C Programming Language क्या है और इसे कैसे सीखें?

इस Post में दुनिया की सबसे पुरानी और पॉपुलर Computer Programming Language C की बात करने वाले हैं। बहुत सारे लोगों को C Language क्या है और C Programming Language कैसे सीखें को लेकर के मन में बहुत सारे प्रश्न उठते हैं। जो कि इस Post में सभी प्रश्नों के जवाब मिलेंगे। यदि आप एक बढ़िया Software Engineer अथवा Software Developer बनना चाहते हैं। लेकिन कहाँ से शुरू करें इसकी जानकारी नहीं है। तब आप C Programming Language से शुरुआत कर सकते हैं।

C Programming Language को शुरुआती Programming Language की तरह देखा जाता है। बहुत सारे Developers C Language से ही शुरू करते हैं। क्योंकि यह Popular तो है ही इसके साथ यह दुसरे Advanced Programming Language का मूल Language है। जिसका अर्थ है कि यदि C Programming Language को आप अच्छी तरह से सीख जाते हैं। तब आपके लिए दुसरे कई Advanced Language को सीखना आसान हो जाता है। यदि आप किसी Software Engineer या Software Developers से शुरुआती भाषा के लिए सलाह लेंगे।

यानी सबसे पहले किस भाषा को सीखें। तब वह आपको आपके कार्य के अनुसार Programming Language सीखने की सलाह दे सकता है। लेकिन आप क्यों सीखना चाहते हैं। यानी Programming Language सीखकर आप क्या करेंगे। यह पता ना हो तब वह आपको Simply C Language सीखने को कह सकता है। C Language एक Powerful Programming Language है। तो चलिए जानते C Language से जुड़ी जानकारी। जैसे; C Language क्या है, C Language कैसे सीखे और इसका उपयोग यानी इसे सीखने के बाद इससे क्या किया जा (कार्य) सकता है।

C Programming Language क्या है? (What is C Programming in Hindi)

C एक General Purpose और High Level Programming Language है। जिसका उपयोग विभिन्न प्रकार के Software और Applications बनाने में होता है। लेकिन इसका ज्यादातर इस्तेमाल System Software और Firmware बनाने में किया जाता है। Microsoft Windows, Linux, Unix आदि में भी इसका उपयोग किया गया था। इसे विकसित ही Unix Operating System को Develop करने के लिए किया गया था। यह दुसरे Programming Language के मुकाबले Fast और आसान होता है।

C Programming Language 45 साल से अधिक पुराना होने के बावजूद भी सबसे अधिक Popular, Flexible, Easy और Simple होता है। इसे Structured Programming Language भी कहा जाता है। इसके कारण इसे समझने और संबोधित करने में आसानी होती है। C Language में लिखे गए Program Portable होते हैंं। जिसके कारण Source Code का प्रयोग दुसरे Operating System में किया जा सकता है।

आज जितने भी Advanced Programming Language है। जैसे; Java, .NET, PHP, Visual Basic, JavaScript इत्यादि ये सभी C Programming Language पर आधारित है। जिसका मतलब है कि C Programming Language को सीखने के बाद इन Advance Programming Language को सीखना आसान होगा। C Programming Language को लिखने और Run करने के लिए Turbo C/C++ नामक Compiler की जरुरत होती है।

यह Compiler Translator का कार्य करता है। जो C Programming Language के Code को Object Code में बदल देता है। जिसमें Program के Errors (त्रुटि) को भी चेक किया जाता है। C Programming Language को Dennis Ritchie के द्वारा 1972 में विकसित किया गया था। चलिए C Programming के पूरी इतिहास को देखते हैं।

C Programming Language का इतिहास (History of C Programming in Hindi)

Martin Rechard नामक एक व्यक्ति ने 1966 में उस Time के पहले के Programming को Combine कर के एक Programming Language बनाया। जिसका नाम BCPL था। BCPL का पूरा नाम Basic Combine Programming Language होता है। लेकिन BCPL में कुछ कमियाँ थी। जिसके बाद Martin Rechard के साथ काम करने वाले एक व्यक्ति जिनका नाम Ken Thompson था।

इन्होंने BCPL Programming Language को 1969 में सुधार कर B Programming Language बनाया था। दरअसल Ken Thompson, B Programming से एक Operating System बनाना चाहते थे। लेकिन इसमें भी कुछ खामियाँ थी। किन्तु यह एक Open Source था। जिसके कारण Dennis Ritchie ने इसे 1972 में संशोधित कर C Programming Language को बनाया। जिससे Unix Operating System को बनाया गया था।

C Programming Language को भी संशोधित कर C++ Programming Language बनाया गया था। किंतु C Language का उपयोग अभी भी किया जाता है।

