में ले जाता है।

6. Esc Key

Esc Key, Escape Keys का संक्षिप्त नाम है। इस बटन को Cancel बटन के समतुल्य समझा जाता है। क्योंकि इसके प्रयोग से चल रहे PowerPoint में Slide Show रुक जाता है। Load हो रहे Webpage रुक जाता है। Webpage पर चल रहे Animation रुक जाता है। लेकिन इसका प्रयोग Ctrl Keys के साथ करने पर Start Menu खुलता है।

7. Space Bar

Space Bar का उपयोग Text के बीच में जगह (Space) डालने के लिए किया जाता है।

8. Back Space Key

Back Space Key का उपयोग किसी Documents में या अक्षर, चिन्ह में कर्सर के ठीक बायीं ओर के जगह को मिटाने के लिए किया जाता है।

9. Delete Key

Delete Key का उपयोग किसी Document में या किसी अक्षर, चिन्ह में कर्सर के ठीक दायीं ओर के जगह को मिटाने (Delete) के लिए किया जाता है। इससे Select जगह को भी मिटाया जा सकता है।

10. Ctrl Key

Ctrl Key, Control Key का संक्षिप्त नाम है। इसे भी एक संयोजन बटन कहते हैं। इसे किसी और बटन के साथ दबाने पर विशेष कार्य करता है। जैसे; Ctrl Key के साथ C दबाने से Copy होता है। Ctrl Key विभिन्न सॉफ्टवेयर के साथ अपना कार्य बदलते रहते हैं। Ctrl Key भी Keyboard दो जगह होते हैं।

11. Print Screen Key

Print Screen Key का उपयोग कंप्यूटर पर प्रदर्शित Screen का Screenshort लेने के लिए किया जाता है।

12. Scroll Lock Key

Scroll Lock Key कंप्यूटर पर चल रहे प्रोग्राम या Text को अस्थायी रुप में एक ही स्थान पर रोक देता है। पुनः पहले जैसा करने के लिए फिर से इस बटन को दबाना होता है।

13. Pause Key

Pause Key ऊपर Scroll Lock Key के पास स्थित होता है। यह बटन चल रहे प्रोग्राम को अस्थायी तौर पर रोक देता है। जिसे पुनः पहले जैसा करने के लिए किसी भी बटन को दबा सकते हैं। गेम खेलते वक्त गेम को बीच में रोकने के लिए इसी Pause बटन का उपयोग होता है।

14. Modifier Key

Modifier Key कंप्यूटर Keyboard का एक विशेष बटन होता है। जो दुसरे बटन के साथ प्रयोग होता है और दुसरे बटन के कार्य को रुपांतरित करता है। जैसे; Alt बटन को F4 बटन के साथ प्रयोग करने से Windows को Shutdown और Restart करता है। इसमें Alt Modifier Key है। जो F4 के कार्य को रुपांतरित कर दिया।

कुछ Modifier Key निम्न है।

  1. Alt Key
  2. Shift Key
  3. Ctrl Key

Computer Keyboard से संबंधित प्रश्न और उनके उत्तर

1. कीबोर्ड का अविष्कार कब हुआ?

टाइपराइटर का अविष्कार वर्ष 1868 में हुआ था। कीबोर्ड टाइपराइटर में परिवर्तन कर या विकसित कर के बनाया गया है।

2. कीबोर्ड का अविष्कार किसने किया या खोज किसने किया?

टाइपराइटर का अविष्कार Christopher Soles ने किया था। बाद में टाइपराइटर को विकसित कर कीबोर्ड बनाया गया।

3. कीबोर्ड किस प्रकार का डिवाइस है?

कीबोर्ड इनपुट डिवाइस है।

4. कीबोर्ड को हिंदी में क्या कहते हैं?

कीबोर्ड को हिंदी में कुंजीपटल कहते हैं।

5. कंप्यूटर कीबोर्ड का पूरा नाम क्या है?

कंप्यूटर कीबोर्ड का पूरा नाम Keys Electronics Yet Board Operating A to Z Response Directly होता है।

6. कंप्यूटर में कीबोर्ड का क्या काम है?

कंप्यूटर में कीबोर्ड का काम इनपुट करना होता है।

7. कंप्यूटर कीबोर्ड में कितने Arrow बटन होते हैं?

कंप्यूटर कीबोर्ड में 4 Arrow बटन होते हैं। जिसे Navigation Keys कहते हैं।

8. Ctrl, Shift और Alt को क्या कहते हैं?

Ctrl, Shift और Alt को मोडिफायर कुंजी कहते हैं।

9. कंप्यूटर के कीबोर्ड में कितने बटन होते हैं?

एक समान्य कंप्यूटर कीबोर्ड में 104 या 108 होते हैं।

10. कीबोर्ड में Function Button की संख्या कितनी है?

कंप्यूटर कीबोर्ड में Function Button की संख्या 12 है। यह F1 से लेकर F12 तक होता है।

इसे भी पढ़ें:-

  1. कंप्यूटर क्या है?
  2. हार्डवेयर क्या है?
  3. सॉफ्टवेयर क्या है?
  4. ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है?

आपने क्या सीखा?

इस लेख में Computer Keyboard की बहुत सी जानकारी बताया गया है। जैसे; Keyboard क्या है, Keyboard के इतिहास, Keyboard के प्रकार, कार्य और Computer Keyboard के Keys की पूरी जानकारी दिया गया है।

उम्मीद करता हूँ कि यह लेख आप लोगों को पसंद आया होगा। और आप यहाँ जिस प्रश्न के साथ आए थे उसका जवाब मिल गया होगा। अगर यहा लेख आपको पसंद आया है। तब इसे WhatsApp और Facebook के जरिए अपने दोस्तों के साथ शेयर करें।

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