C++ Programming Language क्या है? इसके विशेषता और इतिहास

आज के इस Post में C++ Programming Language की बात करने वाले हैं। जिसमें C++ Programming Language क्या है और इसे कैसे सीख सकते हैं बताया गया है। यदि आप एक Programmer बनना चाहते हैं। तब आपको C++ Programming Language को सीख लेना चाहिए। वैसे C Programming को शुरुआती Programming Language के रुप में सीखा जाता है।

C++ Programming भी C Programming Language पर आधारित है। यह C Programming का उन्नत रुप होता है। इसलिए आप चाहे तो C Programming Language के बाद C++ Programming Language को सीख सकते हैं। या फिर आप C++ से शुरू भी कर सकते हैं। C++ भी एक Popular Programming Language है। जिसका इस्तेमाल अभी भी Windows, Linux और Mac इत्यादि OS पर किया जाता है।

लेकिन क्या आपको पता है कि C++ क्या है और इसके विशेषता क्या है। C++ को कब और क्यों बनाया गया था। इसके बनाने का क्या उद्देश्य था। अगर ये सब आप नहीं जानते हैं तब इस Post को जरुर पढ़ें। क्योंकि C++ Programming Language को सीखने से पहले यह जानना जरूरी है कि C++ Programming Language क्या है? इसके विशेषता क्या है और इसे सीखने के बाद क्या क्या किया जा सकता है।

C++ Programming Language क्या है? (What is C++ Programming in Hindi)

C++ एक Middle Level Programming Language है। क्योंकि यह High Level और Low Level दोनो Programming Language को Support या दोनो का संयोजन है। इसका Program Structured Programming होता है। जिसका अर्थ है कि C++ Programming Language के Program को विभिन्न हिस्सो में विभाजित कर बनाया जा सकता है।

C++ Programming को Bjarne Stroustrup के द्वारा 1979 में बनाया गया था। यह Object Oriented Programming Language (OOP) है। Bjarne Stroustrup का C++ Programming Language बनाने का मुख्य उद्देश्य C Programming Language में Object Oriented को जोड़ना था। इस Programming Language में Object Oriented के सभी गुण होते हैं। इसमें Object Oriented का उपयोग करने के लिए Classes बनाया गया। जिसे User Defined Data कहा जाता है।

C++ का उच्चारण C Plus Plus से होता है। यह Language C Programming से उत्पन्न हुआ है। इसलिए इसके Syntax C Programming के समान होता है। जिसके कारण C Programming सीख कर C++ Programming सीखना आसान होता है। इसके साथ यह C Programming की तरह Portable भी होता है। जिसका अर्थ होता है कि किसी खास Operating System के लिए लिखे गए Program के Source Code अन्य Operating System पर भी चल सकता है।

C++ Programming Language का इतिहास (History of C++ in Hindi)

वर्ष 1979 में Bjarne Stroustrup नामक कंप्यूटर वैज्ञानिक ने C++ Language बनाया था। जब इसे बनाया गया था तब इसका नाम C with Class था। क्योंकि इसे C Programming Language को संबोधित और कुछ नये Features जोड़कर बनाया गया था। इसके बनाने का मुख्य उद्देश्य Object Oriented Programming (OOP) को शामिल करना था। लेकिन इसमें भी कुछ Limitations देखने को मिला।

जिसके कारण इसे वर्ष 1983 में संबोधित कर इसका नाम C++ कर दिया गया। इसका पहला संस्करण 1985 में आया था। जिसके बाद यह बहुत अधिक Popular हुआ और आज भी है। आज भी Popular Programming के List में C और C++ Programming Language आता है। इसका ज्यादातर इस्तेमाल बड़े Computer Software, Drivers आदि बनाने में किया जाता है। इसके साथ इसे Computer Hardware और Server के लिए भी उपयोग किया जाता है।

C++ Programming Language के विशेषता

C++ Programming Language Simple होने के साथ Powerful और Object Oriented है। इस Programming Language के निम्नलिखित विशेषताएं बताया गया है।

  1. C++ का प्रमुख विशेषता है कि यह Object Oriented Programming Language है।
  2. C++ Structured Programming Language है। जिसके कारण इसमें Program लिखना आसान होता है।
  3. C++ एक Simple Programming Language है। जिसके कारण इसे सीखना आसान होता है।
  4. C Language Middle Level का Programming Language है।
  5. C Programming Language Independent और Portable Programming Language है। जो कि इसे एक बेहतर Programming Language बनाता है।
  6. C++ Language Compiler आधारित Programming है।
  7. C++ Case Sensitive Programming Language है। जिसके कारण इसमें LowerCase और UpperCase Word एक जैसे व्यवहार नहीं करते हैं।
  8. C++ एक Fast Compiler Based Programming Language है।

C++ Language में Program कैसे लिखें?

क्या आप जानते हैं कि C++ Programming Language में Program कैसे लिखा जाता है। इसे कहाँ लिखा जाता है यानी किस Software में लिखा जाता है। इसके Program को Run कैसे किया जाता है। यहाँ हम इन्हीं कुछ महत्वपूर्ण स्टेप्स को जानने वाले हैं। C++ Programming Language लिखने के लिए एक Compiler की आवश्यकता होती है। जो Program को Run कर सके। उस Compiler में हम C++ Programming के Sample के रुप में C++ Language का एक छोटा सा Program भी देखेंगे। तो चलिए जानते हैं C++ Programming लिखने के Steps को।

Step#1:- सबसे पहले Turbo C/C++ को कंप्यूटर में Download करे।

Step#2:- Turbo C/C++ को Download करने के बाद इसे कंप्यूटर में Install करे।

Step#3:- Turbo C/C++ कंप्यूटर में Install करने के बाद इसे Open कर के C++ Programming Language का Program लिख सकते हैं। Sample के लिए इसके Hello World Program नीचे दे रहे हैं।

#include <iostream.h>

main ()
{
cout<<"Hello World!";
return 0;
}

Step#4:- Turbo C/C++ में Program लिखने के बाद इसे .cpp Extension से Save कर के Compile कर सकते हैं। जिसके बाद Program को Run करना होता है। यदि Program में सबकुछ ठीक रहता है। तब Program का Output प्राप्त होगा।

जरुर पढ़ें:-

  1. Python क्या है?
  2. JavaScript क्या है?
  3. C Language क्या है?

आपने क्या सीखा?

इस Post में हमने C++ Programming Language की पूरी जानकारी देने की कोशिश की है। जिसमें आपने जाना की C++ Programming Language क्या है, C++ Programming Language का इतिहास, C++ Programming के विशेषता और C++ Programming Language कैसे सीख सकते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि यह Post आपको पसंद आया होगा और आपके प्रश्नों का Answer मिल गया होगा।

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