C Programming Language के विशेषता

  1. C Programming Language Popular, Easy, Flexible, Simple और Powerful होता है।
  2. C Programming Language को सीखने के पश्चात अन्य Programming सीखने में आसानी होती है। क्योंकि इसे अन्य Programming का जननी कहा जाता है।
  3. C Programming Language भी सीखना आसान होता है। क्योंकि इसमें अंग्रेजी के सरल अक्षर का प्रयोग किया जाता है।
  1. C Programming Language में Keywords की संख्या कम होती है। इसके Standard Version में Keywords की संख्या 32 है। जिसके कारण इसे याद रखने में भी आसानी होती है।
  2. C Programming Language में Program लिखने के लिए छोटे छोटे Keyword या अक्षर का किया जाता है। इसके कारण भी इसे याद रखना आसान होता है।
  3. C Programming Language एक Fast Programming है। जिसके कारण इसके Program को Execute होने में कम समय लगता है।
  4. C Programming को बहुत से Platform में Compile किया जा सकता है।
  5. C Programming में High Level के साथ Low Level का Programming भी किया जाता है। जिसके कारण इसे Middle Level का Programming भी कहा जाता है।

C Programming Language का उपयोग

C Programming Language का उपयोग विभिन्न प्रकार के Software और Applications के निर्माण में होता है। शुरूआत में इसे सिर्फ Unix Operating System के लिए बनाया गया था। किन्तु इसके विशेषताओं को देखते हुए System Development संबंधित कार्य में भी इसका उपयोग होने लगा। Unix के अलावा Windows और Linux Operating System जैसे Popular System Software में भी इसका इस्तेमाल किया गया है।

इसके विशेषताओं के कारण ही आज भी यह Popular Programming के List में आता है। इसका उपयोग इसके विशेषता के अनुसार बहुत सारे कार्यों में किया जाता है। जैसे;

  1. Operating System
  2. Compiler
  3. Database
  4. System Software
  5. Application Software
  6. Device Drivers
  7. Assembler
  8. Utilities, इत्यादि।

C Language कैसे सीखें? (Learn C Language in Hindi)

यहाँ इस Post में हमने C Language क्या है और इसके विशेषताओं को भी बताया है। अगर अब आप भी इस Programming Language को सीखना चाहते हैं। तब इसे सीखने के लिए शुरू कर सकते हैं। आज कुछ भी सीखने के लिए बहुत से Resources उपलब्ध है। इसलिए आपको सबसे पहले यह तय करना है कि आप किस तरह C Language को सीखना चाहते हैं। मेरे ख्याल से Online सबसे Best है या फिर किसी Institute से।

Online भी बहुत सारे तरीके हैं। आप YouTube या किसी अन्य वेबसाइट से सीख सकते हैं। यहाँ आपको Free और Paid दोनो तरह के C Language के Courses मिल जाएंगे। जिसके साथ आप Books की सहायता भी ले सकते हैं। लेकिन यहाँ आपको अच्छे से Guide करने के लिए Teachers हमेशा उपलब्ध नहीं रहेंगे। इसलिए किसी Institute से सीखना अच्छा हो सकता है। C Language कैसे सीखें इसके लिए अधिक जानकारी या फिर C Language सिखाने वाली Website पता करने के लिए इस लेख को पढ़ें:

C Programming Language में Program कैसे लिखें?

क्या आपको पता है कि C Programming Language में Program कैसे लिखा जाता है। कहाँ लिखा जाता है और Program को Run कैसे किया जाता है। यहाँ हम इन्हीं कुछ महत्वपूर्ण स्टेप्स को जानेंगे। C Programming Language लिखने के लिए एक Compiler की आवश्यकता होती है। जो Program को Run कर सके। इसमें हम C Programming के Sample के रुप में एक छोटा सा Program भी देखेंगे। तो चलिए जानते हैं C Programming लिखने के Steps को।

Step#1:- सबसे पहले Turbo C/C++ Download किजिये।

Step#2:- Turbo C/C++ को Download करने के बाद कंप्यूटर Install किजिये।

Step#3:- Turbo C/C++ Application को Open किजिये।

Step#4:- Turbo C/C++ में C Programming Language के Hello World! का Program लिखिए। Hello World! का Program नीचे दिया गया है।

#Include <stdio.h>
int main()
{
Printf("Hello World!");
return 0;
}

Step#5:- Program को Compile किजिये। जिसके बाद उस Program को Run किजिये। सब कुछ सही रहने पर Program Run हो जाएगा और Output दिखा देगा।

बस कुछ इसी Process के साथ किसी भी तरह का C Language में Program लिख सकते हैं।

आपने क्या सीखा?

इस Post में हमने C Programming Language की पूरी जानकारी देने की कोशिश की है। जिसमें हमने C Programming Language क्या है, C Programming Language का इतिहास, C Programming Language का विशेषता, C Programming Language का उपयोग, C Programming Language कैसे सीखे और इसका एक Sample Code बताया है। हम उम्मीद करते हैं कि यह Post आपको पसंद आया होगा और कुछ नया सीखने को मिला होगा।

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